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झारखंड में 720 नई एंबुलेंस खरीदेगी सरकार, एक माह में टेंडर पूरा करने का निर्देश

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झारखंड में 720 नई एंबुलेंस खरीदेगी सरकार, एक माह में टेंडर पूरा करने का निर्देश

सारांश

झारखंड सरकार ने 720 नई एंबुलेंस खरीदने का फैसला किया है — जिसमें ALS, BLS और PTV तीनों श्रेणियाँ शामिल हैं। जर्जर वाहनों के कारण ग्रामीण PHC-CHC से रेफरल में आ रही दिक्कतें इस निर्णय की असली वजह हैं। एक माह में टेंडर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य बातें

झारखंड सरकार 720 नई एंबुलेंस खरीदेगी — 20 ALS , 270 BLS और 400 PTV ।
निविदा प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
NHM प्रत्येक PTV के संचालन के लिए प्रतिमाह ₹50,000 प्रदान करेगा।
ALS और BLS की उपयोग अवधि साढ़े छह वर्ष या 1.50 लाख किमी ; PTV की पाँच वर्ष या एक लाख किमी ।
निर्णय अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में 24 जुलाई को हुई बैठक में लिया गया।
PTV को CHC और PHC स्तर पर तैनात किया जाएगा ताकि ग्रामीण मरीजों को समय पर रेफरल मिल सके।

झारखंड सरकार ने राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 720 नई एंबुलेंस खरीदने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस खरीद की निविदा प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। यह फैसला 24 जुलाई को विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में रांची में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।

कितनी और किस श्रेणी की एंबुलेंस खरीदी जाएंगी

बैठक में एंबुलेंस खरीद की श्रेणीवार रूपरेखा तय की गई। पहले से स्वीकृत 30 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया यथावत जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त 20 नई ALS, 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (PTV) खरीदे जाएंगे। इस प्रकार कुल 720 नई एंबुलेंस राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में जोड़ी जाएंगी।

ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की जर्जर व्यवस्था बनी प्रमुख वजह

बैठक में यह तथ्य सामने आया कि पूर्व में खरीदी गई तथा विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध कराई गई अनेक एंबुलेंस अब जर्जर हो चुकी हैं। इसके चलते विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) से मरीजों को रेफरल अस्पतालों तक पहुँचाने में गंभीर कठिनाइयाँ आ रही हैं। 400 PTV की खरीद का निर्णय इसी समस्या के समाधान के रूप में लिया गया है। इन वाहनों को CHC और PHC स्तर पर तैनात किया जाएगा, और इनका संचालन संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से करेंगे।

संचालन व्यवस्था और वित्तीय प्रावधान

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) प्रत्येक PTV के संचालन के लिए प्रतिमाह ₹50,000 उपलब्ध कराएगा। ALS एंबुलेंस सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में तैनात की जाएंगी, जिनका प्रबंधन संबंधित अस्पताल प्रशासन करेगा। BLS एंबुलेंस का संचालन चयनित एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा। बैठक में एंबुलेंस की उपयोग अवधि भी निर्धारित की गई — ALS और BLS के लिए अधिकतम साढ़े छह वर्ष अथवा 1.50 लाख किलोमीटर, तथा PTV के लिए पाँच वर्ष अथवा एक लाख किलोमीटर

तकनीकी मानक और अधिकारियों को निर्देश

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ALS एंबुलेंस निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार की जाएं और उनमें सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण सुनिश्चित किए जाएं। बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, NHM मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कदम झारखंड के ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को बेहतर बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है, बशर्ते निविदा और तैनाती की समयसीमा का पालन हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। राज्य में पहले भी एंबुलेंस योजनाएँ शुरू हुई हैं, मगर रखरखाव के अभाव में वाहन जर्जर होते रहे — यही समस्या अब नई खरीद की वजह बन रही है। जब तक उपयोग अवधि के बाद प्रतिस्थापन और नियमित रखरखाव का स्थायी तंत्र नहीं बनता, यह चक्र दोहराने का जोखिम बना रहेगा। एक माह की टेंडर समयसीमा महत्वाकांक्षी है — इसके पालन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड सरकार कितनी और किस प्रकार की एंबुलेंस खरीदेगी?
झारखंड सरकार कुल 720 नई एंबुलेंस खरीदेगी, जिनमें 20 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS), 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (PTV) शामिल हैं। इसके अलावा पहले से स्वीकृत 30 ALS एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया भी जारी रहेगी।
झारखंड में नई एंबुलेंस खरीदने का निर्णय क्यों लिया गया?
पूर्व में खरीदी गई तथा विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध कराई गई अनेक एंबुलेंस जर्जर हो चुकी हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के CHC और PHC से मरीजों को रेफरल अस्पतालों तक पहुँचाने में गंभीर कठिनाइयाँ आ रही थीं, जिसके समाधान के लिए यह निर्णय लिया गया।
PTV एंबुलेंस का संचालन कैसे होगा और इसके लिए धन कहाँ से आएगा?
PTV का संचालन संबंधित CHC और PHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कराएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) प्रत्येक वाहन के संचालन के लिए प्रतिमाह ₹50,000 उपलब्ध कराएगा।
इन एंबुलेंस की उपयोग अवधि कितनी तय की गई है?
ALS और BLS एंबुलेंस की अधिकतम उपयोग अवधि साढ़े छह वर्ष अथवा 1.50 लाख किलोमीटर निर्धारित की गई है। PTV के लिए यह सीमा पाँच वर्ष अथवा एक लाख किलोमीटर रखी गई है।
टेंडर प्रक्रिया कब तक पूरी होने की उम्मीद है?
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 24 जुलाई को हुई बैठक में एंबुलेंस खरीद की निविदा प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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