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क्या क्योंझर ओडिशा का बड़ा औद्योगिक हब बनेगा? मां तारिणी मंदिर के विकास की नींव रखी गई

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क्या क्योंझर ओडिशा का बड़ा औद्योगिक हब बनेगा? मां तारिणी मंदिर के विकास की नींव रखी गई

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने क्योंझर को राज्य के तीसरे इस्पात शहर में बदलने की घोषणा की है। मां तारिणी मंदिर के विकास के लिए 313 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह परियोजना ओडिशा के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य बातें

क्योंझर को एक इस्पात शहर में बदलने की योजना।
मां तारिणी मंदिर के विकास के लिए 313 करोड़ रुपए का बजट।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास।
केंदुझर के लिए मेगा स्टील प्लांट स्थापित करने की योजना।
2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में कदम।

भुवनेश्वर, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला और जाजपुर जिले के कलिंग नगर के बाद क्योंझर को राज्य के तीसरे इस्पात शहर में परिवर्तित करने की अपनी दृढ़ निश्चयता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने क्योंझर जिले के घाटगांव में स्थित प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल मां तारिणी मंदिर के समेकित विकास का शिलान्यास करते हुए अपने जिले के सभी पहलुओं के विकास के लिए एक विस्तृत योजना प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां तारिणी मंदिर का शिलान्यास समारोह केंदुझर (क्योंझर) जिले और ओडिशा दोनों के लिए एक बहुप्रतीक्षित परियोजना की शुरुआत का प्रतीक है।

विशेष रूप से, मंदिर के विकास के लिए 313 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है और इस परियोजना के अगले वर्ष तक पूरा होने की आशा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि ओडिशा सरकार मां तारिणी मंदिर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली धार्मिक और पर्यटन स्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम माझी ने यह भी घोषणा की कि मंदिर के पुजारियों के लिए रहने की सुविधाएं और अन्य आवश्यकताओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए अतिरिक्त धनराशि दी जाएगी।

उन्होंने राज्य लोक निर्माण विभाग और जिला कलेक्टर को इस उद्देश्य के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।

यह विकास परियोजना लगभग 60 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी और इसमें 216 बेड वाला तीर्थयात्री आवास, एक तीर्थयात्री केंद्र, नारियल काउंटर, व्याख्या केंद्र, फूड प्लाजा, वॉचटावर, मार्केट कॉम्प्लेक्स, 500 लोगों की क्षमता वाला बड़ा प्रसाद हॉल, शौचालय ब्लॉक, कपड़े बदलने के कमरे, जूता स्टैंड, टिकट काउंटर, कपड़े धोने की जगह और ड्राइवरों के लिए विश्राम कक्ष शामिल होंगे।

सीएम माझी ने बताया कि सड़कों को बेहतर बनाने, पार्किंग सुविधाओं को बढ़ाने और चार तालाबों को सुंदर बनाने का कार्य भी किया जाएगा।

पिछली बीजू जनता दल सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा मंदिर विकास के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपए से कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार केंदुझर को आर्थिक विकास का एक बड़ा केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें एक मेगा स्टील प्लांट स्थापित करने की योजना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंदुझर जल्द ही राउरकेला और झारसुगुड़ा की तरह एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा, जिसे विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली मजबूत सड़क नेटवर्क का लाभ मिलेगा।

सीएम माझी ने यह भी कहा कि क्योंझर जिला 2047 तक 'विकसित भारत' और 2036 तक 'समृद्ध ओडिशा' के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी राज्य को मजबूती प्रदान करेंगी। यह सरकार की विकास नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्योंझर किस प्रकार का औद्योगिक हब बनेगा?
क्योंझर एक इस्पात शहर के रूप में विकसित होगा, जो औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
मां तारिणी मंदिर के विकास के लिए कितना बजट निर्धारित किया गया है?
मंदिर के विकास के लिए 313 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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