कांवड़ यात्रा में नेमप्लेट अनिवार्यता का समर्थन, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर साध्वी प्राची ने कार्रवाई की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने 27 जुलाई को मुजफ्फरनगर में पत्रकारों से बातचीत में कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानदारों द्वारा नेमप्लेट प्रदर्शित करने की नीति का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों के मालिक हिंदू देवी-देवताओं के नाम पर दुकानें चलाकर अपनी असली पहचान छिपाते हैं। साथ ही उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन की तीखी आलोचना करते हुए उसमें शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की।
नेमप्लेट नीति पर साध्वी प्राची का रुख
साध्वी प्राची ने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन धर्म का सबसे पवित्र पर्व है और यात्रियों की शुद्ध शाकाहारी आस्था का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग नाम बदलकर अपनी दुकान चला रहे हैं। कुछ लोगों का असली नाम मोहम्मद है, लेकिन अपनी दुकान का नाम लक्ष्मी जी रख रखा है, ताकि लोगों को दिगभ्रमित किया जा सके। यह सरासर गलत है।' उन्होंने ऐसे लोगों से अपील की कि वे अपना वास्तविक नाम ही प्रयोग करें।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस अपील की सराहना की कि सभी दुकानदार अपना असली नाम सार्वजनिक करें। साध्वी प्राची ने यह भी जोड़ा कि यदि किसी को हिंदू देवी-देवताओं के नाम प्रिय हैं, तो वे हिंदू धर्म अपनाकर 'घर वापसी' कर सकते हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर आलोचना
साध्वी प्राची ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि इस प्रदर्शन को कथित तौर पर विदेशी आर्थिक सहायता प्राप्त थी और इसके पीछे देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश थी। उन्होंने कहा, 'इन लोगों की साजिश देश में गृह युद्ध करने की थी।'
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के विरुद्ध की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और माँग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे देशहित में लिया गया निर्णय बताया।
कांवड़ यात्रा और शुद्धता का प्रश्न
साध्वी प्राची ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शुद्ध शाकाहारी भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना यात्रियों की धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व जानबूझकर सनातनियों का 'धर्म भ्रष्ट' करने की कोशिश करते हैं। गौरतलब है कि नेमप्लेट नीति को लेकर उत्तर प्रदेश में पहले भी विवाद उठ चुका है और यह मुद्दा सामाजिक व राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है।
आगे क्या
साध्वी प्राची की इन टिप्पणियों के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज होने की संभावना है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर नेमप्लेट नीति के क्रियान्वयन और जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े कानूनी घटनाक्रम पर सभी पक्षों की नज़र बनी रहेगी।