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कोलकाता नगर निगम चुनाव 7 दिसंबर तक: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का ऐलान

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कोलकाता नगर निगम चुनाव 7 दिसंबर तक: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का ऐलान

सारांश

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया — कोलकाता नगर निगम चुनाव 7 दिसंबर 2026 तक होंगे। फिरहाद हकीम के इस्तीफे और बोर्ड भंग होने के बाद अटकलों का दौर खत्म हुआ। अब KMC राज्य की नई सरकार की पहली बड़ी शहरी राजनीतिक परीक्षा बनेगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 15 जून 2026 को घोषणा की कि KMC चुनाव 7 दिसंबर 2026 तक संपन्न होंगे।
पूर्व महापौर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद KMC बोर्ड भंग किया गया; स्मिता पांडे को प्रशासक नियुक्त किया गया।
पिछले चुनाव ( दिसंबर 2021 ) में TMC ने 144 में से 137 वार्ड जीते थे; विपक्ष ने धांधली के आरोप लगाए थे।
TMC के कई पार्षद गिरफ्तार हो चुके हैं; पार्टी आंतरिक कलह से जूझ रही है।
चुनाव तक राज्य नगर पालिका विभाग प्रशासक के माध्यम से KMC का संचालन करेगा।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 15 जून 2026 को स्पष्ट किया कि कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव अगले छह महीनों के भीतर संपन्न कराए जाएंगे और 7 दिसंबर 2026 तक नव निर्वाचित बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा। उन्होंने यह घोषणा नगर निगम परिसर में आयोजित एक स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के दौरान की।

मुख्यमंत्री की घोषणा का संदर्भ

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से कोलकाता नगर निगम में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा था। कई लोगों को संदेह था कि क्या सुवेंदु अधिकारी सरकार दिसंबर से पहले नगर निकाय चुनाव कराने में सक्षम होगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है।

KMC बोर्ड भंग होने की पृष्ठभूमि

पूर्व सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) आंतरिक कलह के कारण उथल-पुथल में है। कई पार्षदों के इस्तीफे और पूर्व राज्य मंत्री फिरहाद हकीम के कोलकाता के महापौर पद से इस्तीफे के बाद TMC ने KMC पर अपना नियंत्रण खो दिया। हकीम ने इस्तीफे में कहा कि वे मौजूदा माहौल में काम नहीं कर सकते।

इसके बाद नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग ने KMC को नोटिस जारी कर पूछा कि महापौर के इस्तीफे के बाद बोर्ड को भंग क्यों न किया जाए। नगर निकाय को तीन दिनों के भीतर नए महापौर का नाम घोषित करने को भी कहा गया। तीन दिन बीत जाने पर भी KMC ने कोई नाम नहीं बताया, जिसके बाद राज्य सरकार ने बोर्ड भंग कर दिया।

प्रशासक की नियुक्ति

बोर्ड भंग होने के बाद राज्य नगर पालिका विभाग ने नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे को KMC का प्रशासक नियुक्त किया है। चुनाव संपन्न होने तक राज्य सरकार प्रशासक के माध्यम से नगर निकाय का संचालन करती रहेगी।

2021 के चुनाव और विवाद

पिछला KMC चुनाव दिसंबर 2021 में हुआ था, जिसमें तत्कालीन सत्तारूढ़ TMC ने 144 में से 137 वार्ड जीते थे। उस समय विपक्ष ने व्यापक चुनावी धांधली के आरोप लगाए थे। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC के कई पार्षदों को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका है और पार्षदों के एक वर्ग ने स्वतंत्र रूप से काम करने में असमर्थता की शिकायत की है।

आगे क्या होगा

KMC का कार्यकाल इस वर्ष दिसंबर में समाप्त होना था, और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 7 दिसंबर 2026 तक नया बोर्ड अस्तित्व में आ जाएगा। यह चुनाव राज्य की नई सरकार के लिए पहली बड़ी नगर निकाय परीक्षा होगी और कोलकाता की शहरी राजनीति में नए समीकरण तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब पार्षदों की गिरफ्तारियों को लेकर विपक्ष 'राजनीतिक प्रतिशोध' का आरोप लगा सकता है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित कर पाएगा — 2021 में जो आरोप लगे थे, वे इस बार भी प्रासंगिक रहेंगे, चाहे पक्ष बदल गए हों।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता नगर निगम चुनाव कब होंगे?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार KMC चुनाव 7 दिसंबर 2026 तक संपन्न होंगे और उसी तारीख तक नव निर्वाचित बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह घोषणा 15 जून 2026 को एक स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के दौरान की गई।
KMC बोर्ड क्यों भंग किया गया?
पूर्व महापौर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने KMC को तीन दिनों में नए महापौर का नाम घोषित करने को कहा। ऐसा न होने पर राज्य सरकार ने बोर्ड भंग कर दिया और नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे को प्रशासक नियुक्त किया।
KMC का संचालन अभी कौन कर रहा है?
बोर्ड भंग होने के बाद राज्य नगर पालिका विभाग ने नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे को KMC का प्रशासक नियुक्त किया है। चुनाव संपन्न होने और नया बोर्ड गठित होने तक वे ही नगर निकाय चलाएंगी।
पिछले KMC चुनाव में क्या हुआ था?
दिसंबर 2021 में हुए पिछले KMC चुनाव में तत्कालीन सत्तारूढ़ TMC ने 144 में से 137 वार्ड जीते थे। विपक्ष ने उस समय व्यापक चुनावी धांधली के आरोप लगाए थे।
TMC की KMC में मौजूदा स्थिति क्या है?
सत्ता परिवर्तन के बाद TMC आंतरिक कलह से जूझ रही है। कई पार्षदों के इस्तीफे हुए हैं, कुछ को गिरफ्तार किया जा चुका है और पार्षदों के एक वर्ग ने स्वतंत्र रूप से काम करने में असमर्थता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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