लाल डोरा संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड: सीएम रेखा गुप्ता ने स्वामित्व योजना की समीक्षा की, 12,232 संपत्तियों का सर्वे पूरा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 21 जुलाई 2026 को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि राजधानी के लाल डोरा और आबादी गांवों की संपत्तियों का व्यापक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुँच गई है। स्वामित्व योजना (सर्वे ऑफ विलेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाज्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरिया) के तहत अब तक 12,232 संपत्तियों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है और जल्द ही पात्र निवासियों को स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में बताया गया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ हुए समझौते के तहत 48 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें से 30 गांवों का सर्वेक्षण पूर्ण हो चुका है और उनके अंतिम प्रॉपर्टी कार्ड तैयार कर लिए गए हैं। अब इन कार्डों में डिजिटल हस्ताक्षर जोड़ने और स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सर्वेक्षित 12,232 संपत्तियों में से 8,423 संपत्तियाँ विवाद-मुक्त हैं, जो कुल सर्वेक्षित संपत्तियों का लगभग 69 प्रतिशत है। दक्षिण और उत्तर-पश्चिम जिले में सर्वे की गई सभी संपत्तियाँ विवाद-मुक्त हैं, जबकि अन्य जिलों में विवादों के समाधान के साथ आगे की प्रक्रिया जारी है।
डिजिटल सर्वे की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह योजना केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है — पूरी प्रक्रिया अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली पर आधारित है। सबसे पहले लाल डोरा क्षेत्र की सीमाओं का चिन्हांकन किया जाता है, इसके बाद भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा ड्रोन के माध्यम से पूरे गांव का हवाई सर्वे किया जाता है।
राजस्व विभाग के अधिकारी जमीन पर जाकर ड्रोन सर्वे के नक्शे का वास्तविक स्थिति से मिलान करते हैं। विसंगति मिलने पर रिपोर्ट भारतीय सर्वेक्षण विभाग को भेजी जाती है और आवश्यक सुधार किए जाते हैं। तत्पश्चात प्रत्येक संपत्ति को एक विशिष्ट संपत्ति पहचान संख्या (पीआईडी) प्रदान की जाती है और आधिकारिक प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किया जाता है।
गौरतलब है कि पूरे रिकॉर्ड को दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम (डोरिस) से रियल टाइम में जोड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में रिकॉर्ड लगातार अद्यतन रहे।
स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड में क्या होगा
दिल्ली सरकार यूआईडीएआई मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले पीवीसी स्मार्ट प्लास्टिक स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड जारी करेगी। प्रत्येक कार्ड पर संपत्ति पहचान संख्या (पीआईडी), जारी करने की तिथि, गांव, उप-मंडल, जिला, कब्जाधारी का नाम, पिता या पति का नाम, हिस्सेदारी, कुल क्षेत्रफल, निर्मित एवं खुला क्षेत्र, भू-आधार नंबर, सह-कब्जाधारियों का विवरण और संपर्क नंबर अंकित होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक कार्ड पर क्यूआर कोड भी होगा। इसे स्कैन करते ही संपत्ति का पूरा डिजिटल फॉर्म-13 उपलब्ध होगा, जिसमें विस्तृत नक्शा, चारों दिशाओं की सीमाएं, पड़ोसी संपत्तियों के पीआईडी, खसरा नंबर, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर और दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण एवं रिकॉर्ड प्रबंधन नियम, 2025 की धारा 36 के अंतर्गत वैध कब्जा प्रमाणपत्र भी उपलब्ध रहेगा।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब लाल डोरा क्षेत्रों में संपत्ति विवाद और अप्रमाणित स्वामित्व दशकों से निवासियों के लिए बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं का लाभ और संपत्ति हस्तांतरण में बाधा बनते रहे हैं। स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद निवासी अपनी संपत्ति को आधिकारिक दस्तावेज के रूप में उपयोग कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल सर्वेक्षण करना नहीं, बल्कि राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है। एक भव्य कार्यक्रम के माध्यम से पात्र निवासियों को स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाएंगे।
क्या होगा आगे
शेष 18 गांवों का सर्वेक्षण और प्रॉपर्टी कार्ड तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। अन्य जिलों में विवादित संपत्तियों के समाधान के बाद उनके कार्ड भी जारी किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि स्वामित्व योजना भविष्य में संपत्ति संबंधी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाएगी।