5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक विधान परिषद सभापति बसवराज होरट्टी 14 अगस्त को देंगे इस्तीफा, कांग्रेस के फैसले पर जताई नाराज़गी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक विधान परिषद सभापति बसवराज होरट्टी 14 अगस्त को देंगे इस्तीफा, कांग्रेस के फैसले पर जताई नाराज़गी

सारांश

कर्नाटक विधान परिषद सभापति बसवराज होरट्टी ने 14 अगस्त को इस्तीफे का ऐलान किया — कांग्रेस हाईकमान के उस फैसले के बाद जिसमें सलीम अहमद को उनकी जगह उम्मीदवार घोषित किया गया। होरट्टी ने संवैधानिक पद की गरिमा से समझौते पर खुली नाराज़गी जताई।

मुख्य बातें

बसवराज होरट्टी ने 14 अगस्त 2026 को कर्नाटक विधान परिषद के सभापति पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता सलीम अहमद को सभापति पद का उम्मीदवार घोषित किया — होरट्टी के कार्यकाल के दौरान।
शिवकुमार ने होरट्टी को बताया कि यह कांग्रेस हाईकमान का अंतिम निर्णय है।
BJP ने कांग्रेस के इस कदम को संसदीय परंपरा के विरुद्ध बताया।
होरट्टी इस्तीफे के बाद विधान परिषद के सामान्य सदस्य के रूप में बने रहेंगे।
कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से शुरू होगा।

कर्नाटक विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी ने 6 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वह 14 अगस्त को अपने संवैधानिक पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंप देंगे। यह घोषणा तब आई जब कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेता सलीम अहमद को सभापति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया — जबकि होरट्टी अभी भी पद पर कार्यरत हैं।

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

होरट्टी ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से शुरू होगा। पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, और दूसरे दिन 14 अगस्त को उपसभापति के चुनाव के तुरंत बाद वह अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने उनसे मुलाकात कर यह जानकारी दी कि यह निर्णय कांग्रेस हाईकमान का अंतिम फैसला है।

कांग्रेस और भाजपा की प्रतिक्रिया

गुरुवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने होरट्टी के आधिकारिक आवास पर पहुँचकर इस मुद्दे पर चर्चा की। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के इस कदम की कड़ी आलोचना की। पार्टी का कहना है कि जब तक कोई व्यक्ति संवैधानिक पद पर कार्यरत हो, उस पद के लिए उम्मीदवार की सार्वजनिक घोषणा करना संसदीय परंपरा के विरुद्ध है। BJP के अनुसार, सभापति का पद दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए।

होरट्टी की नाराज़गी

होरट्टी ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कांग्रेस हाईकमान का अंतिम निर्णय है और उन्होंने मुझसे सभापति पद छोड़ने का अनुरोध किया। मैंने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि किसी संवैधानिक पद की गरिमा को इस तरह कम करना उचित नहीं है। होरट्टी के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी इस मुद्दे पर किसी से बात न करने की बात कही। उन्होंने कहा, 'मुझ पर भरोसा नहीं होने जैसी टिप्पणियों से मुझे गहरी पीड़ा पहुँची है। मैं ऐसे माहौल में काम जारी नहीं रखना चाहता।'

आगे की राह

होरट्टी ने स्पष्ट किया कि सभापति पद छोड़ने के बाद भी वह कर्नाटक विधान परिषद के एक सामान्य सदस्य के रूप में सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेते रहेंगे। 14 अगस्त को उपसभापति चुनाव के बाद होरट्टी के इस्तीफे के साथ ही परिषद में नए राजनीतिक समीकरण बनने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संकेत देता है कि सत्तारूढ़ दल के लिए पद की संवैधानिक गरिमा से अधिक महत्वपूर्ण राजनीतिक गणित है। होरट्टी की 'भरोसे की कमी' वाली टिप्पणी बताती है कि यह विवाद केवल पद तक सीमित नहीं — यह गठबंधन-युग की राजनीति में व्यक्तिगत निष्ठा और संस्थागत स्वायत्तता के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसवराज होरट्टी कब और क्यों इस्तीफा दे रहे हैं?
बसवराज होरट्टी 14 अगस्त 2026 को कर्नाटक विधान परिषद के सभापति पद से इस्तीफा देंगे। कांग्रेस हाईकमान ने उनके कार्यकाल के दौरान ही सलीम अहमद को सभापति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के अनुरोध पर उन्होंने यह निर्णय लिया।
कांग्रेस ने सभापति पद के लिए किसे उम्मीदवार बनाया है?
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता सलीम अहमद को कर्नाटक विधान परिषद के सभापति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह घोषणा होरट्टी के अभी भी पद पर रहते हुए की गई, जिसे BJP ने परंपरा-विरुद्ध बताया।
BJP ने इस मामले में क्या आपत्ति जताई?
BJP का कहना है कि जब तक कोई व्यक्ति संवैधानिक पद पर कार्यरत हो, उस पद के लिए उम्मीदवार की सार्वजनिक घोषणा संसदीय परंपरा के विरुद्ध है। पार्टी के अनुसार सभापति का पद दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए।
कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र कब शुरू होगा?
कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 से शुरू होगा। पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और 14 अगस्त को उपसभापति चुनाव के बाद होरट्टी अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
इस्तीफे के बाद होरट्टी की क्या भूमिका होगी?
होरट्टी ने स्पष्ट किया है कि सभापति पद छोड़ने के बाद भी वह कर्नाटक विधान परिषद के एक सामान्य सदस्य के रूप में सदन की कार्यवाही में भाग लेते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले