24 अक्टूबर 2026
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जिरीबाम में बाराक नदी पर बड़ी कार्रवाई: नाव से 150 कार्टन अवैध बीयर जब्त, एक हिरासत में

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जिरीबाम में बाराक नदी पर बड़ी कार्रवाई: नाव से 150 कार्टन अवैध बीयर जब्त, एक हिरासत में

सारांश

मणिपुर के जिरीबाम में बाराक नदी पर पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के संयुक्त अभियान में एक लॉन्च बोट से 150 कार्टन अवैध बीयर जब्त की गई। नाव मालिक की पहचान टिपाईमुख निवासी टलाना हमार के रूप में हुई। पूर्वोत्तर में नदी और सीमा मार्गों पर तस्करी रोकने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मुख्य बातें

24 अक्टूबर 2026 को बाराक नदी के महावीर घाट के पास संयुक्त तलाशी अभियान में 150 कार्टन बीयर के कैन जब्त किए गए।
अभियान में बोरोबेक्रा पुलिस थाना , सीआरपीएफ बी/20 बटालियन और 38 असम राइफल्स के जवान शामिल थे।
नाव मालिक टलाना हमार (50) , टिपाईमुख निवासी, को हिरासत में लेकर जिरीबाम आबकारी विभाग को सौंपा जा रहा है।
हाल ही में मिजोरम के चाम्फाई में असम राइफल्स ने ₹2.74 करोड़ मूल्य की हेरोइन और बर्मी सुपारी जब्त कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों के अनुसार नदी व सीमा मार्गों पर निगरानी और संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

मणिपुर के जिरीबाम जिले में सुरक्षा बलों ने 24 अक्टूबर 2026 को बाराक नदी पर चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान एक लॉन्च बोट से 150 कार्टन बीयर के कैन बरामद किए। महावीर घाट के निकट सुबह करीब 11 बजे अंजाम दी गई इस कार्रवाई में पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

अभियान का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, बाराक नदी के रास्ते अवैध शराब की ढुलाई की सूचना मिलने के बाद यह विशेष अभियान शुरू किया गया। तलाशी दल ने एक लॉन्च बोट को रोककर जाँच की, जिसमें बड़ी मात्रा में बीयर के कैन छुपाए गए मिले।

प्रारंभिक पूछताछ में नाव मालिक की पहचान टलाना हमार (आयु 50 वर्ष) के रूप में हुई, जो टिपाईमुख का निवासी बताया गया है। बरामद शराब और संबंधित व्यक्ति को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जिरीबाम आबकारी विभाग को सौंपने की प्रक्रिया जारी बताई गई।

संयुक्त बल की भूमिका

इस अभियान का नेतृत्व जिरीबाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कानून-व्यवस्था) ने किया। कार्रवाई में बोरोबेक्रा पुलिस थाना, सीआरपीएफ की बी/20 बटालियन और 38 असम राइफल्स के जवान शामिल रहे। यह समन्वित प्रयास दर्शाता है कि नदी मार्गों पर तस्करी रोकने के लिए बहु-एजेंसी निगरानी तंत्र सक्रिय किया जा रहा है।

व्यापक तस्करी संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर राज्यों में अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार तेज किए जा रहे हैं। हाल ही में मिजोरम के चाम्फाई जिले में असम राइफल्स ने अलग-अलग अभियानों में लगभग ₹2.74 करोड़ मूल्य की हेरोइन और अवैध बर्मी सुपारी जब्त की थी, जिसमें एक म्यांमार नागरिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिजोरम और मणिपुर म्यांमार सीमा से सटे होने और गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र की निकटता के कारण लंबे समय से मादक पदार्थों व अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के संवेदनशील मार्ग माने जाते हैं। गौरतलब है कि नदी मार्ग भौगोलिक दृष्टि से निगरानी में कठिन होते हैं, जिसका फायदा तस्कर उठाते हैं।

आम जनता और प्रशासन पर असर

जिरीबाम जिला मणिपुर का वह क्षेत्र है जो असम और मिजोरम की सीमाओं से जुड़ता है, जिससे यहाँ अंतर-राज्यीय तस्करी की आशंका अधिक रहती है। अवैध शराब की आपूर्ति से न केवल राजस्व हानि होती है, बल्कि सीमांत समुदायों में सामाजिक समस्याएँ भी बढ़ती हैं।

आगे क्या होगा

अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब, नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए संयुक्त अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। सीमा क्षेत्रों और नदी मार्गों पर निगरानी और अधिक सख्त किए जाने की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पूर्वोत्तर भारत में नदी मार्गों के बढ़ते दुरुपयोग की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। मणिपुर में चल रहे जातीय तनाव और प्रशासनिक दबाव के बीच तस्कर नदी रास्तों को सड़क चेकपोस्ट के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं — यह प्रवृत्ति खतरनाक है। बहु-एजेंसी समन्वय सही दिशा है, लेकिन असली सवाल यह है कि आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ने के लिए बड़े नेटवर्क तक पहुँचने की कोशिश कितनी गंभीरता से हो रही है — केवल एक नाव रोकना पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जिरीबाम में बाराक नदी पर क्या कार्रवाई हुई?
24 अक्टूबर 2026 को मणिपुर के जिरीबाम में महावीर घाट के पास बाराक नदी पर एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें एक लॉन्च बोट से 150 कार्टन अवैध बीयर के कैन बरामद किए गए। नाव मालिक टलाना हमार को हिरासत में लेकर आबकारी विभाग को सौंपा जा रहा है।
इस अभियान में कौन-कौन से सुरक्षा बल शामिल थे?
अभियान में बोरोबेक्रा पुलिस थाना, सीआरपीएफ की बी/20 बटालियन और 38 असम राइफल्स के जवान शामिल थे। इसका नेतृत्व जिरीबाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कानून-व्यवस्था) ने किया।
नाव मालिक टलाना हमार कौन हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
टलाना हमार (50 वर्ष) टिपाईमुख के निवासी बताए गए हैं और उन्हें अवैध बीयर की ढुलाई के आरोप में हिरासत में लिया गया है। उन्हें बरामद शराब सहित जिरीबाम आबकारी विभाग को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
मणिपुर और मिजोरम में तस्करी इतनी आम क्यों है?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मणिपुर और मिजोरम म्यांमार की सीमा से सटे हैं और गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र के करीब हैं, जिससे ये राज्य मादक पदार्थों व अवैध सामानों की तस्करी के संवेदनशील मार्ग बने हुए हैं। नदी मार्गों पर निगरानी कठिन होने के कारण तस्कर इनका फायदा उठाते हैं।
हाल ही में पूर्वोत्तर में अन्य कौन-सी बड़ी तस्करी-रोधी कार्रवाई हुई?
हाल ही में मिजोरम के चाम्फाई जिले में असम राइफल्स ने अलग-अलग अभियानों में लगभग ₹2.74 करोड़ मूल्य की हेरोइन और अवैध बर्मी सुपारी जब्त की। इस कार्रवाई में एक म्यांमार नागरिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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