6 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजकोट में पनीर के 4 नमूने गुणवत्ता जांच में फेल, RMC ने 269 किलो खराब खाद्य सामग्री नष्ट की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजकोट में पनीर के 4 नमूने गुणवत्ता जांच में फेल, RMC ने 269 किलो खराब खाद्य सामग्री नष्ट की

सारांश

राजकोट में दिवाली से पहले खाद्य विभाग की जांच में बड़ी चूक सामने आई — पनीर के चार नमूने फेल और 269 किलो अखाद्य सामग्री नष्ट। चामुंडा फरसान में 21 किलो वाशिंग सोडा बरामद होना बताता है कि त्योहारी मौसम में खाद्य सुरक्षा की निगरानी और सख्त करने की ज़रूरत है।

मुख्य बातें

राजकोट में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुले पनीर के चार नमूने गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए।
राजकोट नगर निगम (RMC) ने दिवाली पूर्व विशेष अभियान में 269 किलोग्राम बासी, एक्सपायर्ड और अखाद्य सामग्री नष्ट की।
चामुंडा फरसान में अकेले 251 किलोग्राम सामग्री नष्ट की गई, जिसमें फरसान निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 21 किलोग्राम वाशिंग सोडा भी शामिल था।
कुल 62 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण; 2 को नोटिस; कुल ₹11,000 प्रशासनिक शुल्क वसूला गया।
चामुंडा फरसान और अवध डेयरी फार्म से 5 नए नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
फेल नमूने देने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ एडजुडिकेशन (निर्णयन) की कार्रवाई शुरू होगी।

गुजरात के राजकोट जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी जांच के दौरान खुले पनीर के चार नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। साथ ही, राजकोट नगर निगम (RMC) ने दिवाली से पूर्व चलाए गए विशेष अभियान में 269 किलोग्राम बासी, एक्सपायर्ड और अखाद्य खाद्य सामग्री नष्ट की। 6 नवंबर 2026 को सामने आई यह कार्रवाई त्योहारी मौसम में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता का हिस्सा है।

फेल हुए पनीर नमूनों का ब्यौरा

अधिकारियों के अनुसार, शहर के अलग-अलग प्रतिष्ठानों से एकत्र किए गए खुले पनीर के चारों नमूने प्रयोगशाला जांच में अनुत्तीर्ण रहे। लाटी प्लॉट स्थित फॉर्च्यून मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स के नमूने में बाहरी वसा (फॉरेन फैट) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई।

पुनीतनगर मेन रोड स्थित श्री गायत्री डेयरी फार्म के नमूने में मिल्क फैट निर्धारित मानक से कम मिला। इसी प्रकार, मोरबी रोड पर सैटेलाइट चौक के पास प्रकाशभाई प्रवीणभाई हरसोडा और गोंडल रोड स्थित विजय प्लॉट-11 के भगवती ट्रेडिंग के नमूनों में मिल्क फैट कम, तथा नमी और बाहरी वसा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। नगर निगम ने बताया कि सभी संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ एडजुडिकेशन (निर्णयन) की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

सबसे अधिक खराब सामग्री कहाँ मिली

मोरबी रोड पुल के नीचे सीताराम नगर स्थित चामुंडा फरसान में अधिकारियों ने करीब 251 किलोग्राम सामग्री नष्ट की। इसमें 21 किलोग्राम वाशिंग सोडा (फरसान निर्माण में प्रयुक्त), 180 किलोग्राम बासी मसाला पापड़ी, 30 किलोग्राम मसाला सेव और 20 किलोग्राम मसाला बूंदी शामिल थी।

इस प्रतिष्ठान को अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री रखने और लाइसेंस संबंधी उल्लंघन के चलते नोटिस जारी किया गया तथा ₹5,000 का जुर्माना वसूला गया। सत्य साईं रोड स्थित द हैम्पर स्टोर में एक्सपायर्ड चॉकलेट मोल्ड, करीब 9 किलोग्राम तैयार चॉकलेट और लगभग 18 किलोग्राम डार्क चॉकलेट नष्ट की गई; प्रतिष्ठान पर ₹2,000 का प्रशासनिक शुल्क लगाया गया।

नमूने और नोटिस — विस्तृत कार्रवाई

खाद्य विभाग ने चामुंडा फरसान से खुले सेव, मसाला पापड़ी, मसाला गाठिया और पोहा चिवड़ा के चार नमूने एकत्र किए। मावड़ी मेन रोड स्थित अवध डेयरी फार्म से खुले मिश्रित दूध का एक नमूना लिया गया; इस प्रतिष्ठान को स्वच्छता संबंधी कमियों पर नोटिस भी जारी हुआ। इन सभी पाँच नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।

अभियान के दौरान कुल 62 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें प्रगति कॉम्प्लेक्स, राजनगर चौक, मयानी नगर रोड, अंबिका टाउनशिप और नाना मावा रोड के खाद्य दुकानें, रेस्तरां, डेयरी फार्म, किराना दुकानें, फरसान दुकानें, बेकरी और दवा दुकानें शामिल हैं। दो प्रतिष्ठानों को भंडारण, लाइसेंस और स्वच्छता संबंधी कमियों पर नोटिस दिए गए; कुल मिलाकर ₹11,000 प्रशासनिक शुल्क वसूला गया।

लाइसेंस उल्लंघन पर अतिरिक्त कार्रवाई

प्रगति कॉम्प्लेक्स स्थित शिवम मेडिसिन्स, प्रतीक मेडिसिन्स, श्री गणेश डेयरी फार्म, सुमित प्रोविजन स्टोर, चित्रा प्रोविजन स्टोर्स और सतनाम जनरल स्टोर्स सहित छह प्रतिष्ठानों से खाद्य लाइसेंस नियमों के उल्लंघन पर ₹500-₹500 प्रशासनिक शुल्क लिया गया। जीवराज पार्क स्थित कृष्णा ट्रेडिंग से ₹1,000 वसूले गए।

राजकोट नगर निगम ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीज़न में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और प्रतिष्ठानों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे। आने वाले सप्ताहों में और भी जांच दल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फरसान में वाशिंग सोडा की बरामदगी और पनीर में बाहरी वसा की मिलावट यह दिखाती है कि त्योहारी मौसम में खाद्य श्रृंखला की सबसे कमज़ोर कड़ी असंगठित क्षेत्र के छोटे विक्रेता हैं। ₹11,000 का कुल जुर्माना इतने गंभीर उल्लंघनों के लिए नाकाफी प्रतीत होता है — जब तक एडजुडिकेशन प्रक्रिया में कड़ी सज़ा न हो, ये अभियान केवल कागज़ी खानापूरी बनकर रह जाते हैं। गुजरात में FSSAI के तहत नमूना जांच की दर और दोषसिद्धि का अनुपात अभी भी चिंताजनक रूप से कम है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट में पनीर के कौन-से नमूने गुणवत्ता जांच में फेल हुए?
राजकोट के चार प्रतिष्ठानों — फॉर्च्यून मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स, श्री गायत्री डेयरी फार्म, प्रकाशभाई प्रवीणभाई हरसोडा और भगवती ट्रेडिंग — से लिए गए खुले पनीर के नमूने फेल पाए गए। इनमें मिल्क फैट की कमी, बाहरी वसा की अधिकता और अनुचित नमी स्तर जैसी खामियाँ सामने आईं।
RMC ने दिवाली अभियान में कितनी और कहाँ की खाद्य सामग्री नष्ट की?
राजकोट नगर निगम (RMC) ने विशेष दिवाली अभियान के तहत कुल 269 किलोग्राम बासी, एक्सपायर्ड और अखाद्य सामग्री नष्ट की। इसमें से सर्वाधिक 251 किलोग्राम अकेले मोरबी रोड स्थित चामुंडा फरसान से बरामद हुई।
चामुंडा फरसान में क्या गड़बड़ी पाई गई?
चामुंडा फरसान में 21 किलोग्राम वाशिंग सोडा (खाद्य सामग्री में प्रतिबंधित उपयोग), 180 किलोग्राम बासी मसाला पापड़ी, 30 किलोग्राम मसाला सेव और 20 किलोग्राम मसाला बूंदी नष्ट की गई। प्रतिष्ठान को अस्वच्छता और लाइसेंस उल्लंघन पर नोटिस के साथ ₹5,000 का जुर्माना भी लगाया गया।
फेल हुए प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
नगर निगम ने बताया कि पनीर के नमूने फेल होने वाले सभी संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत एडजुडिकेशन (निर्णयन) की कार्रवाई शुरू की जाएगी। नए पाँच नमूने भी प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।
राजकोट में खाद्य सुरक्षा अभियान किन क्षेत्रों में चला?
अभियान के तहत प्रगति कॉम्प्लेक्स, राजनगर चौक, मयानी नगर रोड, अंबिका टाउनशिप और नाना मावा रोड सहित शहर के विभिन्न इलाकों में कुल 62 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हुआ। इनमें खाद्य दुकानें, रेस्तरां, डेयरी फार्म, फरसान दुकानें, बेकरी और दवा दुकानें शामिल थीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले