रामसू वायाडक्ट और एटी-03 सुरंग पूर्ण: 3 जुलाई से खुलेगा NH-44 का नया सुरक्षित मार्ग
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 1 जुलाई 2026 को रंबन जिले में रामसू के निकट 810 मीटर लंबे वायाडक्ट और डिगडोल–पंथयाल को जोड़ने वाली 3.5 किलोमीटर लंबी एटी-03 सुरंग के निर्माण कार्य के पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार प्रकट किया। दोनों परियोजनाएँ 3 जुलाई 2026 से यातायात के लिए खोले जाने की योजना है।
मुख्य घटनाक्रम
उपराज्यपाल सिन्हा ने इन परियोजनाओं को जम्मू-कश्मीर के सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र की राजमार्ग एवं संपर्क व्यवस्था में तीव्र गति से सुधार हो रहा है।
एटी-03 साउथ बाउंड टनल का निर्माण सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगभग ₹846 करोड़ की लागत से किया गया है। यह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
अमरनाथ यात्रा 2026 पर असर
उपराज्यपाल ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यह अवसंरचना श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। नई सुरंग और वायाडक्ट के चालू होने से 'खूनी नाला' और पंथयाल जैसे भूस्खलन-प्रवण खतरनाक मार्गों को दरकिनार कर एक सुरक्षित, तेज़ और हर मौसम में उपयोग योग्य वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
गौरतलब है कि रंबन-रामबन क्षेत्र में मानसून के दौरान भूस्खलन के कारण NH-44 पर यातायात बाधित होना एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है, जिससे कश्मीर घाटी की जम्मू से कनेक्टिविटी प्रभावित होती थी।
आम जनता पर असर
यह परियोजना स्थानीय निवासियों, पर्यटकों, मालवाहक वाहनों और सुरक्षा बलों — सभी के लिए यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाएगी। एटी-03 सुरंग यात्रा समय को उल्लेखनीय रूप से कम करेगी और ट्रैफिक को सुचारू रूप से प्रवाहित करने में सहायक होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में सड़क संपर्क को रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में विकसित कर रही है, और NH-44 कॉरिडोर पर एक के बाद एक अवसंरचना परियोजनाएँ पूर्ण की जा रही हैं।
परियोजना की तकनीकी विशेषताएँ
रामसू वायाडक्ट की लंबाई 810 मीटर है और यह रंबन जिले में NH-44 पर एक महत्त्वपूर्ण संरचनात्मक कड़ी है। एटी-03 सुरंग 3.5 किलोमीटर लंबी है और डिगडोल को पंथयाल से सीधे जोड़ती है। ₹846 करोड़ की लागत से निर्मित यह सुरंग भारत के सबसे व्यस्त और रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील सड़क कॉरिडोर में से एक पर निर्मित हुई है।
क्या होगा आगे
3 जुलाई 2026 से दोनों परियोजनाओं को यातायात के लिए खोले जाने की योजना है, जो अमरनाथ यात्रा के चरम सीज़न से ठीक पहले है। अधिकारियों के अनुसार, इससे तीर्थयात्रियों को भूस्खलन-प्रवण मार्गों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और यात्रा अधिक सुरक्षित व नियमित होगी।