कर्नाटक: राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने बी. नागेंद्र का मंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार किया, ₹89 करोड़ घोटाले में थे आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र का मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। 29 अगस्त को जारी आधिकारिक अधिसूचना रविवार, 30 अगस्त को मीडिया के समक्ष सार्वजनिक की गई। यह कार्रवाई कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित ₹89 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले के बीच हुई है।
इस्तीफे की प्रक्रिया
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को राज्यपाल को पत्र लिखकर बी. नागेंद्र के इस्तीफे को स्वीकार करने की सिफारिश की। इसके बाद राज्यपाल गहलोत ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर किया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद मई 2024 में उस समय सार्वजनिक हुआ जब निगम के एक अधिकारी ने आत्महत्या कर ली और एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें निगम के बैंक खातों से कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से बड़ी रकम अन्य खातों में स्थानांतरित किए जाने का आरोप लगाया गया था। जाँच में सामने आया कि निगम के खातों से कथित तौर पर ₹89 करोड़ की राशि अनियमित रूप से ट्रांसफर की गई थी।
गौरतलब है कि इसी मामले में बी. नागेंद्र को पहले जून 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कैबिनेट में आदिवासी कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। वे एक प्रमुख अनुसूचित जनजाति नेता माने जाते हैं।
दूसरी बार वापसी और फिर विदाई
कर्नाटक में सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद 3 अगस्त को बी. नागेंद्र को नई कैबिनेट में योजना एवं सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालाँकि, उनकी यह वापसी अल्पकालिक साबित हुई, क्योंकि भ्रष्टाचार के आरोप फिर से चर्चा में आ गए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार बी. नागेंद्र के इस्तीफे की माँग करती रही थी। विपक्ष का तर्क था कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद उन्हें दोबारा कैबिनेट में शामिल करना कांग्रेस सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। आलोचकों का कहना है कि यह मामला अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए आवंटित विकास निधि के कुप्रबंधन की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
आगे क्या होगा
बी. नागेंद्र के मंत्री पद से हटने के बाद योजना एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार किसे सौंपा जाएगा, इस पर मुख्यमंत्री शिवकुमार जल्द निर्णय लेने की संभावना है। इस मामले में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और आगे कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नज़र बनी हुई है।