मोदी के चौथे कार्यकाल का डर: कर्नाटक भाजपा का इंडिया ब्लॉक पर बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा ने 6 नवंबर 2026 को मैसूरु में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' पदयात्रा के दौरान इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला बोला। भाजपा का आरोप है कि विपक्षी गठबंधन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित चौथे कार्यकाल की संभावना से भयभीत होकर, देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। यह मार्च एसआईआर (SIR) अभ्यास और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के अभियान का प्रतिकार करने के लिए आयोजित किया गया था।
विजयेंद्र का इंडिया ब्लॉक पर हमला
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत की प्रगति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनकर उभरा है और इसी से विपक्ष की बेचैनी बढ़ी है।
विजयेंद्र ने दावा किया कि कांग्रेस दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन इसलिए कर रही है क्योंकि उसे मोदी के चौथी बार प्रधानमंत्री बनने का भय सता रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस का उद्देश्य युवाओं को सड़कों पर उतारकर केंद्र सरकार को अस्थिर करना है।
झारखंड मंत्री के कथित बयान का संदर्भ
विजयेंद्र ने झारखंड के एक मंत्री के कथित बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि उस मंत्री ने कहा था कि राहुल गांधी के इशारे पर लाखों लोगों को सड़कों पर उतारकर अशांति फैलाई जा सकती है। भाजपा का कहना है कि इसी प्रवृत्ति के खिलाफ यह 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कर्नाटक सरकार पर महंगाई का आरोप
विजयेंद्र ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान दूध और बस किराए की कीमतें बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला। उन्होंने इस सरकार को 'किसान-विरोधी, युवा-विरोधी और हिंदू-विरोधी' बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर भाजपा अपने संगठन को सक्रिय करने में जुटी है।
विपक्ष के मुख्य सचेतक की भी आलोचना
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक एन. रविकुमार ने भी मैसूरु में पदयात्रा के दौरान राज्य सरकार पर महंगाई को लेकर हमला बोला। रविकुमार ने कहा कि दूध की कीमतों में बढ़ोतरी 'दशहरा का तोहफा' है, जबकि बस किराए में वृद्धि 'दीपावली का तोहफा' है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बढ़ती कीमतों से आम लोगों की जेबें खाली कर रही है और राज्य के खजाने को दिवालिया करने की ओर ले जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह सरकार सत्ता में रहेगी, भाजपा का विरोध जारी रहेगा।
आगे क्या होगा
इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एसआईआर विरोध अभियान और इस पर भाजपा की प्रति-रणनीति आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति को और तेज कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा राज्य से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकता है।