31 जुलाई 2026
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टीएमसी को 'कल्याण' की जरूरत है, कल्याण को टीएमसी की नहीं: निलंबित नेता रिजू दत्ता

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टीएमसी को 'कल्याण' की जरूरत है, कल्याण को टीएमसी की नहीं: निलंबित नेता रिजू दत्ता

सारांश

टीएमसी से निलंबित रिजू दत्ता ने साफ कहा — कल्याण बनर्जी पार्टी से बड़े हैं, पार्टी को उनकी जरूरत है। साथ ही अभिषेक बनर्जी पर ₹250 करोड़ के अम्फान घोटाले में FIR का दावा, मदन मित्रा ईडी छापेमारी और फर्जी हस्ताक्षर मामले पर भी जाँच का समर्थन किया।

मुख्य बातें

टीएमसी से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने 13 जून 2026 को कोलकाता में पार्टी के कई विवादों पर खुलकर बयान दिया।
उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी को टीएमसी की नहीं, बल्कि टीएमसी को कल्याण बनर्जी की जरूरत है ।
अभिषेक बनर्जी और सहायक सुमित रॉय पर ED, CBI, CID के मामलों का दावा; बिष्णुपुर थाने में ₹250 करोड़ के अम्फान घोटाले में कथित FIR का उल्लेख।
टीएमसी विधायक मदन मित्रा के घर ईडी छापेमारी पर कहा — निर्दोष हैं तो डरने की जरूरत नहीं, जाँच को काम करने दें।
कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी को फर्जी हस्ताक्षर मामले में जाँच में सहयोग करने की नसीहत।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने 13 जून 2026 को कोलकाता में पार्टी के भीतर चल रहे विवादों पर खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, मदन मित्रा और विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और जाँच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

कल्याण-अभिषेक सुलह पर रिजू दत्ता की राय

कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बीच हाल में सामने आए मतभेदों के बाद दिखे सुलह के संकेतों पर रिजू दत्ता ने कहा कि यह सकारात्मक घटनाक्रम है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पिता समान बताया था, और बाद में कल्याण बनर्जी ने भी उदारता दिखाते हुए उन्हें पुत्रवत माफ कर दिया।

रिजू दत्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह टीएमसी का आंतरिक मामला है, लेकिन उनके अनुसार कल्याण बनर्जी को टीएमसी की जरूरत नहीं है — बल्कि टीएमसी को कल्याण बनर्जी की जरूरत है। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा कानूनी परिस्थितियों में अभिषेक बनर्जी को अनुभवी वकीलों की आवश्यकता पड़ सकती है, और ऐसे समय में कल्याण बनर्जी की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

अभिषेक बनर्जी और सुमित रॉय पर लगे आरोप

रिजू दत्ता ने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय के खिलाफ ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और सीआईडी (CID) के कई मामले चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि चक्रवात अम्फान राहत कार्यों से जुड़े कथित ₹250 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में बिष्णुपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें अभिषेक बनर्जी का नाम भी कथित तौर पर शामिल बताया जा रहा है। गौरतलब है कि ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं और किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।

मदन मित्रा के घर ईडी छापेमारी पर प्रतिक्रिया

नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में टीएमसी विधायक मदन मित्रा के घर ईडी की छापेमारी पर रिजू दत्ता ने कहा कि यदि जाँच एजेंसी के पास शिकायत और साक्ष्य हैं, तो उसे जाँच करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि मदन मित्रा निर्दोष हैं, तो उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं — अदालत में सबूत न मिलने पर उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया जाएगा।

काकोली घोष की शिकायत और फर्जी हस्ताक्षर मामला

टीएमसी सांसद काकोली घोष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर रिजू दत्ता ने कहा कि यह दो सांसदों के बीच का मामला है और यदि काकोली घोष के पास ठोस सबूत है तो शिकायत करना उनका अधिकार है। कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने आएगी।

विधायकों के हस्ताक्षर कथित रूप से फर्जी बनाकर स्पीकर को भेजे जाने के मामले में रिजू दत्ता ने जाँच एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, और उन्हें जाँच में पूरा सहयोग करना चाहिए। उनके अनुसार यह बेहद गंभीर मामला है क्योंकि इसमें विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी का आरोप है — और सहयोग न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

टीएमसी के भीतर इन विवादों का एक साथ उभरना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण समय में आया है। आने वाले हफ्तों में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालती प्रक्रिया यह तय करेगी कि इन मामलों में आगे क्या होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कथित घोटाले, और पार्टी के भीतर सार्वजनिक मतभेद। निलंबित नेता का कल्याण बनर्जी को 'अपरिहार्य' बताना दरअसल पार्टी नेतृत्व पर परोक्ष दबाव है। यह उल्लेखनीय है कि जो नेता खुद निलंबित हैं, वे पार्टी के भीतर किसकी जरूरत किसे है — यह तय कर रहे हैं; यह टीएमसी की आंतरिक अनुशासन की स्थिति को उजागर करता है। अम्फान घोटाले के आरोप पुराने हैं, लेकिन FIR का दावा यदि सत्यापित होता है तो यह अभिषेक बनर्जी के लिए नई कानूनी मुश्किल होगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिजू दत्ता ने कल्याण बनर्जी के बारे में क्या कहा?
रिजू दत्ता ने कहा कि कल्याण बनर्जी को टीएमसी की जरूरत नहीं है, बल्कि टीएमसी को कल्याण बनर्जी की जरूरत है। उनके अनुसार मौजूदा कानूनी परिस्थितियों में कल्याण बनर्जी जैसे अनुभवी वकील की भूमिका पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
अभिषेक बनर्जी पर अम्फान घोटाले में क्या आरोप हैं?
रिजू दत्ता के दावे के अनुसार चक्रवात अम्फान राहत कार्यों से जुड़े कथित ₹250 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में बिष्णुपुर थाने में FIR दर्ज की गई है, जिसमें अभिषेक बनर्जी का नाम कथित तौर पर शामिल बताया जा रहा है। ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं।
मदन मित्रा के घर ईडी की छापेमारी किस मामले में हुई?
नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में टीएमसी विधायक मदन मित्रा के घर ईडी ने छापेमारी की। रिजू दत्ता ने कहा कि यदि ईडी के पास सबूत हैं तो जाँच करना उसका अधिकार है और यदि मदन मित्रा निर्दोष हैं तो उन्हें चिंता नहीं करनी चाहिए।
फर्जी हस्ताक्षर मामले में रिजू दत्ता का क्या कहना है?
रिजू दत्ता ने विधायकों के हस्ताक्षर कथित रूप से फर्जी बनाकर स्पीकर को भेजे जाने के मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी को जाँच में पूरा सहयोग करना चाहिए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ क्यों शिकायत की?
टीएमसी सांसद काकोली घोष ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। रिजू दत्ता ने कहा कि यदि काकोली घोष के पास ठोस सबूत है तो शिकायत करना उनका अधिकार है और कानूनी प्रक्रिया से सच सामने आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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