23 अक्टूबर 2026
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कोलकाता भगदड़: पंडाल कोषाध्यक्ष सानिब राहा गिरफ्तार, भ्रामक घोषणा से 19 की गई थी जान

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कोलकाता भगदड़: पंडाल कोषाध्यक्ष सानिब राहा गिरफ्तार, भ्रामक घोषणा से 19 की गई थी जान

सारांश

कोलकाता की चोरबागन दुर्गा पूजा भगदड़ में 19 जानें जाने के पाँच दिन बाद पुलिस ने संदिग्ध की पहचान उजागर की। पंडाल कमेटी के कोषाध्यक्ष सानिब राहा उर्फ सेंटू को नदिया जिले से गिरफ्तार कर लालबाजार मुख्यालय लाया गया है।

मुख्य बातें

सानिब राहा उर्फ सेंटू , चोरबागन सार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति के कोषाध्यक्ष , को 22 अक्टूबर 2026 को नदिया जिले से गिरफ्तार किया गया।
17 अक्टूबर की रात पंडाल में भ्रामक माइक घोषणा से मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई थी।
घोषणा में कहा गया था कि पंडाल का ढाँचा गिर सकता है , जिससे बारिश के बीच भीड़ में घबराहट फैल गई।
पुलिस जाँच कर रही है कि राहा ने घोषणा स्वेच्छा से की या किसी के निर्देश पर ।
मामले में SIT और न्यायिक पैनल — दोनों समानांतर जाँच जारी हैं; जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती के नेतृत्व में पैनल तीन महीनों में रिपोर्ट देगा।

कोलकाता पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को उस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक की, जिसे 17 अक्टूबर की रात उत्तरी कोलकाता के चोरबागन सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भ्रामक माइक घोषणा करने के संदेह में हिरासत में लिया गया था। इस घोषणा के चलते मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सानिब राहा उर्फ सेंटू है।

मुख्य घटनाक्रम

कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने पुष्टि की कि सानिब राहा चोरबागन सार्वजनिन की सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजन समिति का कोषाध्यक्ष था। राहा को गुरुवार को दिन में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से गिरफ्तार किया गया और मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित शहर पुलिस मुख्यालय लाया गया।

फिलहाल राहा से गहन पूछताछ जारी है। जाँचकर्ता यह जानना चाहते हैं कि उसने पंडाल में घबराहट फैलाने वाली घोषणा क्यों की और क्या उसने यह कदम स्वेच्छा से उठाया या किसी के निर्देश पर।

भगदड़ की परिस्थितियाँ

17 अक्टूबर की रात पंडाल में पहले से ही अफरा-तफरी का माहौल था, क्योंकि बारिश के कारण बाहर मौजूद श्रद्धालु अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अंदर मौजूद लोग भीगने के डर से बाहर निकलने से हिचक रहे थे। इसी भीड़भाड़ के बीच माइक पर यह भ्रामक घोषणा की गई कि पंडाल का ढाँचा गिर सकता है और लोगों को तुरंत बाहर निकल जाना चाहिए।

घोषणा सुनते ही सैकड़ों लोग एक साथ निकास द्वार की तरफ भागे। कुछ लोग प्रवेश द्वार से भी बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, जिससे धक्का-मुक्की और अंततः भीषण भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई।

समानांतर जाँच

इस मामले में दो अलग-अलग जाँच एक साथ चल रही हैं। पहली जाँच कोलकाता पुलिस की विशेष जाँच टीम (SIT) द्वारा की जा रही है, जिसका नेतृत्व शहर पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (DD) से जुड़े सहायक आयुक्त (AC) रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।

दूसरी जाँच राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जाँच पैनल कर रहा है, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती (सेवानिवृत्त) कर रही हैं। इस पैनल को तीन महीनों के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, राहा से पूछताछ में जो तथ्य सामने आएँगे, उन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक घोषणाओं की जाँच और भीड़ नियंत्रण प्रोटोकॉल को और सख्त बनाने की ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसका कोई स्पष्ट प्रोटोकॉल नहीं है — और यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े धार्मिक आयोजन में भगदड़ ने सवाल उठाए हों। SIT और न्यायिक जाँच का एक साथ चलना राज्य की गंभीरता दर्शाता है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या रिपोर्ट केवल एक व्यक्ति को दोषी ठहराती है या व्यापक प्रणालीगत खामियों को भी सामने लाती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में किसे गिरफ्तार किया गया है?
कोलकाता पुलिस ने चोरबागन सार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति के कोषाध्यक्ष सानिब राहा उर्फ सेंटू को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 17 अक्टूबर की रात पंडाल में माइक पर भ्रामक घोषणा की, जिससे भगदड़ हुई और 19 लोगों की जान गई।
चोरबागन पंडाल में भगदड़ कैसे हुई?
17 अक्टूबर की रात बारिश के कारण पंडाल के अंदर और बाहर भीड़ पहले से घिरी हुई थी। उसी दौरान माइक पर यह भ्रामक घोषणा की गई कि पंडाल का ढाँचा गिर सकता है, जिससे लोग एक साथ बाहर भागे और भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई।
कोलकाता भगदड़ की जाँच कौन कर रहा है?
मामले में दो समानांतर जाँचें चल रही हैं — पहली कोलकाता पुलिस की SIT और दूसरी राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक पैनल, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती (सेवानिवृत्त) कर रही हैं। न्यायिक पैनल तीन महीनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगा।
सानिब राहा को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
सानिब राहा को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से गिरफ्तार किया गया और मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित शहर पुलिस मुख्यालय लाया गया, जहाँ उससे पूछताछ जारी है।
राहा से पूछताछ में क्या जानने की कोशिश की जा रही है?
पुलिस यह जानना चाहती है कि राहा ने पंडाल के ढाँचे के गिरने की भ्रामक घोषणा क्यों की और क्या यह उसकी अपनी पहल थी या किसी के निर्देश पर। पूछताछ के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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