कर्नाटक में इंजीनियर दिवस अब आधिकारिक: CM शिवकुमार का ऐलान, अगले वर्ष से होगा राजकीय आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 15 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार अगले वर्ष से इंजीनियर दिवस को आधिकारिक रूप से मनाएगी, जिससे राज्य और देश के विकास में इंजीनियरों के योगदान को संस्थागत मान्यता मिलेगी। यह घोषणा भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर बेंगलुरु के केआर सर्कल स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद की गई।
मुख्य घोषणा और पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से इंजीनियर दिवस को आधिकारिक दर्जा देने का प्रस्ताव उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया था और उन्होंने इसे अपनी सहमति दे दी है। यह आयोजन प्रतिवर्ष 15 सितंबर को होगा, जो विश्वेश्वरैया की जयंती का दिन है और भारत में राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त है।
समारोह की विस्तृत रूपरेखा और विवरण पर अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
इंजीनियरों के योगदान पर मुख्यमंत्री की राय
शिवकुमार ने कहा कि हमारे राज्य में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और भारत में इंजीनियरों की संख्या विश्व में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा, 'इंजीनियर देश की संपत्ति हैं। वैज्ञानिक शोध करते हैं, जबकि इंजीनियर उन खोजों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने में अहम भूमिका निभाते हैं।'
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इंजीनियरों की भूमिका परंपरागत वास्तुकला और अवसंरचना से आगे बढ़कर अब ऊर्जा, भवन निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों तक फैल गई है।
विश्वेश्वरैया: एक अमर विरासत
भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित इंजीनियरों और प्रशासकों में से एक थे। उन्हें इंजीनियरिंग, सिंचाई प्रणाली और सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण में उनके अग्रणी योगदान के लिए याद किया जाता है। कर्नाटक के लिए उनका योगदान विशेष रूप से अमूल्य रहा है, जहाँ उन्होंने आधुनिक विकास की नींव रखी।
गौरतलब है कि विश्वेश्वरैया की जयंती को पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर इंजीनियर दिवस के रूप में मनाया जाता है, परंतु कर्नाटक सरकार का यह निर्णय इसे राज्य के आधिकारिक कैलेंडर में शामिल करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
आम जनता और इंजीनियरिंग समुदाय पर असर
यह आधिकारिक दर्जा विशेष रूप से बेंगलुरु जैसे तकनीकी-केंद्रित शहर के लिए प्रतीकात्मक महत्व रखता है, जहाँ आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र लाखों पेशेवरों को रोज़गार देते हैं। यह आयोजन न केवल पेशेवर इंजीनियरों को, बल्कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी प्रेरित करेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहन देने की चर्चा केंद्र और राज्य सरकारों के एजेंडे में प्रमुखता से है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री शिवकुमार के अनुसार, समारोह की विस्तृत रूपरेखा सरकारी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी। अगला आधिकारिक इंजीनियर दिवस समारोह 15 सितंबर 2027 को आयोजित होने की संभावना है। यह पहल कर्नाटक को देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकती है जो तकनीकी समुदाय को विधिवत सम्मान देते हैं।