सऊदी अरब में फंसे 600+ उमराह तीर्थयात्री: कर्नाटक CM शिवकुमार ने जयशंकर से माँगी तत्काल मदद
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें, ताकि सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना में फंसे 600 से अधिक कर्नाटक के उमराह तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। मध्य पूर्व में बिगड़ते सुरक्षा हालात के कारण बेंगलुरु और भारत के अन्य शहरों के लिए वापसी उड़ानें निलंबित हो गई हैं, जिससे यह संकट पैदा हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
शिवकुमार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि हवाई सेवाओं में रुकावट के चलते सैकड़ों तीर्थयात्री गंभीर कठिनाइयों में घिर गए हैं। कर्नाटक राज्य हज समिति के अध्यक्ष और उनकी टीम, जो हाल ही में इन पवित्र शहरों का दौरा करके लौटी है, ने जानकारी दी है कि कई तीर्थयात्रियों के पास धन समाप्त हो चुका है और वे भोजन तथा आश्रय जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में असमर्थ हैं।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब होटल प्रबंधन ने तीर्थयात्रियों को कमरे खाली करने के लिए कहना शुरू कर दिया। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित अनेक लोग बेहद नाजुक परिस्थितियों में आ गए हैं।
स्वयंसेवी मदद नाकाफी
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि उस क्षेत्र में सक्रिय भारतीय और कर्नाटक के स्वयंसेवी संगठन जो अस्थायी सहायता दे रहे हैं, वह फंसे हुए तीर्थयात्रियों की व्यापक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण वाणिज्यिक उड़ान सेवाएँ बाधित हैं और लाखों भारतीय उस क्षेत्र में हैं।
सरकार से की गई माँगें
शिवकुमार ने विदेश मंत्री से आग्रह किया कि वे रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दें कि वे सऊदी अरब के अधिकारियों, एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर फंसे तीर्थयात्रियों की वापसी के लिए तत्काल व्यवस्था करें। उन्होंने जहाँ आवश्यक हो, वहाँ विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने तथा भारत वापसी तक तीर्थयात्रियों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने का भी अनुरोध किया।
मानवीय संकट की गंभीरता
मुख्यमंत्री ने इस मामले को मानवीय आधार पर सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि किसी भी देरी से बुजुर्ग और कमज़ोर तीर्थयात्रियों की स्थिति और बिगड़ सकती है। गौरतलब है कि उमराह तीर्थयात्री वर्ष भर सऊदी अरब जाते हैं और क्षेत्रीय अस्थिरता के दौरान उनकी वापसी सुनिश्चित करना राजनयिक प्राथमिकता बन जाती है।
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक सरकार इन तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी के लिए केंद्र सरकार को हर संभव सहयोग देने को तैयार है। विदेश मंत्रालय की ओर से इस पत्र पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।