नीट पेपर लीक पर कन्हैया कुमार का NTA पर हमला: 'अखबार में छपे तभी लीक मानते हैं क्या?'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने 27 मई 2026 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद में दोनों जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने NTA के रुख पर तीखा व्यंग्य करते हुए सवाल उठाया कि जब लगभग सभी प्रश्न बाहर आ जाएँ, तो उसे पेपर लीक नहीं तो क्या कहेंगे।
कन्हैया कुमार के मुख्य आरोप
कन्हैया कुमार ने कहा कि NTA की परिभाषा के अनुसार पेपर लीक तभी होता है जब प्रश्न पत्र किसी अखबार में छप जाए — यह बयान एजेंसी के उस रुख पर सीधा तंज था, जिसमें NTA ने घटना को 'पूर्ण पेपर लीक' मानने से इनकार करते हुए इसे महज 'कदाचार के मामले' बताया था। उन्होंने यह भी कहा कि NTA प्रमुख के भारतीय जनता पार्टी (BJP) से कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, 'NTA को इस देश की हर ज़रूरी परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, फिर भी वह एक भी परीक्षा ठीक से नहीं करा पा रही।' उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी घेरते हुए कहा कि हर परीक्षा से पहले 'परीक्षा पर चर्चा' होती है, लेकिन जब भी पेपर लीक होता है तो सरकारी रील्स और अभियान अचानक खामोश हो जाते हैं।
NTA का पक्ष और संसदीय समिति की सुनवाई
NTA ने 22 मई को शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति को बताया था कि नीट यूजी 2026 परीक्षा में पूरी तरह पेपर लीक नहीं हुआ — केवल कुछ प्रश्न बाहर आए थे। एजेंसी ने इसे 'कदाचार के मामले' के रूप में वर्गीकृत किया, न कि संपूर्ण पेपर लीक। यह वर्गीकरण विपक्ष और छात्र संगठनों के लिए विवाद का केंद्र बन गया है।
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा को एक बड़े पेपर लीक के आरोपों और एक गेस पेपर के प्रसार के बाद रद्द कर दिया गया था। कहा गया था कि वह गेस पेपर परीक्षा के कई वास्तविक प्रश्नों से मेल खाता था।
सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को NTA के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह दुखद है कि नीट पेपर लीक के पिछले मामलों से कोई सबक नहीं लिया गया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) मामले की जाँच कर रही है और संसदीय जाँच भी जारी है।
आम छात्रों पर असर और आगे की राह
छात्रों और अभिभावकों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद NTA ने घोषणा की है कि पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, जो देश की एकमात्र अखिल भारतीय प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। यह ऐसे समय में आया है जब NTA की विश्वसनीयता पर पहले से ही कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं।
कन्हैया कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बहाने बनाने के बजाय NTA और शिक्षा मंत्री को जवाबदेह ठहराया जाए और ठोस कार्रवाई की जाए। 21 जून की पुन: परीक्षा और CBI जाँच के नतीजे इस विवाद की अगली दिशा तय करेंगे।