कोलकाता में 2021 से दी गई बहुमंजिला इमारतों की मंजूरियां केएमसी की विशेष ऑडिट समिति के रडार पर
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की विशेष ऑडिट समिति अब 2021 से लेकर अब तक कोलकाता और उसके आसपास बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के लिए तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC)-नियंत्रित बोर्ड द्वारा दी गई सभी मंजूरियों और क्लीयरेंस की जांच कर रही है। यह कदम तारातला में तीन मंजिला गोदाम के ढहने से 16 लोगों की मौत के बाद उठाया गया है, और प्रारंभिक ऑडिट में सामने आए चौंकाने वाले खुलासों के बाद जांच का दायरा और विस्तृत किया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके तारातला में हाल ही में एक तीन मंजिला गोदाम के ढह जाने से 16 लोगों की जान चली गई। इस दुखद हादसे के बाद केएमसी ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारतों का विशेष ऑडिट कराने का निर्णय लिया। इसके तहत एक हाई-पावर ऑडिट कमेटी गठित की गई, जिसने मौके पर जाकर जांच शुरू की।
प्रारंभिक ऑडिट के चौंकाने वाले निष्कर्ष
केएमसी की हाई-पावर ऑडिट कमेटी ने निर्माणाधीन 160 बहुमंजिला इमारतों का स्थलीय निरीक्षण किया। इनमें से मात्र 11 इमारतों को ही मंजूरी मिली — यानी केवल सात प्रतिशत इमारतें ही मानकों पर खरी उतरीं। वहीं, 23 इमारतों में गंभीर कमियां और लापरवाही पाई गईं। यह प्रारंभिक ऑडिट रिपोर्ट सोमवार को विधानसभा में पेश की गई।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, इन 23 इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है। गौरतलब है कि बाकी 41 बहुमंजिला इमारतों की ऑडिट रिपोर्ट अभी तकनीकी उप-समिति के पास विचाराधीन है।
केएमसी की कार्रवाई
केएमसी ने तत्काल प्रभाव से उन 23 इमारतों पर निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है जिनमें कमियां पाई गई हैं। संबंधित डेवलपर्स और प्रमोटरों को फाइलें वापस भेज दी गई हैं और निर्देश दिया गया है कि जब तक नियमों के अनुसार सभी कमियां पूरी तरह दूर नहीं हो जातीं, तब तक निर्माण कार्य पुनः शुरू नहीं किया जा सकेगा।
भ्रष्टाचार के आरोप और विशेष जांच का विस्तार
केएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारतों की ऑडिट रिपोर्ट से पता चला है कि पिछली केएमसी बोर्ड के समय बिल्डिंग की मंजूरी देने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। लेकिन यह तो बस शुरुआत है।' इसी के मद्देनजर विशेष ऑडिट समिति का दायरा 2021 से दी गई सभी बहुमंजिला मंजूरियों तक बढ़ा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, TMC-नियंत्रित पिछले बोर्ड के कार्यकाल में दी गई प्रत्येक क्लीयरेंस की अब बारीकी से पड़ताल होगी।
आगे क्या होगा
तकनीकी उप-समिति की मंजूरी के बाद शेष 41 इमारतों के बारे में अगला निर्णय लिया जाएगा। यह जांच कोलकाता में शहरी निर्माण नियमन की व्यापक समीक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऑडिट के नतीजे राज्य में बिल्डिंग अप्रूवल प्रक्रिया में बड़े सुधारों की नींव रख सकते हैं।