2 नवंबर 2026
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जेफरी सैक्स ने अदाणी समूह को सराहा, वाराणसी संगोष्ठी में बताया भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रमुख चालक

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जेफरी सैक्स ने अदाणी समूह को सराहा, वाराणसी संगोष्ठी में बताया भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रमुख चालक

सारांश

विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने वाराणसी की एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में अदाणी समूह को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का अग्रणी बल बताया। साथ ही उन्होंने AI तकनीक के व्यावसायिक दोहन और उसके सामाजिक जोखिमों के बीच बढ़ते अंतर्विरोध पर कड़ी चेतावनी भी दी।

मुख्य बातें

प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने 2 नवंबर 2026 को वाराणसी में आयोजित विश्व संगोष्ठी में अदाणी समूह को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रमुख प्रेरक बल बताया।
सैक्स ने कहा कि बड़े पारिवारिक उद्योग समूहों की जिम्मेदारी केवल व्यावसायिक लाभ तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को वापस लौटाने की भी है।
यूनिलीवर के पूर्व CEO पॉल पोलमैन का उदाहरण देते हुए उन्होंने शेयरधारक दबाव बनाम सामाजिक उत्तरदायित्व के टकराव को रेखांकित किया।
AI कंपनी एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई द्वारा खतरों की चेतावनी और साथ ही IPO की दिशा में बढ़ने को सैक्स ने विरोधाभासी बताया।
उन्होंने आर्थिक विकास, सामाजिक जिम्मेदारी और तकनीकी नवाचार के बीच संतुलन को सतत विकास की अनिवार्य शर्त बताया।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के निदेशक प्रोफेसर जेफरी डी. सैक्स ने 2 नवंबर 2026 को वाराणसी में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय विश्व संगोष्ठी में अदाणी समूह और उसकी सामाजिक संस्था अदाणी फाउंडेशन के कार्यों की प्रशंसा की। विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री सैक्स ने समूह को भारत में बुनियादी ढाँचे के विकास और सतत प्रगति का एक प्रमुख प्रेरक बल बताया।

संगोष्ठी में क्या कहा सैक्स ने

'आधुनिक चुनौतियों के लिए प्राचीन ज्ञान' विषयक विश्व संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में प्रोफेसर सैक्स ने अपने संबोधन में कहा, 'देश की इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास यात्रा में समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आर्थिक प्रगति को गति देने में उसका योगदान उल्लेखनीय है।' उन्होंने अदाणी समूह को भारत में बदलाव, प्रगति और बुनियादी ढाँचा विकास के प्रमुख प्रेरक बलों में से एक स्वीकार किया।

सैक्स ने यह भी रेखांकित किया कि बड़े पारिवारिक उद्योग समूह केवल व्यावसायिक इकाइयाँ नहीं होते — वे परिवार के मूल्यों, विरासत और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोझ भी उठाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमों को इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि वे उन समुदायों को क्या लौटा रहे हैं जिनके बीच वे काम करते हैं।

कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर

कॉरपोरेट प्रशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की चर्चा करते हुए सैक्स ने यूनिलीवर के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल पोलमैन का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, पोलमैन ने यूनिलीवर को सामाजिक रूप से जिम्मेदार कंपनी बनाने का प्रयास किया, किंतु उन्हें उन निवेशकों और शेयरधारकों के विरोध का सामना करना पड़ा जो केवल वित्तीय लाभ को प्राथमिकता देते थे।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ESG (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन) मानकों को लेकर बहस तेज हो रही है और कई बड़े निगम दीर्घकालिक सामाजिक दायित्व बनाम अल्पकालिक शेयरधारक लाभ के द्वंद्व से जूझ रहे हैं।

एआई के जोखिमों पर चेतावनी

प्रोफेसर सैक्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तीव्र विस्तार पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अमेरिकी AI कंपनी एंथ्रोपिक का उदाहरण दिया — एक ओर उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोदेई AI तकनीक के संभावित गंभीर खतरों को लेकर सार्वजनिक रूप से चेतावनी देते हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनी एक बड़े प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की दिशा में आगे बढ़ रही है।

सैक्स ने स्पष्ट कहा कि व्यावसायिक अवसरों की तलाश के साथ-साथ तकनीकी जोखिमों और उनके सामाजिक प्रभावों पर समान गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि AI नियमन को लेकर भारत सहित दुनिया भर की सरकारें नीतिगत ढाँचा तैयार करने में जुटी हैं।

सतत विकास पर समग्र दृष्टि

अपने संबोधन के समापन में सैक्स ने कहा कि आज दुनिया जिन जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है — चाहे वह आर्थिक असमानता हो, जलवायु संकट हो या तकनीकी व्यवधान — उनसे निपटने के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और तकनीकी नवाचार के बीच संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है।

उनका मत था कि सतत विकास तभी साकार होगा जब उद्योग, सरकारें और समाज मिलकर दीर्घकालिक हितों को प्राथमिकता दें — न कि केवल तात्कालिक मुनाफे को। यह संगोष्ठी भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं और आधुनिक विकास चुनौतियों के बीच सेतु निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि वाराणसी में व्यक्त किए गए सिद्धांत जमीन पर किस हद तक उतरते हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेफरी सैक्स ने अदाणी समूह के बारे में क्या कहा?
प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने अदाणी समूह को भारत में बदलाव, प्रगति और बुनियादी ढाँचा विकास के प्रमुख प्रेरक बलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि समूह देश की इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वाराणसी में कौन-सी संगोष्ठी आयोजित हुई थी?
'आधुनिक चुनौतियों के लिए प्राचीन ज्ञान' विषय पर 2 नवंबर 2026 को वाराणसी में एक अंतरराष्ट्रीय विश्व संगोष्ठी आयोजित की गई। इसी संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में प्रोफेसर सैक्स ने अपना संबोधन दिया।
सैक्स ने एआई को लेकर क्या चिंता जताई?
प्रोफेसर सैक्स ने कहा कि AI कंपनियाँ एक ओर तकनीक के गंभीर खतरों की चेतावनी देती हैं और दूसरी ओर व्यावसायिक विस्तार में जुटी रहती हैं — जो एक गहरा अंतर्विरोध है। उन्होंने एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीकी जोखिमों और सामाजिक प्रभावों पर व्यावसायिक महत्वाकांक्षाओं से अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
सैक्स ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर क्या कहा?
सैक्स ने पॉल पोलमैन का उदाहरण देते हुए कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी को व्यवसाय के केंद्र में रखना कठिन है क्योंकि शेयरधारक अक्सर केवल वित्तीय लाभ को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े पारिवारिक उद्योग समूहों को उन समुदायों के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए जिनके बीच वे काम करते हैं।
सतत विकास पर सैक्स का मुख्य संदेश क्या था?
प्रोफेसर सैक्स ने कहा कि सतत विकास तभी संभव है जब उद्योग, सरकारें और समाज मिलकर दीर्घकालिक हितों को प्राथमिकता दें। आर्थिक विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और तकनीकी नवाचार के बीच संतुलन को उन्होंने आज के दौर की अनिवार्य आवश्यकता बताया।
राष्ट्र प्रेस
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