कोलकाता: KMC के अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों ने मंत्री अग्निमित्रा पॉल को घेरा, ₹303 प्रतिदिन वेतन पर जताया विरोध
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की नगर निगम एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को सोमवार, 21 सितंबर 2026 को उत्तरी कोलकाता के चितपुर इलाके में कोलकाता नगर निगम (KMC) के अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों के एक समूह ने घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मंत्री की कार के इर्द-गिर्द प्रदर्शन किया। यह विरोध तब हुआ जब मंत्री एक डेंगू-विरोधी जागरूकता अभियान में भाग लेकर लौट रही थीं।
घटनाक्रम
मंत्री अग्निमित्रा पॉल सुबह चितपुर में आयोजित डेंगू-विरोधी अभियान में शामिल हुईं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही वे वहाँ से निकलने लगीं, KMC के अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों का समूह उनकी गाड़ी के इर्द-गिर्द एकत्र हो गया और वेतन वृद्धि की माँग को लेकर नारेबाज़ी शुरू कर दी। मौजूदा समय में इन कर्मियों को ₹303 प्रतिदिन का मानदेय मिलता है, जिसे वे अपर्याप्त बता रहे हैं।
मंत्री की प्रतिक्रिया
मंत्री पॉल ने प्रदर्शनकारी स्वास्थ्यकर्मियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी माँगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं रोका गया है और इस सरकार के कार्यकाल में न रोका जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम वेतन बढ़ाने का प्रयास करेंगे।'
हालाँकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी निर्णय राज्य के वित्तीय हालात को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हमें राज्य के खजाने की स्थिति देखने के बाद ही निर्णय लेना होगा। पिछली सरकार पर कर्ज है। हम महिलाओं को ₹3,000 रुपए प्रति माह दे रहे हैं। कई परियोजनाएँ भी वर्तमान में चल रही हैं।'
आम जनता पर असर
KMC के अस्थायी स्वास्थ्यकर्मी शहर में डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है। इन कर्मियों के असंतोष का सीधा असर शहर की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।
डेंगू अभियान और सख्त चेतावनी
मंत्री ने डेंगू जागरूकता अभियान के संदर्भ में नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि घर के आसपास या सड़क किनारे पानी जमा न होने दें, क्योंकि डेंगू के मच्छर रुके हुए पानी में ही पनपते हैं। निर्माण सामग्री — जैसे लोहा, कीलें या अन्य सामान — अगर सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय तक छोड़ी जाए, तो वहाँ भी पानी इकट्ठा हो सकता है।
मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और ज़रूरत पड़ने पर सामग्री जब्त भी की जा सकती है।
क्या होगा आगे
मंत्री पॉल ने माँगों पर विचार का आश्वासन तो दिया है, लेकिन वेतन वृद्धि की कोई निश्चित समयसीमा या राशि घोषित नहीं की गई है। राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति और मौजूदा बजटीय प्रतिबद्धताओं को देखते हुए, अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों की माँगें कितनी जल्दी पूरी होंगी, यह देखने वाली बात होगी।