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क्या झारखंड में सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच होगी?

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क्या झारखंड में सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच होगी?

सारांश

रांची में आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि हांसदा का यह एनकाउंटर पुलिस की साजिश है। क्या इससे आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा होगी? जानिए इस मुद्दे पर और क्या चल रहा है झारखंड में।

मुख्य बातें

झारखंड में आदिवासी नेता सूर्या हांसदा का एनकाउंटर हुआ।
भाजपा ने सीबीआई जांच की मांग की है।
आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई जा रही है।
सरकार पर आरोप लगे हैं कि वह आदिवासी हितों की अनदेखी कर रही है।
रांची में प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं।

रांची, 11 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के एनकाउंटर की सीबीआई जांच और रांची में प्रस्तावित रिम्स-टू अस्पताल के स्थानांतरण की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया।

राजधानी रांची में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में एक आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च जिला स्कूल से शुरू होकर शहीद चौक और कचहरी रोड होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचा। इसमें विधायक सीपी. सिंह, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि गोड्डा पुलिस ने आदिवासी नेता सूर्या हांसदा का फर्जी एनकाउंटर किया। उन्होंने कहा कि हांसदा भ्रष्ट अधिकारियों और माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाते थे, इसीलिए उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक देकर मार दिया गया और बाद में गोली मारकर एनकाउंटर का रूप दिया गया।

उन्होंने कहा, "घटना स्थल पर खून का एक धब्बा भी नहीं मिला, यह स्पष्ट करता है कि पहले हत्या की गई और बाद में शव वहां फेंका गया। इस प्रकरण की सच्चाई केवल सीबीआई जांच से ही सामने आ सकती है।"

बाबूलाल मरांडी ने सूर्या हांसदा को समाजसेवी बताते हुए कहा कि वे कई बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे और अपने घर में 250 से अधिक गरीब आदिवासी बच्चों की पढ़ाई और आवास-भोजन का इंतजाम करते थे।

रांची के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-टू मेडिकल कॉलेज का विरोध करते हुए मरांडी ने कहा कि सरकार खेती योग्य भूमि को जबरन अधिग्रहित कर रही है, जबकि राज्य में पर्याप्त बंजर भूमि उपलब्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी हितों की दुहाई देने वाली हेमंत सरकार में सबसे ज्यादा आदिवासी अधिकारों का हनन हो रहा है।

विधायक सीपी सिंह ने कहा कि झारखंड की मौजूदा सरकार आदिवासी विरोधी है। कई घटनाक्रमों से यह सच्चाई स्पष्ट हो गई है। पूरे राज्य में आदिवासियों की जमीन की लूट बढ़ गई है।

प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत गिरिडीह जिले के सरिया में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। वहीं रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड कार्यालय पर राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आदिवासी अधिकारों के संरक्षण के लिए भी एक बड़ा प्रश्न खड़ा करती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्या हांसदा का एनकाउंटर कब हुआ?
सूर्या हांसदा का एनकाउंटर हाल ही में हुआ था, जिसके बाद सीबीआई जांच की मांग उठी।
भाजपा ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
भाजपा ने प्रदेश में कई स्थानों पर प्रदर्शन किए हैं और सीबीआई जांच की मांग की है।
क्या हांसदा का एनकाउंटर फर्जी है?
भाजपा के नेता दावा कर रहे हैं कि एनकाउंटर फर्जी है और इसे सही तरीके से जांचने की जरूरत है।
राष्ट्र प्रेस
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