जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा: टीडीपीएल मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड परीक्षा फर्जीवाड़े की जांच में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने मंगलवार, 18 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया। दोनों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है। अभय तिवारी को सीआईडी इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
मुख्य घटनाक्रम
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी से पूछताछ और उसके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा विश्लेषण के बाद उसकी पत्नी और भाई की भूमिका सामने आई। आरोप है कि तिवारी ने टीडीपीएल से जुड़े अपने प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल परिजनों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए किया। सीआईडी के मुताबिक, डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों ने इस कड़ी को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका
सूत्रों के अनुसार, जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा ने इस कथित नेटवर्क की परतें खोलने में जांचकर्ताओं की मदद की। अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर यह दावा किया था कि परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। सीआईडी इस दावे की सत्यता और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
जांच का दायरा
सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े के नेटवर्क से और कितने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचा। गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप झारखंड में लंबे समय से विवाद का विषय रहे हैं, और यह मामला उस बड़े संदर्भ में एक और कड़ी के रूप में सामने आया है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्यों का व्यापक विश्लेषण कर रही है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी आवश्यकता के अनुसार उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है। इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।