जमशेदपुर में ₹734 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े में ईडी ने कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल और बेटे को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 अक्टूबर 2026 को ₹734 करोड़ के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में जमशेदपुर के कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया। ईडी की टीम ने बुधवार देर रात जमशेदपुर, आदित्यपुर, गम्हरिया और कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद दोनों को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों की चिकित्सकीय जाँच कराई गई और उन्हें रांची लाया गया, जहाँ उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया जाना है।
आरोपों की प्रकृति
ईडी के अनुसार, इस मामले में फर्जी बिलों के ज़रिए वास्तविक खरीद-बिक्री के बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने का आरोप है। एजेंसी का कहना है कि कथित तौर पर फर्जी कंपनियों और कागजी कारोबार के माध्यम से बड़े पैमाने पर आईटीसी का दुरुपयोग किया गया। यह पूरी कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है।
छापेमारी में क्या मिला
बुधवार की छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने ज्ञानचंद जायसवाल के परिसरों के अलावा उनके ऑडिटर संजय पारेख और अन्य संबंधित व्यक्तियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली। जाँच दल ने कारोबारी दस्तावेज, जीएसटी-संबंधित रिकॉर्ड, बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन के कागजात तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े धन के प्रवाह की विस्तृत जाँच कर रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
इस मामले की शुरुआती जाँच जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई), जमशेदपुर ने की थी, जिसमें फर्जी कंपनियों और फर्जी चालानों के ज़रिए आईटीसी लेने का मामला सामने आया था। झारखंड उच्च न्यायालय के 2024 के एक आदेश के अनुसार, ज्ञानचंद जायसवाल को जून 2024 में जीएसटी कानून के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जीएसटी चोरी के खिलाफ देशभर में कड़ी कार्रवाई तेज कर रही है।
पूर्व कार्रवाइयाँ और व्यापक जाँच
ईडी ने 2025 में भी इस मामले से जुड़े जमशेदपुर और कोलकाता के कुछ अन्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। गौरतलब है कि यह नेटवर्क कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से संचालित होने का संदेह है। जाँच एजेंसी अब ज्ञानचंद जायसवाल और राज जायसवाल से पूछताछ कर कथित फर्जी जीएसटी लेन-देन और उससे जुड़े धन के प्रवाह की जानकारी जुटाने में लगी है।
आगे की कार्यवाही
दोनों गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार, 2 अक्टूबर 2026 को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ ईडी उनकी हिरासत की माँग कर सकती है। मामले में जाँच का दायरा बढ़ने की संभावना है, क्योंकि एजेंसी के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़ी कई और कंपनियाँ और फर्जी लेन-देन अभी जाँच के दायरे में हैं।