माजुली में जन औषधि केंद्र का उद्घाटन: 2,100 से अधिक जेनेरिक दवाएं 90% छूट पर उपलब्ध
सारांश
मुख्य बातें
असम के माजुली स्थित श्रीश्री पीतांबर देव गोस्वामी जिला अस्पताल परिसर में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJP) के तहत एक नए जन औषधि केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस केंद्र पर 2,100 से अधिक जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड विकल्पों की तुलना में 50% से 90% तक की छूट पर मिलेंगी, जिससे द्वीपीय ज़िले के हज़ारों निवासियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह और मुख्य अतिथि
माजुली के विधायक भुबन गम ने केंद्र का उद्घाटन किया। समारोह में जिला अस्पताल के डॉक्टर, नर्स, अन्य स्वास्थ्यकर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। विधायक गम ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे इस केंद्र का भरपूर लाभ उठाएं और अपने परिजनों को भी इसके बारे में जागरूक करें।
केंद्र में क्या मिलेगा
कार्यक्रम के संयुक्त निदेशक डॉ. किशोर कुमार कमान ने बताया कि इस केंद्र पर 2,100 से अधिक विभिन्न जेनेरिक दवाइयाँ उपलब्ध होंगी। PMBJP के राष्ट्रीय उत्पाद सूची में 2,110 दवाएं और 315 सर्जिकल एवं चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण-रोधी, एलर्जी-रोधी, पेट संबंधी बीमारियों की दवाएं और न्यूट्रास्यूटिकल्स तक के सभी प्रमुख उपचार वर्ग आते हैं।
आम जनता पर असर
माजुली ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित एक द्वीपीय ज़िला है, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण रही है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में महंगी दवाओं का बोझ परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ता है। जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को उल्लेखनीय राहत मिलने की संभावना है।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत 30 जुलाई 2026 तक देशभर में 20,149 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। गौरतलब है कि पिछले 12 वर्षों में इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों की लगभग ₹45,000 करोड़ की बचत होने का सरकारी अनुमान है। माजुली का यह नया केंद्र इसी राष्ट्रव्यापी नेटवर्क की एक कड़ी है।
आगे की राह
स्थानीय निवासियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने इस पहल का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूरदराज़ के ज़िलों में इस तरह के केंद्र खुलने से न केवल दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि नकली या घटिया दवाओं की बिक्री पर भी अंकुश लगेगा। माजुली जैसे द्वीपीय क्षेत्रों में इस केंद्र की दीर्घकालिक सफलता आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता पर निर्भर करेगी।