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कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष बसवराज होरट्टी 14 अगस्त को देंगे इस्तीफा, संवैधानिक पद की गरिमा पर उठाए सवाल

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कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष बसवराज होरट्टी 14 अगस्त को देंगे इस्तीफा, संवैधानिक पद की गरिमा पर उठाए सवाल

सारांश

कर्नाटक विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी का इस्तीफा महज एक पद-परिवर्तन नहीं — यह कांग्रेस हाई कमांड के उस दबाव की कहानी है जिसने एक संवैधानिक पद की गरिमा को दलीय राजनीति की भेंट चढ़ा दिया। होरट्टी की नाराजगी और BJP की आलोचना मिलकर एक बड़े सवाल को जन्म देती है: क्या विधायी संस्थाएँ वाकई दलीय हस्तक्षेप से मुक्त हैं?

मुख्य बातें

बसवराज होरट्टी ने 14 अगस्त 2026 को कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
कांग्रेस पार्टी ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में वरिष्ठ नेता सलीम अहमद का नाम पहले ही घोषित कर दिया था।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने होरट्टी को सूचित किया कि इस्तीफे का आदेश कांग्रेस हाई कमांड का है।
होरट्टी ने संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने पर नाराजगी व्यक्त की।
BJP ने इसे परंपरा और संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए आलोचना की।
होरट्टी इस्तीफे के बाद विधान परिषद में साधारण सदस्य के रूप में बने रहेंगे।

कर्नाटक विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने 6 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वे 14 अगस्त को अपने पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंप देंगे। यह निर्णय तब आया जब कांग्रेस पार्टी ने उनके पद पर वरिष्ठ नेता सलीम अहमद की नियुक्ति की घोषणा कर दी — जबकि होरट्टी अभी भी पद पर बने हुए थे। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में तीखा विवाद खड़ा कर दिया है।

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से प्रारंभ होने वाला है। सत्र का पहला दिन दिवंगत गणमान्य व्यक्तियों की स्मृति में शोक सभाओं के लिए निर्धारित है। होरट्टी ने स्पष्ट किया कि वे सत्र के दूसरे दिन — 14 अगस्त को — उपाध्यक्ष पद के चुनाव के तुरंत बाद अध्यक्ष पद छोड़ेंगे।

होरट्टी के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें सूचित किया कि यह निर्णय कांग्रेस हाई कमांड का अंतिम आदेश है। होरट्टी ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि यह हाई कमांड का अंतिम निर्णय है और उन्होंने मुझसे इस्तीफा देने का अनुरोध किया। मैंने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया है।' उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि वे इस मुद्दे पर किसी से बात नहीं करेंगे।

केपीसीसी अध्यक्ष की मुलाकात

केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने गुरुवार को होरट्टी के सरकारी आवास पर जाकर उनसे विचार-विमर्श किया। इस मुलाकात को इस्तीफे की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। हालाँकि, बैठक के विस्तृत ब्यौरे सार्वजनिक नहीं किए गए।

संवैधानिक पद की गरिमा पर सवाल

होरट्टी ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'संवैधानिक पद का इस तरह अनादर करना या उस पर कब्जा करना उचित नहीं है।' उनका मानना है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उत्तराधिकारी का नाम घोषित करना संवैधानिक परंपराओं के विरुद्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन पर अविश्वास जताने वाली टिप्पणियों से उन्हें गहरी पीड़ा हुई है और वे ऐसे माहौल में काम जारी नहीं रखना चाहते।

भाजपा की आलोचना

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कदम की तीखी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि अध्यक्ष पद संवैधानिक रूप से पवित्र है और इसे दलीय राजनीति से परे रखा जाना चाहिए। BJP के अनुसार, पद पर रहते हुए उत्तराधिकारी की घोषणा करना स्थापित परंपरा का उल्लंघन है और इससे विधायी संस्थाओं की स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न लगता है।

आगे क्या होगा

होरट्टी ने स्पष्ट किया कि इस्तीफे के बाद वे विधान परिषद में एक साधारण सदस्य के रूप में सक्रिय रहेंगे। 14 अगस्त को उपाध्यक्ष चुनाव के बाद इस्तीफे की औपचारिकता पूरी होने पर सलीम अहमद के अध्यक्ष पद संभालने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह देखना अहम होगा कि क्या BJP इस प्रक्रिया को विधानसभा के भीतर चुनौती देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह विधायी स्वायत्तता की उस अवधारणा को कमज़ोर करता है जिस पर संसदीय लोकतंत्र टिका है। BJP की आलोचना तथ्यात्मक रूप से सही हो सकती है, लेकिन यह वही पार्टी है जिसने अन्य राज्यों में ऐसे ही कदम उठाए हैं — इसलिए उसकी नैतिक स्थिति भी बेदाग नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र इस विवाद की छाया में निर्बाध चल पाएगा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसवराज होरट्टी कर्नाटक विधान परिषद अध्यक्ष पद से क्यों इस्तीफा दे रहे हैं?
कांग्रेस हाई कमांड के निर्देश पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने होरट्टी से इस्तीफे का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। होरट्टी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए उत्तराधिकारी की घोषणा करना पद की गरिमा के विरुद्ध है।
होरट्टी का इस्तीफा कब होगा और इसकी प्रक्रिया क्या है?
होरट्टी 14 अगस्त 2026 को इस्तीफा देंगे — कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन, उपाध्यक्ष पद के चुनाव के तुरंत बाद। सत्र 13 अगस्त से शुरू होगा और पहला दिन शोक सभाओं के लिए होगा।
होरट्टी की जगह कौन बनेगा कर्नाटक विधान परिषद का अध्यक्ष?
कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता सलीम अहमद का नाम अगले अध्यक्ष के रूप में घोषित किया है। होरट्टी के इस्तीफे के बाद अहमद के पद संभालने का मार्ग प्रशस्त होगा।
BJP ने इस मामले में क्या आपत्ति जताई है?
BJP का कहना है कि अध्यक्ष पद संवैधानिक रूप से पवित्र है और इसे दलीय राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। पार्टी के अनुसार, पद पर रहते हुए उत्तराधिकारी की घोषणा करना स्थापित संसदीय परंपरा का उल्लंघन है।
इस्तीफे के बाद होरट्टी की क्या भूमिका होगी?
होरट्टी ने स्पष्ट किया है कि अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद भी वे कर्नाटक विधान परिषद में एक साधारण सदस्य के रूप में सक्रिय रूप से भाग लेते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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