नेपाल बाढ़ पर खड़गे ने मोदी-शाह को लिखा पत्र: 320 भारतीय लापता, NDRF तैनाती की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 29 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को अलग-अलग पत्र लिखकर नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने नेपाल में फँसे 320 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और नेपाल को व्यापक मानवीय सहायता भेजने का आग्रह किया है।
बाढ़ की भयावह स्थिति
खड़गे ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1,000 लोग अभी भी लापता हैं। हज़ारों प्रभावित परिवार भोजन, दवाइयों, आश्रय और अन्य आवश्यक सहायता के लिए जूझ रहे हैं। घरों और बुनियादी ढाँचे के बड़े पैमाने पर विनाश ने प्रभावित समुदायों को गहरे संकट में धकेल दिया है।
320 भारतीय नागरिकों का संपर्क टूटा
खड़गे ने विदेश मंत्रालय से मिली ताज़ा जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क से बाहर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित अधिकारियों को बचाव और निकासी अभियान तेज़ करने के निर्देश दिए जाएँ, ताकि इन नागरिकों की जल्द और सुरक्षित वापसी हो सके।
NDRF तैनाती और मानवीय सहायता की माँग
गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में खड़गे ने सरकार से आग्रह किया कि नेपाल सरकार के साथ समन्वय करते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में NDRF की विशेषज्ञता जीवन बचाने और राहत कार्यों में अत्यंत मूल्यवान साबित हो सकती है। साथ ही उन्होंने नेपाल को तत्काल और व्यापक आपदा-राहत सहायता उपलब्ध कराने पर विचार करने का भी आग्रह किया।
भारत-नेपाल के गहरे संबंधों का संदर्भ
खड़गे ने अपने पत्र में याद दिलाया कि भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरा और स्थायी रिश्ता है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत को मज़बूती से अपने पड़ोसी के साथ खड़ा होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल एक बड़े मानवीय संकट का सामना कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से मदद की दरकार है।
आगे क्या होगा
खड़गे ने उम्मीद जताई है कि गृह मंत्रालय इस मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेगा। अब सबकी नज़रें केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं — विशेष रूप से इस बात पर कि क्या NDRF टीमें नेपाल भेजी जाती हैं और लापता भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।