केतन हत्याकांड: आरोपी सिया ने सहेली को स्नैपचैट पर कहा — 'यह शादी कभी नहीं होगी'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के केतन अग्रवाल हत्याकांड में 4 जुलाई को जाँच के दौरान एक नया और अहम खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सिया गोयल ने अपनी एक सहेली के साथ स्नैपचैट पर हुई बातचीत में कहा था — 'मुझे अपना आधार कार्ड भेजो ताकि एक ऐसी शादी के लिए टिकट बुक कर सकूं जो कभी होने ही नहीं वाली है।' यह बातचीत जाँचकर्ताओं के लिए संदेह की एक नई कड़ी बन गई है।
स्नैपचैट बातचीत और फ्लाइट बुकिंग का रहस्य
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल ने फ्लाइट टिकट बुक करने के लिए अपनी सहेली से आधार कार्ड की कॉपी माँगी थी। जाँचकर्ताओं का आरोप है कि यह बुकिंग इसलिए की जा रही थी ताकि बाहरी तौर पर यह दिखाया जा सके कि शादी की तैयारियाँ चल रही हैं — और इस तरह केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश से ध्यान हटाया जा सके। हालाँकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस स्नैपचैट बातचीत की सत्यता और साक्ष्य के रूप में इसकी कानूनी अहमियत अभी निर्धारित होनी बाकी है।
कोड भाषा और डिलीट डेटा की फोरेंसिक रिकवरी
जाँचकर्ताओं के अनुसार, मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा की फोरेंसिक रिकवरी में यह संकेत मिला है कि केतन अग्रवाल की हत्या के बाद सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने आपस में कोड भाषा और निकनेम का इस्तेमाल करते हुए संदेशों का आदान-प्रदान किया। पुलिस का दावा है कि इस बातचीत का मकसद कथित साजिश की जानकारी छिपाना और निगरानी से बचना था।
अदालत ने हिरासत बढ़ाने की अपील ठुकराई
इस मामले में दोनों आरोपियों — सिया गोयल और चेतन चौधरी — को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने हिरासत में पूछताछ की अवधि तीन दिन और बढ़ाने की अपील की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। पुलिस का तर्क था कि दोनों के बीच हुई कोडेड बातचीत को समझने और हत्या की कथित साजिश में उनकी भूमिका तय करने के लिए आमने-सामने पूछताछ ज़रूरी है।
जाँच की दिशा और आगे की कार्रवाई
जाँचकर्ताओं का दावा है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की और उसके बाद सबूत मिटाने तथा अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। गौरतलब है कि यह मामला तब से लगातार नए मोड़ ले रहा है जब से फोरेंसिक टीम ने डिजिटल साक्ष्यों की जाँच शुरू की है। आने वाले दिनों में स्नैपचैट बातचीत की कानूनी वैधता और फोरेंसिक रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।