कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद विवाद: रिजु दत्ता बोले — 'राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर कुछ नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता रिजु दत्ता ने 13 जुलाई 2026 को कोलकाता एयरपोर्ट के रनवे के निकट स्थित 130 साल पुरानी मस्जिद के स्थानांतरण विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि यह मामला किसी धर्म या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और उससे ऊपर कुछ नहीं हो सकता।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मस्जिद के संभावित स्थानांतरण को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।
मस्जिद विवाद: क्या है पूरा मामला
कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे के समीप दशकों से एक मस्जिद स्थित है, जिसकी उम्र लगभग 130 वर्ष बताई जाती है। रिजु दत्ता के अनुसार, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस मस्जिद को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद को 'हटाया' नहीं जा रहा, बल्कि 'स्थानांतरित' किया जा रहा है — और राज्य सरकार की ओर से नई मस्जिद निर्माण में सहयोग का भी आश्वासन दिया गया है।
सुरक्षा तर्क: बांग्लादेश और चीन सीमा का संदर्भ
रिजु दत्ता ने कहा कि कोलकाता एयरपोर्ट एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो भौगोलिक दृष्टि से बांग्लादेश और चीन की सीमाओं के निकट स्थित है। देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य अति-महत्वपूर्ण व्यक्ति (VIPs) भी इसी हवाई अड्डे का उपयोग करते हैं। ऐसे संवेदनशील परिसर में रनवे के पास स्थित किसी भी संरचना को सुरक्षा के नजरिए से परखना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद के स्थानांतरण से रनवे विस्तार में सहायता मिल सकती है, जिससे बड़े विमानों के परिचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
धार्मिक रंग देने की कोशिश पर आपत्ति
रिजु दत्ता ने आलोचना करते हुए कहा कि कुछ तत्व इस मुद्दे को जानबूझकर धार्मिक स्वरूप देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा-आधारित है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है और विभिन्न दल संवेदनशील मुद्दों पर अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं।
डायमंड हार्बर फुटबॉल क्लब विवाद पर रुख
अभिषेक बनर्जी के स्वामित्व वाले डायमंड हार्बर फुटबॉल क्लब (DHFC) को कोलकाता लीग से बाहर किए जाने पर रिजु दत्ता ने कहा कि इसके पीछे के वास्तविक कारण केवल ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) या उसके अध्यक्ष ही स्पष्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मानना उचित नहीं होगा कि क्लब को सिर्फ इसलिए हटाया गया क्योंकि वह अभिषेक बनर्जी का क्लब है — संभव है कि इसके पीछे कोई तकनीकी या नियमों से संबंधित कारण हो।
TMC की अंदरूनी कलह और गुंडा दमन कानून
तृणमूल कांग्रेस में कथित अंतर्कलह पर रिजु दत्ता ने कहा कि पार्टी में ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और ममता बनर्जी के गुटों के बीच लगातार टकराव सामने आ रहा है, जिससे बंगाल की जनता परेशान हो चुकी है। पश्चिम बंगाल में लागू किए गए गुंडा दमन कानून का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य में संगठित अपराध, रंगदारी और बाहुबली संस्कृति पर लगाम लगाने में सहायक होगा। उन्होंने हुमायूं कबीर के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं और धमकी या दबाव की राजनीति अब स्वीकार्य नहीं होगी। आगे की राह पर उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में सभी दल उम्मीदवार उतार सकते हैं और जनता अपने मत से फैसला करेगी।