26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या जीतन राम मांझी ने नई दिल्ली में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जीतन राम मांझी ने नई दिल्ली में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन किया?

सारांश

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नई दिल्ली में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम कारीगरों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक अनूठा मंच प्रदान करता है। इस प्रदर्शनी में 117 से अधिक कारीगरों की भागीदारी शामिल है, जो भारतीय शिल्प कौशल की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है।

मुख्य बातें

पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
117 से अधिक कारीगरों ने इस हाट में भाग लिया।
इस योजना के तहत कारीगरों को कई प्रकार के फायदे मिलते हैं।
भारतीय संस्कृति और शिल्प कौशल को बढ़ावा देने का प्रयास।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को राजधानी में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे वंचित और गरीब वर्ग के कारीगरों और शिल्पकारों के लिए हस्तशिल्प उत्पादों के रूप में अपनी प्रतिभा और क्षमता दिखाने का एक मंच बताया।

इस अवसर पर एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों, कारीगरों और अन्य हितधारकों के साथ इराक और रवांडा के राजदूत भी मौजूद थे।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के साथ प्रदर्शनी में कई स्टॉलों का दौरा किया और भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में इस सेक्टर की अहम भूमिका पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा हाट गांव के कारीगरों को अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए एक कीमती प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।

शोभा करंदलाजे ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा हाट के प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 117 से ज्यादा कारीगरों की भागीदारी देखना सच में हौसला बढ़ाने वाला है।

दिल्ली हाट में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026, जो 18 से 31 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है, भारत की शिल्प कौशल की समृद्ध परंपरा को बड़े उत्साह और शानदार तरीके से मना रहा है। यह प्रदर्शनी रोजाना सुबह 10.30 बजे से रात 10 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।

मांझी ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा, "पीएम विश्वकर्मा गांव के कारीगरों को अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए एक प्लेटफॉर्म देता है, और यह एक सराहनीय प्रयास है।"

उन्होंने 'विश्वकर्मा' के महत्व को समझाया और इस योजना के पीछे की सोच की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी के सफल और गतिशील नेतृत्व में यह योजना देश के हर विश्वकर्मा को बाजारों तक पहुंचने और देश के विकास में योगदान देने के लिए एक प्लेटफॉर्म दे रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा, "पीएम विश्वकर्मा हाट के प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 117 से ज्यादा कारीगरों की भागीदारी देखना सच में हौसला बढ़ाने वाला है।"

खास बात यह है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना कारीगरों को कई तरह के फायदे देती है, जिसमें पीएम विश्वकर्मा पहचान पत्र और सर्टिफिकेट जारी करना, रोजाना 500 रुपए के स्टाइपेंड के साथ स्किल ट्रेनिंग, और 15,000 रुपए तक का टूलकिट इंसेंटिव शामिल है।

लाभार्थी 3 लाख रुपए तक के बिना गारंटी वाले लोन के साथ-साथ डिजिटल लेनदेन अपनाने के लिए इंसेंटिव के भी हकदार हैं। यह योजना प्रोडक्ट ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स को सक्षम बनाने सहित मार्केटिंग सहायता के जरिए कारीगरों को और भी सपोर्ट करती है।

एमएसएमई मंत्रालय के सचिव एससीएल दास ने पीएम विश्वकर्मा को एक महत्वपूर्ण पहल बताया और कहा कि विश्वकर्माओं की समृद्ध और विविध क्षमता सही मायने में 'विरासत से विकास' के विजन को दिखाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे विश्वकर्मा इस योजना के तहत अपनी पारंपरिक विशेषज्ञता को कुशलता से आगे बढ़ा रहे हैं।

एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने कहा कि विश्वकर्मा भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के इंजन हैं। उन्होंने इस योजना के फायदों के बारे में विस्तार से बताया और समझाया कि यह कारीगरों के लिए बेहतर मार्केटिंग के मौके कैसे पैदा कर रही है।

हाट के दौरान बिहार और राजस्थान की थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक नृत्य भी पेश किए गए, जिससे माहौल में जान आ गई और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ वे अपनी कला को प्रदर्शित कर सकते हैं। जीतन राम मांझी और शोभा करंदलाजे जैसे मंत्री इसकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल न केवल कारीगरों को आर्थिक मदद प्रदान करती है, बल्कि भारतीय संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 कब आयोजित हो रहा है?
यह प्रदर्शनी 18 से 31 जनवरी तक आयोजित की जा रही है।
इस हाट में कितने कारीगरों की भागीदारी है?
इस हाट में 117 से अधिक कारीगरों की भागीदारी है।
इस योजना के तहत कारीगरों को क्या लाभ मिलते हैं?
कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा पहचान पत्र , स्किल ट्रेनिंग, और 15,000 रुपए तक का टूलकिट इंसेंटिव मिलता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले