क्या केंद्र ने राज्यों को कर राजस्व के रूप में 4.28 लाख करोड़ रुपए से अधिक ट्रांसफर किए?

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क्या केंद्र ने राज्यों को कर राजस्व के रूप में 4.28 लाख करोड़ रुपए से अधिक ट्रांसफर किए?

सारांश

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 10,95,209 करोड़ रुपए की कर प्राप्तियों की जानकारी दी है। इसमें से राज्यों को 4.28 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। यह रिपोर्ट अर्थव्यवस्था के विकास और नियंत्रण में राजकोषीय घाटे की स्थिति को स्पष्ट करती है।

Key Takeaways

  • केंद्र सरकार ने राज्यों को 4.28 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं।
  • इस वित्त वर्ष में 10,95,209 करोड़ रुपए की कर प्राप्तियां हुई हैं।
  • राजकोषीय घाटा 29.9 प्रतिशत पर है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती दर्शाता है।
  • बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर 3.5 लाख करोड़ रुपए का व्यय हुआ है।
  • कम राजकोषीय घाटा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद करता है।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार को चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जुलाई की अवधि में 10,95,209 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जो कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान का 31.3 प्रतिशत है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई।

सरकार ने बताया कि इसमें से शुद्ध कर राजस्व 6,61,812 करोड़ रुपए, गैर-कर राजस्व 4,03,608 करोड़ रुपए और गैर-ऋण पूंजी प्राप्तियां 29,789 करोड़ रुपए हैं।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र ने इस अवधि के दौरान कर राजस्व के रूप में राज्य सरकारों को 4,28,544 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 61,914 करोड़ रुपए अधिक है।

इस अवधि के दौरान केंद्र द्वारा किया गया कुल व्यय 15,63,625 करोड़ रुपए है, जो 2025-26 के संबंधित बजट अनुमान का 30.9 प्रतिशत है। इसमें से 12,16,699 करोड़ रुपए राजस्व खाते में से और 3,46,926 करोड़ रुपए पूंजी खाते में से खर्च किए गए हैं।

कुल राजस्व व्यय में ब्याज भुगतान 4,46,690 करोड़ रुपए है, जबकि सब्सिडी 1,13,592 करोड़ रुपए है।

समीक्षा अवधि में राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों और बिजली क्षेत्रों में बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सरकार का पूंजीगत व्यय एक साल पहले के 2.6 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 3.5 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है क्योंकि ये बुनियादी ढांचा परियोजनाएं विकास दर को बढ़ावा देती हैं और अधिक रोजगार और आय सृजन पर गुणक प्रभाव डालती हैं।

सरकार का राजकोषीय घाटा भी पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित बजट अनुमान के 29.9 प्रतिशत पर नियंत्रण में है।

राजकोषीय घाटे में कमी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। इससे सरकार की उधारी में कमी आती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में कॉर्पोरेट और उपभोक्ताओं को ऋण देने के लिए अधिक धनराशि बचती है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। कम राजकोषीय घाटा मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने में भी मदद करता है।

Point of View

यह रिपोर्ट देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और राज्यों के विकास में सहायता करने के लिए केंद्र सरकार की सक्रियता को दर्शाती है। यह कदम न केवल राज्यों के लिए बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

केंद्र सरकार ने राज्यों को कितनी राशि ट्रांसफर की?
केंद्र सरकार ने राज्यों को 4,28,544 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं।
इस वित्त वर्ष की कर प्राप्तियां कितनी हैं?
इस वित्त वर्ष में केंद्र को 10,95,209 करोड़ रुपए की कर प्राप्तियां हुई हैं।
राजकोषीय घाटा कितना है?
राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान के 29.9 प्रतिशत पर नियंत्रण में है।