कर्नाटक BJP का वार: राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' बनी 'स्टिंग ऑपरेशन की दुकान' — आर. अशोक
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' और ब्लैकमेलिंग के विवाद के बीच वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आर. अशोक ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। अशोक ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी की चर्चित 'मोहब्बत की दुकान' अब पूरी तरह 'स्टिंग ऑपरेशन की दुकान' में तब्दील हो गई है।
मुख्य आरोप और बयानबाज़ी
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की राजनीति अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। उनके अनुसार, सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के मंत्री पार्टी सदस्यों को ब्लैकमेल करने, विधानसभा टिकट हासिल करने और निजी हिसाब-किताब बराबर करने के लिए गुप्त 'स्टिंग ऑपरेशन' का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक कांग्रेस अब कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि 'गंदी चालों के सहारे चलने वाला सिंडिकेट' बन गई है।
अशोक ने यह भी सवाल उठाया कि गुप्त रिकॉर्डिंग, कथित वसूली और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कमज़ोर करने की कोशिशें — क्या ये सब राहुल गांधी के 'मोहब्बत' वाले राजनीतिक विज़न का हिस्सा हैं? उन्होंने पूछा कि क्या ये गतिविधियाँ कर्नाटक सरकार के बहुप्रचारित 'गारंटी मॉडल' का अंग हैं।
मुख्यमंत्री पर निशाना
अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की भी कड़ी आलोचना की। उनका आरोप था कि जब स्वयं कैबिनेट मंत्री आंतरिक ब्लैकमेलिंग और धोखे का पर्दाफाश कर रहे हों, तो यह इस बात का प्रमाण है कि 'प्रशासन पूरी तरह सड़ चुका है।' उन्होंने कहा कि शिवकुमार सरकार इस पूरे विवाद में 'बेबस दर्शक' की भूमिका में है।
कांग्रेस को चेतावनी
अशोक ने कांग्रेस नेतृत्व को राजनीतिक परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि 'उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और आपके दिन अब गिने-चुने रह गए हैं।' उन्होंने दावा किया कि सत्ता हथियाने और एक-दूसरे को कमज़ोर करने के लिए कांग्रेस नेता 'अब तक की सबसे शर्मनाक आंतरिक लड़ाई' लड़ रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कर्नाटक में यह 'स्टिंग ऑपरेशन' विवाद राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर गहरे गुटीय तनाव को उजागर करता है। विपक्षी नेताओं ने कथित रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की माँग की है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक सरकार अपने कार्यकाल के मध्य में है और BJP राज्य में अपनी वापसी की रणनीति बना रही है।
आगे की स्थिति
यह विवाद कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच तीखी बयानबाज़ी का नया अध्याय खोलता है। कांग्रेस की ओर से अभी तक अशोक के इन आरोपों का औपचारिक जवाब सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आगामी राज्य चुनावों से पहले BJP के लिए एक महत्वपूर्ण प्रचार बिंदु बन सकता है।