राजगोपाल के पासपोर्ट विवाद पर केरल CM सतीशन ने सुवेंदु अधिकारी को लिखा पत्र, निष्पक्ष जाँच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने 29 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर वरिष्ठ पत्रकार आर. राजगोपाल के पासपोर्ट नवीनीकरण में आ रही बाधा के मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया। कोलकाता पुलिस की नकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट के चलते राजगोपाल का पासपोर्ट रिन्यूअल रुका हुआ है।
मामले की पृष्ठभूमि
सतीशन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि आर. राजगोपाल पिछले तीन दशकों से कोलकाता में रह रहे हैं और उनका पत्रकारिता में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है, जिसमें प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ के संपादक के रूप में कार्य करना भी शामिल है। वह प्रोफेसर वी. रामदास के पुत्र हैं, जो केरल में गांधी स्मारक निधि के राज्य सचिव रहे और अपनी सार्वजनिक सेवा के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे।
यह ऐसे समय में आया है जब पत्रकारों पर प्रशासनिक दबाव के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है।
पुलिस वेरिफिकेशन विवाद
सतीशन ने पत्र में कहा कि कोलकाता पुलिस की प्रतिकूल रिपोर्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची से राजगोपाल का नाम हटाए जाने पर आधारित है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस चुनावी मुद्दे को उचित अपील प्रक्रिया के माध्यम से निपटाया जा रहा है, इसलिए पुलिस रिपोर्ट का आधार विवादास्पद है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच होगी और शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजगोपाल को उनकी निडर पत्रकारिता और जवाबदेही की माँग के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी है। श्रीनेत के अनुसार, SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने के बाद उनसे मतदान का अधिकार भी छिन गया।
श्रीनेत ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 10 वर्ष के वैध अमेरिकी वीज़ा के बावजूद राजगोपाल अपनी बेटी की शादी में शामिल नहीं हो पाए — जो इस विवाद का सबसे मार्मिक पहलू है।
आम जनता और पत्रकारिता जगत पर असर
गौरतलब है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति के पासपोर्ट तक सीमित नहीं है — यह प्रेस की स्वतंत्रता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के संभावित दुरुपयोग से जुड़े व्यापक सवाल उठाता है। पत्रकारिता संगठनों और नागरिक समाज में इस मामले को लेकर चिंता बढ़ रही है।
आगे क्या होगा
अब सभी की नजरें पश्चिम बंगाल सरकार की प्रतिक्रिया पर हैं। यदि सुवेंदु अधिकारी सतीशन के पत्र पर संज्ञान लेते हैं, तो कोलकाता पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट की समीक्षा हो सकती है। राजगोपाल के पासपोर्ट नवीनीकरण का रास्ता इसी समीक्षा पर निर्भर करेगा।