4 अगस्त 2026
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सिलीगुड़ी नगर निगम मेयर गौतम देव का इस्तीफा, पश्चिम बंगाल में चौथा TMC बोर्ड भंग होने की कगार पर

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सिलीगुड़ी नगर निगम मेयर गौतम देव का इस्तीफा, पश्चिम बंगाल में चौथा TMC बोर्ड भंग होने की कगार पर

सारांश

पश्चिम बंगाल में TMC के नगर निकायों का संकट गहराता जा रहा है — सिलीगुड़ी मेयर गौतम देव के इस्तीफे के साथ अब चार नगर निगमों के बोर्ड भंग होने की कगार पर हैं। कोलकाता, बिधाननगर और चंदननगर के बाद यह चौथा मामला है।

मुख्य बातें

सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) के मेयर गौतम देव ने 19 जून 2026 को इस्तीफा दिया।
इस्तीफा SMC आयुक्त अश्विनी कुमार रॉय को सौंपा गया।
पश्चिम बंगाल में TMC-नेतृत्व वाला यह चौथा नगर निगम बोर्ड भंग होने की स्थिति में है।
इससे पहले कृष्णा चक्रवर्ती (BMC) , फिरहाद हाकिम (KMC) और राम चक्रवर्ती (CMC) इस्तीफा दे चुके हैं।
गौतम देव 2026 के विधानसभा चुनाव में BJP के शंकर घोष से हार चुके थे।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाले नगर निकायों में उथल-पुथल जारी है। दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) के मेयर गौतम देव ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह राज्य का चौथा ऐसा नगर निगम बन गया है जिसका TMC-नेतृत्व वाला बोर्ड भंग होने के मुहाने पर खड़ा है। गौतम देव ने अपना इस्तीफा SMC आयुक्त अश्विनी कुमार रॉय को सौंपा।

मुख्य घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, गौतम देव ने गुरुवार को सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर-इन-काउंसिल के सदस्यों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की। परिषद के कुछ सदस्यों ने उन्हें अगले एक वर्ष तक कार्यकाल पूरा करने का अनुरोध किया, लेकिन गौतम देव अपने निर्णय पर अडिग रहे और अगले दिन औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया।

पश्चिम बंगाल में TMC बोर्डों की स्थिति

गौतम देव के इस्तीफे से पहले तीन अन्य TMC-नेतृत्व वाले नगर निगमों के मेयर भी पद छोड़ चुके हैं। सबसे पहले बिधाननगर नगर निगम (BMC) की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने इस्तीफा दिया। इसके बाद कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर और चार बार के TMC विधायक फिरहाद हाकिम ने पद छोड़ा। तीसरे चंदननगर नगर निगम (CMC) के मेयर राम चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा दे दिया। अब सिलीगुड़ी के गौतम देव के इस्तीफे से यह क्रम चौथे नगर निगम तक पहुँच गया है।

गौतम देव का राजनीतिक सफर

गौतम देव का TMC में लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है। उन्होंने 2011 के विधानसभा चुनाव में दाबग्राम-फूलबाड़ी सीट से जीत दर्ज की थी और उत्तर बंगाल विकास विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। 2016 में दोबारा विधायक चुने जाने पर उन्हें राज्य का पर्यटन मंत्री बनाया गया।

हालांकि 2021 के विधानसभा चुनाव में वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार शिखा चटर्जी से हार गए थे। इसके बावजूद 2022 के सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में उनके नेतृत्व में TMC ने जीत हासिल की और वह मेयर बने। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सिलीगुड़ी सीट पर BJP उम्मीदवार और वर्तमान पश्चिम बंगाल के संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष के हाथों पुनः हार का सामना करना पड़ा।

आम जनता और प्रशासन पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के कई शहरी निकायों में प्रशासनिक नेतृत्व का शून्य बन रहा है। गौरतलब है कि नगर निगम बोर्ड भंग होने की स्थिति में स्थानीय नागरिक सेवाओं — जैसे सफाई, जल आपूर्ति और निर्माण अनुमतियाँ — के संचालन पर सीधा असर पड़ सकता है।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि रिक्त मेयर पदों को भरने के लिए नए चुनाव कराए जाएंगे या प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। TMC के भीतर इन इस्तीफों की श्रृंखला और उसके राजनीतिक निहितार्थ पर नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सुझाता है कि ये इस्तीफे राजनीतिक पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं। मुख्यधारा की कवरेज इन्हें अलग-अलग घटनाओं के रूप में पेश कर रही है, जबकि असली सवाल यह है कि TMC इन रिक्तियों को कैसे भरेगी और क्या नए चुनाव पार्टी के लिए नई चुनौती बन सकते हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव ने इस्तीफा क्यों दिया?
गौतम देव ने 19 जून 2026 को सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने इस्तीफे का विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया, मेयर-इन-काउंसिल की बैठक में उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई और सदस्यों के अनुरोध के बावजूद अपने फैसले पर कायम रहे।
पश्चिम बंगाल में कितने TMC नगर निगम बोर्ड भंग होने की कगार पर हैं?
गौतम देव के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल में TMC-नेतृत्व वाले चार नगर निगम बोर्ड भंग होने की स्थिति में आ गए हैं — बिधाननगर, कोलकाता, चंदननगर और अब सिलीगुड़ी।
पश्चिम बंगाल में किन-किन नगर निगमों के मेयरों ने इस्तीफा दिया है?
सबसे पहले बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने इस्तीफा दिया। इसके बाद कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हाकिम और चंदननगर नगर निगम के मेयर राम चक्रवर्ती ने पद छोड़ा। अब सिलीगुड़ी के गौतम देव ने भी इस्तीफा दे दिया है।
गौतम देव कौन हैं और उनका राजनीतिक इतिहास क्या है?
गौतम देव TMC के वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने 2011 और 2016 में दाबग्राम-फूलबाड़ी से विधायक रहते हुए क्रमशः उत्तर बंगाल विकास और पर्यटन मंत्री का पद संभाला। 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों में वह BJP उम्मीदवारों से हारे, लेकिन 2022 में TMC को SMC चुनाव जिताकर मेयर बने।
सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड भंग होने के बाद क्या होगा?
मेयर के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार नए मेयर की नियुक्ति या नए चुनाव कराने का निर्णय ले सकती है। अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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