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आईएएस अधिकारी आर. विमला ने सिलीगुड़ी नगर निगम की कमान संभाली, जलभराव से निपटना पहली प्राथमिकता

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आईएएस अधिकारी आर. विमला ने सिलीगुड़ी नगर निगम की कमान संभाली, जलभराव से निपटना पहली प्राथमिकता

सारांश

गौतम देब के इस्तीफे के तीन दिन बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने आईएएस अधिकारी आर. विमला को सिलीगुड़ी नगर निगम का छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त किया। मंगलवार को कार्यभार संभालते ही उन्होंने मानसूनी जलभराव को पहली प्राथमिकता घोषित किया।

मुख्य बातें

विमला ने 23 जून को सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) के नए प्रशासक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
नियुक्ति TMC नेता गौतम देब के महापौर पद से इस्तीफे के तीन दिन के भीतर की गई; कार्यकाल छह महीने का है।
विमला इससे पहले उत्तर बंगाल विकास विभाग की प्रधान सचिव थीं।
कार्यभार संभालते ही उन्होंने मानसूनी जलभराव और जल निकासी की समस्या को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया।
BJP के विपक्ष नेता अमित जैन ने शिष्टाचार भेंट कर जल भंडारण, सड़क और जल निकासी के मुद्दे उठाए।

उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) में नया प्रशासनिक अध्याय शुरू हो गया है। आईएएस अधिकारी आर. विमला ने मंगलवार, 23 जून को नगर निगम कार्यालय पहुँचकर औपचारिक रूप से प्रशासक का कार्यभार ग्रहण किया। नगर बोर्ड के भंग होने और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता गौतम देब के महापौर पद से इस्तीफे के महज तीन दिन के भीतर पश्चिम बंगाल सरकार ने यह नियुक्ति की।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार शाम को उत्तर बंगाल विकास विभाग की प्रधान सचिव आर. विमला को SMC का प्रशासक नियुक्त किया। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हुई और इसका कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया गया है। गौरतलब है कि गौतम देब के इस्तीफे के बाद नगर बोर्ड भंग होने से प्रशासनिक शून्यता उत्पन्न हो गई थी, जिसे भरने के लिए राज्य सरकार ने त्वरित कदम उठाया।

मुख्य चुनौती: जलभराव और जल निकासी

कार्यभार संभालते ही आर. विमला के सामने सबसे बड़ी तात्कालिक चुनौती सिलीगुड़ी के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में मानसूनी बारिश के कारण उत्पन्न जलभराव की गंभीर समस्या है। उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए आर. विमला ने कहा, 'हमारा पहला लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होगा कि नागरिक सेवाएं किसी भी तरह से बाधित न हों।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव और जल निकासी की समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे।

स्वागत और राजनीतिक प्रतिक्रिया

नगर निगम कार्यालय पहुँचने पर SMC आयुक्त अश्विनी रॉय ने फूलों से नई प्रशासक का स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समन्वयक भी उपस्थित थे।

इसके बाद SMC में विपक्ष के नेता अमित जैन के नेतृत्व में BJP प्रतिनिधिमंडल ने नई प्रशासक से शिष्टाचार भेंट की। अमित जैन ने कहा, 'हमने शहर की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और जल भंडारण, सड़कों और जल निकासी व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। वह एक अनुभवी प्रशासक हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में शहर के विकास में हमें उनका सहयोग मिलेगा।'

आगे की राह

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आर. विमला अपने छह महीने के कार्यकाल में सिलीगुड़ी की बुनियादी ढाँचागत चुनौतियों — विशेषकर जल निकासी, सड़क रखरखाव और नागरिक सेवाओं — को किस हद तक सुधार पाती हैं। यह भी देखना होगा कि नगर बोर्ड के भंग होने के बाद नगर निकाय चुनावों की दिशा में राज्य सरकार क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या छह महीने का यह कार्यकाल सिलीगुड़ी की दशकों पुरानी जल निकासी समस्या को हल करने के लिए पर्याप्त होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि विपक्षी BJP ने नई प्रशासक का स्वागत करते हुए सहयोग का संकेत दिया — जो सामान्य राजनीतिक टकराव से अलग है और शहरी समस्याओं की गंभीरता को दर्शाता है। नगर निकाय चुनावों की समयसीमा पर राज्य सरकार की चुप्पी एक बड़ा अनुत्तरित प्रश्न बनी हुई है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर. विमला को सिलीगुड़ी नगर निगम का प्रशासक क्यों नियुक्त किया गया?
TMC नेता गौतम देब के महापौर पद से इस्तीफे के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम का नगर बोर्ड भंग हो गया, जिसके चलते पश्चिम बंगाल सरकार ने आर. विमला को प्रशासक नियुक्त किया। यह नियुक्ति इस्तीफे के तीन दिन के भीतर की गई।
आर. विमला का सिलीगुड़ी नगर निगम में कार्यकाल कितने समय का है?
आर. विमला की नियुक्ति छह महीने के कार्यकाल के लिए की गई है। वह तत्काल प्रभाव से SMC की प्रशासक हैं।
आर. विमला की पहली प्राथमिकता क्या है?
कार्यभार संभालते ही आर. विमला ने मानसूनी बारिश से उत्पन्न जलभराव और जल निकासी की समस्या को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।
इससे पहले आर. विमला किस पद पर थीं?
आर. विमला इससे पहले पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल विकास विभाग की प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
BJP ने नई SMC प्रशासक के बारे में क्या कहा?
SMC में विपक्ष के नेता अमित जैन के नेतृत्व में BJP प्रतिनिधिमंडल ने आर. विमला से शिष्टाचार भेंट की और जल भंडारण, सड़कों तथा जल निकासी के मुद्दे उठाए। अमित जैन ने उन्हें अनुभवी प्रशासक बताते हुए सहयोग की उम्मीद जताई।
राष्ट्र प्रेस
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