23 जुलाई 2026
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केजरीवाल का सवाल: जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा क्यों? कनॉट प्लेस में 6:30 बजे तक दुकानें बंद करने की एडवाइजरी

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केजरीवाल का सवाल: जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा क्यों? कनॉट प्लेस में 6:30 बजे तक दुकानें बंद करने की एडवाइजरी

सारांश

नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से पहले केजरीवाल ने भारी सुरक्षा तैनाती और एम्बुलेंस की कतारों पर सरकार से सीधे सवाल पूछे। NDTA ने कनॉट प्लेस में शाम 6:30 बजे तक दुकानें बंद करने की एडवाइजरी जारी की — और केजरीवाल ने इसे सरकार की कथित कार्रवाई की आशंका से जोड़ा।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 23 जुलाई 2026 को दावा किया कि जंतर-मंतर पर नीट विरोध प्रदर्शन से पहले भारी सुरक्षाबल और एम्बुलेंस की कतारें लगाई गई हैं।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने NDMC की सलाह पर कनॉट प्लेस के सभी प्रतिष्ठानों को शाम 6:30 बजे तक बंद करने की एडवाइजरी जारी की।
केजरीवाल ने बुधवार रात वीडियो संदेश में मोदी सरकार को छात्रों के खिलाफ 'गलत कदम' न उठाने की चेतावनी दी।
उन्होंने 'विश्वसनीय सूत्रों' के हवाले से प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट सेवा बाधित करने की खबरों का उल्लेख किया।
केंद्र सरकार या BJP की ओर से केजरीवाल के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 23 जुलाई 2026 (गुरुवार) को केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को घेरने के लिए भारी सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं और वहाँ एम्बुलेंस की कतारें लग गई हैं। इसी बीच, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने कनॉट प्लेस के सभी दुकानदारों और प्रतिष्ठानों को शाम 6:30 बजे तक बंद करने की 'जरूरी' एडवाइजरी जारी की।

एडवाइजरी का विवरण और पृष्ठभूमि

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह पर यह एडवाइजरी जारी की। इसमें कनॉट प्लेस के सभी दुकान मालिकों, रेस्टोरेंट संचालकों और कार्यालय प्रतिष्ठानों से 23 जुलाई 2026 को शाम 6:30 बजे तक परिसर बंद कर देने का आग्रह किया गया। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया कि यह कदम 'क्षेत्र की गंभीर स्थिति' को देखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी 'अप्रिय घटना', संपत्ति के नुकसान या चोट से बचा जा सके।

केजरीवाल ने इस एडवाइजरी को अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किया और इसे सरकार की कथित कार्रवाई की योजना का संकेत बताया।

केजरीवाल के आरोप और चेतावनी

केजरीवाल ने बुधवार रात एक स्व-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के माध्यम से मोदी सरकार को सचेत किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के विरुद्ध कोई 'गलत कदम' न उठाया जाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 'विश्वसनीय सूत्रों' से जानकारी मिली है कि विरोध स्थल के आसपास सुरक्षाबलों की अचानक तैनाती बढ़ाई गई है और इंटरनेट सेवाएँ बाधित करने की खबरें हैं।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूछा कि क्या सरकार जंतर-मंतर पर एकत्रित छात्रों पर 'क्रूर कार्रवाई' की तैयारी में है। कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र को समय से पहले बंद करने की एडवाइजरी को उन्होंने इसी संदर्भ में देखा।

नीट विवाद और AAP का रुख

गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन चल रहा है। AAP और केजरीवाल लगातार केंद्र सरकार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई न करने का आरोप लगाते आए हैं। केजरीवाल ने आंदोलनकारी छात्रों के 'अदम्य जज्बे' की सराहना की है और उनके साथ एकजुटता जताई है।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने नीट मामले में सरकार की जवाबदेही तय करने की माँग तेज़ कर दी है और संसद के भीतर-बाहर दोनों जगह दबाव बनाया जा रहा है।

सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

केजरीवाल के आरोपों पर केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। NDMC ने भी एडवाइजरी के संदर्भ में स्वतंत्र रूप से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। आने वाले घंटों में जंतर-मंतर पर स्थिति किस दिशा में जाती है, यह राजधानी की राजनीति के लिए निर्णायक हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन NDTA की एडवाइजरी एक सत्यापन-योग्य दस्तावेज़ है जो दर्शाता है कि प्रशासन ने व्यावसायिक केंद्र को समय से पहले बंद कराना ज़रूरी समझा — यह सामान्य स्थिति का संकेत नहीं है। नीट विवाद में सरकार की प्रतिक्रिया अब तक प्रतिक्रियात्मक रही है, न कि पारदर्शी। विरोध स्थलों के पास इंटरनेट बंद करने और सुरक्षा बढ़ाने की खबरें — चाहे पुष्टि हो या न हो — जनता में अविश्वास को गहरा करती हैं। असली सवाल यह है कि सरकार छात्रों की माँगों पर संवाद क्यों नहीं कर रही, और दमन की आशंकाओं को दूर करने के लिए पारदर्शी बयान क्यों नहीं आ रहे।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा को लेकर क्या आरोप लगाए?
केजरीवाल ने दावा किया कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आसपास भारी सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं और एम्बुलेंस की कतारें लगाई गई हैं। उन्होंने 'विश्वसनीय सूत्रों' के हवाले से इंटरनेट सेवा बाधित करने की खबरों का भी उल्लेख किया और सरकार से पूछा कि क्या वह छात्रों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
NDTA की एडवाइजरी में कनॉट प्लेस के व्यापारियों को क्या निर्देश दिए गए?
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने NDMC के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह पर 23 जुलाई 2026 को कनॉट प्लेस के सभी दुकानों, रेस्टोरेंट और कार्यालय प्रतिष्ठानों को शाम 6:30 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया। एडवाइजरी में कहा गया कि यह 'क्षेत्र की गंभीर स्थिति' को देखते हुए जारी किया गया है ताकि किसी अप्रिय घटना या संपत्ति के नुकसान से बचा जा सके।
नीट पेपर लीक मामले में AAP का रुख क्या रहा है?
AAP और केजरीवाल लगातार केंद्र सरकार पर नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाते आए हैं। केजरीवाल ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ एकजुटता जताई है और उनके 'अदम्य जज्बे' की सराहना की है।
केजरीवाल ने मोदी सरकार को क्या चेतावनी दी?
केजरीवाल ने बुधवार रात एक स्व-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री को चेतावनी दी कि जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई 'गलत कदम' न उठाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी 'क्रूर कार्रवाई' की स्थिति में सरकार को जवाब देना होगा।
केंद्र सरकार ने केजरीवाल के आरोपों पर क्या कहा?
केजरीवाल के आरोपों पर केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से 23 जुलाई 2026 तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। NDMC ने भी एडवाइजरी के संदर्भ में स्वतंत्र स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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