उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए तैयारी में तेजी, 10 अप्रैल तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में भारत की जनगणना-2027 के पहले चरण की तैयारियों में तेजी आई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि मकान सूचीकरण और गणना से संबंधित सभी प्रारंभिक कार्य 10 अप्रैल तक हर हाल में पूरे किए जाने चाहिए।
बैठक में भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी मौजूद रहे और उन्होंने जनगणना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में लगभग 5.5 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जानी है, इसके लिए उनका सत्यापित और अद्यतन डिजिटल डेटाबेस निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार किया जाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से घनी शहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों और गतिशील आबादी वाले इलाकों में सटीक और पूर्ण गणना सुनिश्चित करने पर बल दिया। सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को 16 अप्रैल से 7 मई के बीच अनिवार्य और गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण से संबंधित सभी व्यवस्थाएं जैसे कक्ष, प्रोजेक्टर, जलपान और उपस्थिति शासनादेश के अनुसार सुनिश्चित की जानी चाहिए और यह प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी की जाए।
गोयल ने कहा कि गणना ब्लॉकों का सीमांकन स्पष्ट और त्रुटिरहित होना आवश्यक है। इसके लिए तकनीकी सहायकों की भर्ती शीघ्र की जाए ताकि जियो-टैगिंग और सीमांकन कार्य को मजबूत किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना में आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश में स्व-गणना पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक सक्रिय रहेगा, जिसके जरिए नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा निर्धारित करते हैं और यह विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इस कार्य को जन-जन की भागीदारी से जोड़ते हुए इसे जन-अभियान के रूप में संचालित किया जाए, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिसमें डेटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होंगी। बैठक में निदेशक जनगणना शीतल वर्मा ने प्रस्तुति देते हुए बताया कि पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा।