टीएमसी को 'कल्याण' की जरूरत है, कल्याण को टीएमसी की नहीं: निलंबित नेता रिजू दत्ता
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने 13 जून 2026 को कोलकाता में पार्टी के भीतर चल रहे विवादों पर खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, मदन मित्रा और विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और जाँच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
कल्याण-अभिषेक सुलह पर रिजू दत्ता की राय
कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बीच हाल में सामने आए मतभेदों के बाद दिखे सुलह के संकेतों पर रिजू दत्ता ने कहा कि यह सकारात्मक घटनाक्रम है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पिता समान बताया था, और बाद में कल्याण बनर्जी ने भी उदारता दिखाते हुए उन्हें पुत्रवत माफ कर दिया।
रिजू दत्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह टीएमसी का आंतरिक मामला है, लेकिन उनके अनुसार कल्याण बनर्जी को टीएमसी की जरूरत नहीं है — बल्कि टीएमसी को कल्याण बनर्जी की जरूरत है। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा कानूनी परिस्थितियों में अभिषेक बनर्जी को अनुभवी वकीलों की आवश्यकता पड़ सकती है, और ऐसे समय में कल्याण बनर्जी की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
अभिषेक बनर्जी और सुमित रॉय पर लगे आरोप
रिजू दत्ता ने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय के खिलाफ ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और सीआईडी (CID) के कई मामले चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि चक्रवात अम्फान राहत कार्यों से जुड़े कथित ₹250 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में बिष्णुपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें अभिषेक बनर्जी का नाम भी कथित तौर पर शामिल बताया जा रहा है। गौरतलब है कि ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं और किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।
मदन मित्रा के घर ईडी छापेमारी पर प्रतिक्रिया
नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में टीएमसी विधायक मदन मित्रा के घर ईडी की छापेमारी पर रिजू दत्ता ने कहा कि यदि जाँच एजेंसी के पास शिकायत और साक्ष्य हैं, तो उसे जाँच करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि मदन मित्रा निर्दोष हैं, तो उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं — अदालत में सबूत न मिलने पर उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया जाएगा।
काकोली घोष की शिकायत और फर्जी हस्ताक्षर मामला
टीएमसी सांसद काकोली घोष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर रिजू दत्ता ने कहा कि यह दो सांसदों के बीच का मामला है और यदि काकोली घोष के पास ठोस सबूत है तो शिकायत करना उनका अधिकार है। कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने आएगी।
विधायकों के हस्ताक्षर कथित रूप से फर्जी बनाकर स्पीकर को भेजे जाने के मामले में रिजू दत्ता ने जाँच एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, और उन्हें जाँच में पूरा सहयोग करना चाहिए। उनके अनुसार यह बेहद गंभीर मामला है क्योंकि इसमें विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी का आरोप है — और सहयोग न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
टीएमसी के भीतर इन विवादों का एक साथ उभरना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण समय में आया है। आने वाले हफ्तों में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालती प्रक्रिया यह तय करेगी कि इन मामलों में आगे क्या होता है।