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कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ज्वाला ने दिए 5 शावकों को जन्म, चीतों की संख्या बढ़कर 53

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कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ज्वाला ने दिए 5 शावकों को जन्म, चीतों की संख्या बढ़कर 53

सारांश

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ज्वाला चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत में चीतों की संख्या 53 हो गई है। यह घटना न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि परियोजना की सफलता का भी प्रतीक है।

मुख्य बातें

ज्वाला चीता ने 5 शावकों को जन्म दिया।
भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान चीता के पुनर्वास का मुख्य केंद्र है।
‘प्रोजेक्ट चीता’ की सफलता का प्रतीक।
वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम।

भोपाल/श्योपुर, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक और सुखद समाचार प्राप्त हुआ है, जहां मादा चीता ज्वाला ने पांच नए शावकों को जन्म दिया है। अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है।

राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर मादा चीता और उसके शावकों की तस्वीरें साझा करते हुए इस महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया है। चीता ज्वाला के इस प्रजनन से चीता परियोजना को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। यह भारत में चीतों की संख्या को पचास से बढ़ाकर 53 कर देता है।

उन्होंने इस उपलब्धि को वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया और इसे भारत में चीतों के पुनर्वास के प्रयासों की सफलता का एक ठोस प्रमाण माना।

यह ध्यान देने योग्य है कि एशिया में चीतों की संख्या काफी कम हो गई थी, जिसके बाद कूनो नेशनल पार्क को चीता के पुनर्स्थापन के लिए चुना गया। लगभग तीन वर्ष पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों के समूह को यहाँ छोड़ा था। ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब अपने प्रारंभिक चरण से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और सफल प्रजनन के चरण में पहुँच चुका है।

दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों में से 8 वर्तमान में कूनो में पूरी तरह से स्थापित और स्वस्थ हैं। इनमें से 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है। दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्मे 10 शावक जीवित और स्वस्थ हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने भी पाँच शावकों को जन्म दिया है, जो इस परियोजना की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

‘गामिनी’ दूसरी बार मां बनी है और उसकी पहली गर्भावस्था से जन्मे 3 सब-एडल्ट शावक स्वस्थ हैं। हाल ही में उसने 3 नए शावकों को जन्म दिया है। ‘वीरा’ अपने 13 माह के शावक के साथ खुले जंगल में घूम रही है, जबकि ‘निर्वा’ अपने 10 माह के तीन शावकों के साथ संरक्षित बाड़े में है। इसके अतिरिक्त, पिछले महीने बोत्स्वाना से नौ चीतों को एयरलिफ्ट कर लाया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत के वन्यजीवों के पुनर्वास की कहानी को भी उजागर करती है। चीता के सफल प्रजनन से यह स्पष्ट होता है कि संरक्षण के प्रयास फलदायी हो सकते हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कितने चीतों की संख्या है?
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अब चीतों की संख्या 53 हो गई है।
ज्वाला चीता ने कितने शावकों को जन्म दिया?
ज्वाला चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है।
प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य क्या है?
प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य भारत में चीता की संख्या को पुनर्स्थापित करना और उनके संरक्षण को बढ़ावा देना है।
कूनो में चीतों का पुनर्वास कब शुरू हुआ?
कूनो में चीतों का पुनर्वास लगभग तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था।
भारत में पहली वयस्क मादा चीता कौन है?
भारत में पहली वयस्क मादा चीता का नाम 'मुखी' है।
राष्ट्र प्रेस
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