21 अगस्त 2026
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कटनी जमीन घोटाला: सीएसपी नेहा पच्चीसिया निलंबित, CM मोहन यादव ने DGP को दिए सख्त निर्देश

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कटनी जमीन घोटाला: सीएसपी नेहा पच्चीसिया निलंबित, CM मोहन यादव ने DGP को दिए सख्त निर्देश

सारांश

कटनी में हत्याकांड के आरोपी को बचाने और करोड़ों की जमीन की अवैध सौदेबाजी के आरोप में जाँच में दोषी पाई गईं सीएसपी नेहा पच्चीसिया को CM मोहन यादव ने 21 अगस्त को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया। कोटा थाने में FIR दर्ज, जमीन खरीदार मारूफ अहमद और बिचौलिया भी आरोपी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 21 अगस्त को सीएसपी नेहा पच्चीसिया को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए।
आरोप: कटनी हत्याकांड के आरोपी की करोड़ों रुपये की जमीन को कुछ लाख में मारूफ अहमद से सौदा कराना।
जाँच आईपीएस अनु बेनीवाल ने की; रिपोर्ट में सीएसपी दोषी पाई गईं।
कटनी के कोटा थाने में सीएसपी, मारूफ अहमद और बिचौलिए के विरुद्ध आपराधिक धाराओं में FIR दर्ज।
CM ने स्पष्ट किया — पद का दुरुपयोग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में हत्याकांड के आरोपी को बचाने और करोड़ों रुपये की जमीन की अवैध सौदेबाजी के आरोप में घिरी नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 21 अगस्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि पद के दुरुपयोग और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

कटनी में हुए एक हत्याकांड में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था। जाँच में सामने आया कि सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने इस मामले के एक आरोपी की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को कथित तौर पर महज कुछ लाख रुपये में एक अन्य व्यक्ति से सौदा करा दिया। इस गंभीर आरोप की शिकायत पुलिस महानिदेशक (DGP) तक पहुँची, जिसके बाद जाँच की प्रक्रिया शुरू हुई।

जाँच और FIR

सूत्रों के अनुसार, DGP के निर्देश पर जबलपुर के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने जाँच के आदेश दिए और यह जाँच आईपीएस अनु बेनीवाल को सौंपी गई। जाँच रिपोर्ट में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर कटनी के कोटा थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया, जमीन खरीदने वाले मारूफ अहमद और एक बिचौलिए के विरुद्ध आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव को सीएसपी के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा और निष्पक्ष जाँच के साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आगे क्या होगा

फिलहाल कोटा थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जाँच जारी है। सीएसपी के निलंबन के बाद यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस में पद के दुरुपयोग के खिलाफ राज्य सरकार की जवाबदेही की मिसाल बन सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायिक प्रक्रिया में मारूफ अहमद और बिचौलिए के विरुद्ध आरोप किस दिशा में जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि FIR दर्ज होने के बाद न्यायिक प्रक्रिया कितनी गति और निष्पक्षता से आगे बढ़ती है। यह भी उल्लेखनीय है कि शिकायत DGP तक पहुँचने के बाद ही जाँच शुरू हुई — यानी आंतरिक निगरानी तंत्र पहले इसे पकड़ने में विफल रहा।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कटनी जमीन घोटाला क्या है?
कटनी हत्याकांड के एक आरोपी की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने कथित तौर पर कुछ लाख रुपये में मारूफ अहमद से सौदा कराया। जाँच में यह आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद कोटा थाने में FIR दर्ज की गई और CM ने सीएसपी को निलंबित करने के आदेश दिए।
सीएसपी नेहा पच्चीसिया को क्यों निलंबित किया गया?
आईपीएस अनु बेनीवाल द्वारा की गई जाँच में सीएसपी नेहा पच्चीसिया को हत्याकांड के आरोपी की जमीन की अवैध सौदेबाजी में दोषी पाया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्य सचिव को उनके विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस मामले में FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
कटनी के कोटा थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया, जमीन खरीदने वाले मारूफ अहमद और एक बिचौलिए के विरुद्ध आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह FIR जबलपुर के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा के निर्देश पर दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जाँच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
इस मामले की जाँच किसने की?
DGP को शिकायत मिलने के बाद जबलपुर के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने जाँच के आदेश दिए और यह जाँच आईपीएस अनु बेनीवाल को सौंपी गई। जाँच रिपोर्ट में तथ्य सामने आने के बाद ही FIR और निलंबन की कार्रवाई हुई।
राष्ट्र प्रेस
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