18 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा: टीडीपीएल मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार

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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा: टीडीपीएल मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार

सारांश

झारखंड परीक्षा फर्जीवाड़े की जांच में सीआईडी ने टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार किया। आरोप है कि तिवारी ने अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में परिजनों को अनुचित लाभ पहुंचाया। डिजिटल साक्ष्य जांच की धुरी बने हैं।

मुख्य बातें

सीआईडी ने 18 अगस्त को टीडीपीएल मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया।
दोनों पर जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अनुचित साधनों से सफलता हासिल करने का आरोप है।
अभय तिवारी पहले से न्यायिक हिरासत में है; पूछताछ और जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा से परिजनों की भूमिका उजागर हुई।
तिवारी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे।
सीआईडी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से कितने अन्य अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला; आगे और गिरफ्तारियां संभव।

झारखंड परीक्षा फर्जीवाड़े की जांच में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने मंगलवार, 18 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया। दोनों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है। अभय तिवारी को सीआईडी इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

मुख्य घटनाक्रम

जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी से पूछताछ और उसके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा विश्लेषण के बाद उसकी पत्नी और भाई की भूमिका सामने आई। आरोप है कि तिवारी ने टीडीपीएल से जुड़े अपने प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल परिजनों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए किया। सीआईडी के मुताबिक, डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों ने इस कड़ी को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका

सूत्रों के अनुसार, जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा ने इस कथित नेटवर्क की परतें खोलने में जांचकर्ताओं की मदद की। अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर यह दावा किया था कि परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। सीआईडी इस दावे की सत्यता और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

जांच का दायरा

सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े के नेटवर्क से और कितने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचा। गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप झारखंड में लंबे समय से विवाद का विषय रहे हैं, और यह मामला उस बड़े संदर्भ में एक और कड़ी के रूप में सामने आया है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्यों का व्यापक विश्लेषण कर रही है।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी आवश्यकता के अनुसार उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है। इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक प्रणालीगत सुधार नहीं होते, ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में ताज़ा गिरफ्तारियां किसकी हुई हैं?
सीआईडी ने 18 अगस्त को टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया है। अभय तिवारी खुद पहले से इस मामले में जेल में बंद हैं।
अभय तिवारी की पत्नी और भाई पर क्या आरोप हैं?
दोनों पर जेपीएससी और जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी ने टीडीपीएल से जुड़े अपने नेटवर्क का इस्तेमाल इसके लिए किया।
सीआईडी ने इन आरोपियों तक कैसे पहुंची?
अभय तिवारी से पूछताछ और उसके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा विश्लेषण के बाद उसकी पत्नी और भाई की भूमिका सामने आई। डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों ने इस कड़ी को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
अभय तिवारी ने पूछताछ में क्या कहा था?
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर यह दावा किया था कि परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। सीआईडी इस दावे की सत्यता और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और सीआईडी उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से कितने अन्य अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला।
राष्ट्र प्रेस
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