जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सुधार में देरी: अमीन पटेल ने CM फडणवीस को लिखा पत्र, छात्रों के दाखिले पर मांगा तत्काल हल
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने 29 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) आयुक्त को पत्र लिखकर जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों में मामूली संशोधन की प्रक्रिया में हो रही अत्यधिक देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने माँग की कि इस देरी के चलते स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने वाले छात्रों की शिक्षा बाधित न हो। इसके अलावा उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), नीट पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट और भाजपा सांसद कंगना रनौत के विवादित बयान पर भी तीखे सवाल उठाए।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सुधार: क्या है समस्या
अमीन पटेल ने बताया कि नाम या स्पेलिंग जैसी मामूली त्रुटियों को ठीक कराने में कई महीने लग रहे हैं। इस देरी का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ रहा है जो शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए इन दस्तावेज़ों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि पहले BMC अधिकारियों के साथ बैठक की गई, लेकिन समाधान नहीं निकला, इसलिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखना पड़ा।
पटेल ने सुझाव दिया कि जिन अभिभावकों ने प्रमाणपत्र सुधार के लिए आवेदन कर दिया है, उनसे शपथपत्र लेकर बच्चों का दाखिला तत्काल कराया जाए। बाद में जब BMC संशोधित प्रमाणपत्र जारी करे, तब उसे संबंधित शिक्षण संस्थान में जमा कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रमाणपत्र सुधार लंबित होने के कारण किसी बच्चे को शिक्षा से वंचित करना न तो उचित है और न ही स्वीकार्य।
एसआईआर पर उठाए सवाल, अंतिम तिथि बढ़ाने की माँग
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पटेल ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में इमारतें पुनर्विकास के अंतर्गत हैं। इन इमारतों के निवासी अस्थायी रूप से अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, लेकिन बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) उनके फॉर्म स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं।
उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नगर आयुक्त और जिला कलेक्टर को पत्र लिखे हैं। पटेल ने माँग की कि 2002 और 2024 की मतदाता सूची में दर्ज नामों को भी SIR में शामिल किया जाए। साथ ही SIR की अंतिम तिथि 8 अगस्त से बढ़ाकर 30 अगस्त की जाए, क्योंकि लगातार बारिश, शहरी बाधाओं, युवा आंदोलनों और वारकरी समाज की यात्रा के कारण लोगों को पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा।
कंगना रनौत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद कंगना रनौत के जेनजी पर दिए गए बयान पर अमीन पटेल ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान देने वाले व्यक्ति की मानसिक स्थिति की जाँच होनी चाहिए और उनकी पार्टी को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, देश का युवा पहले ही पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान है और ऐसे समय में युवाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन: सरकार पर सवाल
नीट पेपर लीक मामले में CBI द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने पर पटेल ने कहा कि पिछले वर्षों में हुई पेपर लीक घटनाओं में दोषियों को प्रभावी सजा नहीं मिल सकी है। कई मामलों में गिरफ्तारियाँ देर से हुईं और आरोपियों को बाद में जमानत भी मिल गई। आलोचकों का कहना है कि सरकार नए कानून और घोषणाएँ तो करती है, लेकिन पिछला रिकॉर्ड बताता है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई।
उन्होंने यह भी माँग की कि देशभर में छात्र आंदोलनों से जुड़े सभी मुकदमे वापस लिए जाएँ। जिन राज्यों में छात्रों पर कार्रवाई हुई है, वहाँ की सरकारों को छात्रों से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी के खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधि के ठोस प्रमाण हों, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है और दाखिले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में BMC और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि हजारों छात्रों की शैक्षणिक राह कितनी सुगम होती है।