24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सऊदी अरब में फंसे 600+ उमराह तीर्थयात्री: कर्नाटक CM शिवकुमार ने जयशंकर से माँगी तत्काल मदद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सऊदी अरब में फंसे 600+ उमराह तीर्थयात्री: कर्नाटक CM शिवकुमार ने जयशंकर से माँगी तत्काल मदद

सारांश

मध्य पूर्व में बिगड़ते हालात के बीच मक्का-मदीना में 600 से अधिक कर्नाटक के उमराह तीर्थयात्री फंसे हैं — पैसे खत्म, होटल खाली करने का दबाव। CM शिवकुमार ने विदेश मंत्री जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप और विशेष उड़ानों की माँग की है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के CM डी.के.
शिवकुमार ने 23 अक्टूबर 2026 को विदेश मंत्री एस.
जयशंकर को पत्र लिखा।
सऊदी अरब के मक्का और मदीना में 600 से अधिक कर्नाटक के उमराह तीर्थयात्री फंसे हैं।
मध्य पूर्व में बिगड़ते सुरक्षा हालात के कारण बेंगलुरु सहित भारत के लिए वापसी उड़ानें निलंबित हैं।
कई तीर्थयात्रियों के पास धन समाप्त; बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होटल खाली करने का दबाव।
शिवकुमार ने रियाद दूतावास व जेद्दा वाणिज्य दूतावास से समन्वय और विशेष उड़ानों की व्यवस्था का आग्रह किया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें, ताकि सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना में फंसे 600 से अधिक कर्नाटक के उमराह तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। मध्य पूर्व में बिगड़ते सुरक्षा हालात के कारण बेंगलुरु और भारत के अन्य शहरों के लिए वापसी उड़ानें निलंबित हो गई हैं, जिससे यह संकट पैदा हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

शिवकुमार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि हवाई सेवाओं में रुकावट के चलते सैकड़ों तीर्थयात्री गंभीर कठिनाइयों में घिर गए हैं। कर्नाटक राज्य हज समिति के अध्यक्ष और उनकी टीम, जो हाल ही में इन पवित्र शहरों का दौरा करके लौटी है, ने जानकारी दी है कि कई तीर्थयात्रियों के पास धन समाप्त हो चुका है और वे भोजन तथा आश्रय जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में असमर्थ हैं।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब होटल प्रबंधन ने तीर्थयात्रियों को कमरे खाली करने के लिए कहना शुरू कर दिया। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित अनेक लोग बेहद नाजुक परिस्थितियों में आ गए हैं।

स्वयंसेवी मदद नाकाफी

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि उस क्षेत्र में सक्रिय भारतीय और कर्नाटक के स्वयंसेवी संगठन जो अस्थायी सहायता दे रहे हैं, वह फंसे हुए तीर्थयात्रियों की व्यापक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण वाणिज्यिक उड़ान सेवाएँ बाधित हैं और लाखों भारतीय उस क्षेत्र में हैं।

सरकार से की गई माँगें

शिवकुमार ने विदेश मंत्री से आग्रह किया कि वे रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दें कि वे सऊदी अरब के अधिकारियों, एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर फंसे तीर्थयात्रियों की वापसी के लिए तत्काल व्यवस्था करें। उन्होंने जहाँ आवश्यक हो, वहाँ विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने तथा भारत वापसी तक तीर्थयात्रियों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने का भी अनुरोध किया।

मानवीय संकट की गंभीरता

मुख्यमंत्री ने इस मामले को मानवीय आधार पर सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि किसी भी देरी से बुजुर्ग और कमज़ोर तीर्थयात्रियों की स्थिति और बिगड़ सकती है। गौरतलब है कि उमराह तीर्थयात्री वर्ष भर सऊदी अरब जाते हैं और क्षेत्रीय अस्थिरता के दौरान उनकी वापसी सुनिश्चित करना राजनयिक प्राथमिकता बन जाती है।

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक सरकार इन तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी के लिए केंद्र सरकार को हर संभव सहयोग देने को तैयार है। विदेश मंत्रालय की ओर से इस पत्र पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो केंद्र-राज्य समन्वय की कमी को उजागर करती है। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया की गति यह तय करेगी कि क्या यह एक प्रभावी राजनयिक कार्रवाई बनेगी या फिर एक और अनुत्तरित पत्र।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सऊदी अरब में कर्नाटक के उमराह तीर्थयात्री क्यों फंसे हैं?
मध्य पूर्व में बिगड़ते सुरक्षा हालात के कारण बेंगलुरु सहित भारत के अन्य शहरों के लिए वापसी उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। इसी वजह से 600 से अधिक उमराह तीर्थयात्री मक्का और मदीना में फंस गए हैं।
CM शिवकुमार ने विदेश मंत्री जयशंकर से क्या माँग की है?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विदेश मंत्री से आग्रह किया है कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दें। साथ ही जहाँ ज़रूरी हो, वहाँ विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए और तीर्थयात्रियों को हरसंभव सहायता मुहैया कराई जाए।
फंसे तीर्थयात्रियों की स्थिति कितनी गंभीर है?
कर्नाटक राज्य हज समिति के अनुसार कई तीर्थयात्रियों के पास धन समाप्त हो चुका है और वे भोजन व आश्रय जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं कर पा रहे। होटल प्रबंधन द्वारा कमरे खाली करने का दबाव भी बनाया जा रहा है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की स्थिति विशेष रूप से नाजुक हो गई है।
क्या वहाँ कोई स्थानीय सहायता उपलब्ध है?
भारतीय और कर्नाटक के स्वयंसेवी संगठन अस्थायी मदद दे रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री शिवकुमार के अनुसार यह सहायता फंसे तीर्थयात्रियों की व्यापक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी है।
इस मामले में कर्नाटक सरकार की क्या भूमिका होगी?
शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि कर्नाटक सरकार तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार को हर संभव सहयोग देने को तैयार है। विदेश मंत्रालय की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और अगले कदमों की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले