19 अगस्त 2026
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पुलवामा में भाजपा किसान मोर्चा नेता एजाज अहमद शाह पर धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मुकदमा दर्ज

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पुलवामा में भाजपा किसान मोर्चा नेता एजाज अहमद शाह पर धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मुकदमा दर्ज

सारांश

पुलवामा में भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष एजाज अहमद शाह पर धोखाधड़ी और धमकी का तीसरा मुकदमा दर्ज — 2016 से उनके विरुद्ध कुल 8 मामले। इससे पहले जिला अध्यक्ष शौकत गयूर भी जबरन वसूली के आरोप में निलंबित हो चुके हैं।

मुख्य बातें

एजाज अहमद शाह , भाजपा किसान मोर्चा पुलवामा के उपाध्यक्ष, पर त्राल पुलिस स्टेशन में IPC धारा 420 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज।
कथित अपराध 2022 में हुआ; BNS लागू होने से पहले का मामला होने के कारण IPC लागू।
2016 से अब तक शाह के विरुद्ध पुलवामा के 4 पुलिस थानों में कुल 8 मामले दर्ज; यह 2026 में तीसरा मुकदमा।
11 अगस्त 2026 को भाजपा पुलवामा जिला अध्यक्ष शौकत गयूर पर भी जबरन वसूली का मामला दर्ज; पार्टी ने उन्हें निलंबित किया।
पुलिस के अनुसार, कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सरकारी नौकरी व पुलिस सहायता का झूठा वादा कर युवाओं के परिजनों से पैसे वसूले।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसान मोर्चा के नेता एजाज अहमद शाह के विरुद्ध धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी। शाह पर आरोप है कि उन्होंने एक पुलिस मामले में मदद दिलाने का झूठा वादा करके शिकायतकर्ता से रकम ऐंठी।

मुख्य घटनाक्रम

त्राल पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कथित अपराध 2022 में हुआ था, इसलिए वर्तमान में लागू भारतीय न्याय संहिता (BNS) के बजाय उस समय प्रभावी IPC के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया — क्योंकि BNS जुलाई 2024 में लागू हुई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि एजाज अहमद शाह ने पुलिस से सहायता दिलाने का बहाना बनाकर उनसे धनराशि ली, लेकिन वादे के अनुसार कोई मदद नहीं मिली।

आरोपी की पृष्ठभूमि

एजाज अहमद शाह को नवंबर 2025 में पुलवामा भाजपा किसान मोर्चा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, 2016 से अब तक जिले के कम से कम चार पुलिस थानों में उनके विरुद्ध इसी प्रकृति के आठ मामले दर्ज हो चुके हैं। यह इस वर्ष उनके खिलाफ तीसरा मुकदमा है।

भाजपा पुलवामा में बढ़ते मामले

गौरतलब है कि इससे पूर्व 11 अगस्त 2026 को भाजपा के पुलवामा जिला अध्यक्ष शौकत गयूर के विरुद्ध कथित जबरन वसूली और धमकी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद भाजपा ने गयूर को पार्टी की अनुशासनात्मक प्रक्रिया पूरी होने तक सभी पदों से निलंबित कर दिया।

व्यापक प्रवृत्ति

यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस ने विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जबरन वसूली व धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में आरोपियों ने सरकारी नौकरी दिलाने अथवा पुलिस व स्थानीय प्रशासन से मदद का झूठा वादा कर पैसे वसूले। कई मामलों में आरोप है कि इन कार्यकर्ताओं ने उन युवाओं के परिजनों से धन ऐंठा, जिन्हें सुरक्षा बलों ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।

आगे क्या

पुलिस मामले की जाँच जारी है। एजाज अहमद शाह के विरुद्ध दर्ज मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि भाजपा पार्टी स्तर पर क्या अनुशासनात्मक कदम उठाती है, जैसा कि शौकत गयूर के मामले में किया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक चिंताजनक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है। यह ऐसे समय में है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों की जड़ें मज़बूत करने की कोशिशें तेज़ हैं और पार्टी का नाम भुनाकर कमज़ोर तबकों को ठगने के आरोप बार-बार सामने आ रहे हैं। एजाज अहमद शाह के विरुद्ध 2016 से 8 मामलों का रिकॉर्ड यह सवाल उठाता है कि पार्टी ने उन्हें नवंबर 2025 में उपाध्यक्ष नियुक्त करते समय इस पृष्ठभूमि की जाँच क्यों नहीं की। जवाबदेही तभी विश्वसनीय होगी जब पार्टी केवल निलंबन तक सीमित न रहे।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एजाज अहमद शाह पर क्या आरोप हैं?
एजाज अहमद शाह पर आरोप है कि उन्होंने एक पुलिस मामले में मदद दिलाने का झूठा वादा करके शिकायतकर्ता से धनराशि ली। त्राल पुलिस स्टेशन में उनके विरुद्ध IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एजाज अहमद शाह के खिलाफ पहले कितने मामले दर्ज हैं?
अधिकारियों के अनुसार, 2016 से अब तक पुलवामा जिले के कम से कम चार पुलिस थानों में उनके विरुद्ध इसी प्रकृति के कुल 8 मामले दर्ज हो चुके हैं। 2026 में यह उनके खिलाफ तीसरा मुकदमा है।
मामले में IPC क्यों लागू की गई, BNS क्यों नहीं?
अधिकारियों ने बताया कि कथित अपराध 2022 में हुआ था, जबकि भारतीय न्याय संहिता (BNS) जुलाई 2024 में लागू हुई। चूँकि घटना BNS लागू होने से पहले की है, इसलिए उस समय प्रभावी IPC के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलवामा में भाजपा के अन्य नेताओं पर भी मामले दर्ज हुए हैं?
हाँ, 11 अगस्त 2026 को भाजपा के पुलवामा जिला अध्यक्ष शौकत गयूर के विरुद्ध कथित जबरन वसूली और धमकी के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद भाजपा ने उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक सभी पदों से निलंबित कर दिया।
जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा धोखाधड़ी का यह पैटर्न क्या है?
पुलिस के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने सरकारी नौकरी दिलाने या पुलिस व प्रशासन से मदद का झूठा वादा कर लोगों से पैसे ऐंठे। कई मामलों में आरोपियों ने उन युवाओं के परिजनों को निशाना बनाया, जिन्हें सुरक्षा बलों ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।
राष्ट्र प्रेस
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