खंडवा में श्री धूनी वाले दादाजी धाम निर्माण तेज, मकराना से चुना जाएगा विशेष संगमरमर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के खंडवा में निर्माणाधीन भव्य श्री धूनी वाले दादाजी धाम के निर्माण कार्य ने अब उल्लेखनीय गति पकड़ ली है। इस परियोजना को देश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है, और इसके लिए राजस्थान के मकराना से उच्च कोटि का संगमरमर लाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
मकराना दौरे का उद्देश्य
मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों सहित एक 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हाल ही में मकराना पहुँचा। इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य मंदिर निर्माण के लिए सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले संगमरमर का चयन करना था। प्रतिनिधिमंडल ने वहाँ करीब 15 संगमरमर विक्रेताओं का विस्तृत निरीक्षण किया।
चयन प्रक्रिया और अगले चरण
खंडवा के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि प्रत्येक विक्रेता के यहाँ जाकर संगमरमर की गुणवत्ता, मूल्य और तकनीकी पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया गया। प्रारंभिक चरण में 15 में से 7 विक्रेताओं को सूची में रखा गया है। इनमें से अंततः 3 अंतिम सप्लायर्स का चयन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय केवल कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता और निर्माण की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए लिया जाएगा।
सांसद पाटिल के अनुसार, चयनित विक्रेताओं में से 5 लोगों को 5 जुलाई तक मंदिर के नमूना पिलर तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया है। इन पिलरों की गुणवत्ता, डिज़ाइन और लागत का मूल्यांकन करने के बाद ही अंतिम दरें और शर्तें तय की जाएँगी।
गुरु पूर्णिमा से पहले अंतिम निर्णय का लक्ष्य
सांसद ने बताया कि प्रयास है कि गुरु पूर्णिमा से पहले सप्लायर्स के साथ दरों और आवश्यक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दे दिया जाए, जिससे मंदिर निर्माण कार्य को और अधिक गति मिल सके।
दादा दरबार का महत्व
दादा दरबार मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र के खंडवा में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल है। यह मंदिर दादाजी धूनीवाले की समाधि पर बना हुआ है। देश और विदेशों में दादाजी के लाखों श्रद्धालु हैं। दादाजी धूनीवाले के नाम पर भारत और विदेशों में कुल 27 धाम स्थापित हैं, जिनमें खंडवा का दादा दरबार सर्वाधिक प्रमुख माना जाता है।
यह निर्माण परियोजना न केवल निमाड़ क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नया आयाम देगी, बल्कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।