कोलकाता में 27 अवैध इमारतें: CM सुवेंदु अधिकारी ने प्रमोटरों की लाइव पूछताछ का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 6 अगस्त 2026 को कोलकाता में 27 इमारतों में गंभीर निर्माण अनियमितताएँ उजागर होने के बाद अवैध निर्माण में लिप्त प्रमोटरों और सरकारी अधिकारियों से मीडिया के सामने 'लाइव' पूछताछ कराने का कड़ा आदेश दिया है। यह कदम तारातला जैसी इमारत दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में राज्य सरकार की सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऑडिट के बाद रोके गए 193 निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स को पुनः काम शुरू करने की मंजूरी दे दी गई है, लेकिन 27 इमारतों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ सामने आई हैं जिनके संचालकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।
कोलकाता और बरानगर सहित कई इलाकों में चार मंजिल की स्वीकृत योजना के विरुद्ध सात मंजिल तक निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। यह सीधे तौर पर स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन है।
सरकार की चेतावनी
मंत्री पॉल ने बैठक में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक विशेष सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें मीडिया को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और मीडिया को भी बुलाया जाएगा। अवैध निर्माण के आरोपी लोगों को वहाँ पेश किया जाएगा। उन्हें सबके सामने जवाबदेह ठहराया जाएगा। न केवल प्रमोटरों को, बल्कि नियमों की अनदेखी करके मंजूरी देने वाले सभी सरकारी अधिकारियों को भी सबके सामने जवाब देना होगा।'
पॉल ने यह भी कहा कि सरकार रियल एस्टेट बिल्डरों को नुकसान पहुँचाने के पक्ष में नहीं है, परंतु तारातला जैसी दुर्घटनाओं को दोहराने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
नए नियम और निगरानी तंत्र
अब से सभी निर्माण परियोजनाओं के लिए अनिवार्य रूप से मिट्टी परीक्षण, स्ट्रक्चरल ऑडिट और योजना सत्यापन की शर्त लागू की गई है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स और PWD सचिव अंतरा आचार्य की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जाँच समिति पहले ही गठित की जा चुकी है।
गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में अनधिकृत निर्माण को लेकर सार्वजनिक आक्रोश बढ़ता जा रहा था, और तारातला की घटना ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
आम जनता और बिल्डरों पर असर
जिन 193 परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है, उनमें काम फिर से शुरू होने से हजारों मकान खरीदारों को राहत मिलेगी जो महीनों से निर्माण रुकने के कारण परेशान थे। वहीं 27 अनियमित इमारतों के प्रमोटरों पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
आगे क्या होगा
लाइव पूछताछ कार्यक्रम की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार यह जल्द आयोजित किया जाएगा। 27 नोटिस-प्राप्त प्रमोटरों को निर्धारित समयसीमा में जवाब देना होगा, अन्यथा उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।