16 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 का प्रथम चरण पूर्ण, 7 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना में दर्ज कराई जानकारी

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मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 का प्रथम चरण पूर्ण, 7 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना में दर्ज कराई जानकारी

सारांश

मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 का पहला पड़ाव पूरा हो गया — 55 जिलों और 54,923 गाँवों में 1.44 लाख प्रगणकों ने घर-घर दस्तक दी। 7 लाख परिवारों की स्व-गणना भागीदारी डिजिटल जनगणना की नई मिसाल बन रही है। द्वितीय चरण फरवरी 2027 में होगा।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 का प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) 31 मई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न।
अभियान 55 जिलों , 425 नगरीय निकायों , 449 तहसीलों और 54,923 ग्रामों में संचालित हुआ।
1 लाख 44 हजार से अधिक प्रगणकों-पर्यवेक्षकों ने कार्य किया; 15 हजार रिज़र्व में तैनात।
16 से 30 अप्रैल के बीच 7 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना में ऑनलाइन भाग लिया।
पूरी प्रक्रिया डिजिटल — 33 प्रश्नों की जानकारी मोबाइल एप से एकत्रित, पोर्टल से निगरानी।
द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में आयोजित होगा।

मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं गणना का फील्ड कार्य 31 मई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 1 मई से शुरू हुए इस अभियान में राज्य के हर गाँव और शहरी क्षेत्र में प्रगणकों ने घर-घर जाकर परिवारों से निर्धारित जानकारी संकलित की। यह जनगणना प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल माध्यमों पर आधारित रही, जो इसे पिछले सभी जनगणना अभियानों से अलग बनाती है।

अभियान का विस्तार और कार्यप्रणाली

सचिव गृह एवं नोडल अधिकारी जनगणना कार्य शिल्पा गुप्ता ने बताया कि यह अभियान 55 जिलों, 425 नगरीय निकायों, 449 तहसीलों और 54,923 ग्रामों में संचालित किया गया। 1 लाख 44 हजार से अधिक प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने मकान सूचीकरण ब्लॉकों में कार्य किया, जबकि लगभग 15 हजार अतिरिक्त कर्मचारी रिज़र्व के रूप में तैनात रहे।

भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के माध्यम से मकानों की स्थिति, मूलभूत सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों की जानकारी मोबाइल एप के ज़रिए डिजिटल रूप से एकत्रित की गई। फील्ड कार्य की निरंतर निगरानी पोर्टल के माध्यम से की गई, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हुई।

स्व-गणना में नागरिक सहभागिता

प्रथम चरण के फील्ड कार्य से पूर्व 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलाई गई। इस दौरान प्रदेश के 7 लाख से अधिक परिवारों ने स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कराई। यह नागरिक सहभागिता का उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है, विशेषकर तब जब डिजिटल साक्षरता के मामले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर अभी भी बना हुआ है।

डेटा गोपनीयता और उपयोग

संकलित सभी व्यक्तिगत जानकारियाँ जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रहेंगी। इन आँकड़ों का उपयोग केवल नीति-निर्माण, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किया जाएगा। भारत सरकार संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित समय पर आँकड़े सार्वजनिक करेगी।

द्वितीय चरण की तैयारी

जनगणना 2027 का द्वितीय चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें परिवारों के सभी सदस्यों की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्रित की जाएगी। निदेशक जनगणना कार्य मध्य प्रदेश संजीव श्रीवास्तव एवं शिल्पा गुप्ता ने प्रथम चरण के सफल संचालन पर नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि द्वितीय चरण में भी प्रदेशवासियों का इसी प्रकार सहयोग मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी आँकड़ों की गुणवत्ता होगी — न कि महज़ भागीदारी के आँकड़े। 7 लाख परिवारों की स्व-गणना प्रभावशाली लगती है, पर यह राज्य की कुल आबादी के अनुपात में अभी भी सीमित है। गौरतलब है कि भारत की पिछली जनगणना 2011 में हुई थी — डेढ़ दशक के अंतराल के बाद आ रहे ये आँकड़े नीति-निर्माण के लिए निर्णायक होंगे। सवाल यह है कि डिजिटल माध्यम से एकत्रित डेटा में ग्रामीण और वंचित तबकों की पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो पाई या नहीं — यह द्वितीय चरण में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 का प्रथम चरण क्या था?
प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 31 मई 2026 तक संपन्न हुआ। इसमें 55 जिलों और 54,923 ग्रामों में प्रगणकों ने घर-घर जाकर 33 निर्धारित प्रश्नों के आधार पर जानकारी डिजिटल रूप से एकत्रित की।
स्व-गणना क्या होती है और कितने परिवारों ने भाग लिया?
स्व-गणना वह प्रक्रिया है जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करते हैं। मध्य प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच 7 लाख से अधिक परिवारों ने इस प्रक्रिया में स्वेच्छा से भाग लिया।
जनगणना 2027 का द्वितीय चरण कब होगा?
द्वितीय चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा। इसमें परिवारों के सभी सदस्यों की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्रित की जाएगी।
जनगणना में एकत्रित व्यक्तिगत जानकारी कितनी सुरक्षित है?
संकलित सभी व्यक्तिगत जानकारियाँ जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के तहत पूर्णतः गोपनीय रहेंगी। इनका उपयोग केवल नीति-निर्माण और विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा, न कि किसी व्यक्ति की पहचान के लिए।
मध्य प्रदेश में जनगणना अभियान में कितने कर्मचारी लगाए गए?
राज्यभर में 1 लाख 44 हजार से अधिक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मकान सूचीकरण कार्य में लगाए गए। इसके अतिरिक्त लगभग 15 हजार कर्मचारी रिज़र्व के रूप में तैनात किए गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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