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क्या लैंड फॉर जॉब केस में लालू-राबड़ी-तेजस्वी पर आरोप तय हुए?

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क्या लैंड फॉर जॉब केस में लालू-राबड़ी-तेजस्वी पर आरोप तय हुए?

सारांश

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में 52 आरोपियों को बरी किया जबकि बाकी पर आरोप तय किए। यह मामला पूर्व रेल मंत्री लालू यादव से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। जानें इस मामले की महत्वपूर्ण जानकारी।

मुख्य बातें

लालू प्रसाद यादव और परिवार पर आरोप तय हुए हैं।
52 आरोपियों को बरी किया गया।
अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
भ्रष्टाचार के आरोपों में मुकदमा चल रहा है।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। अदालत ने इस मामले में कुल 98 आरोपियों में से 52 को आरोपमुक्त कर दिया है, जबकि बाकी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी बताया कि इस मामले में 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, ऐसे में अब 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा। अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव सहित उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इनमें राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव शामिल हैं।

कोर्ट ने कहा कि आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी और बच्चों के नाम पर अचल संपत्तियां जुटाईं। अदालत के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों ने भी आपराधिक षड्यंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाई। कोर्ट ने यह भी कहा कि रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन लेने का एक तरह का विनिमय सिस्टम चल रहा था, जिसके तहत कई लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई और इसके बदले उनकी या उनके परिवारों की जमीन ली गई।

कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार इस आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थे, जबकि अन्य आरोपियों ने इस षड्यंत्र को अंजाम देने में मदद की। जिन 52 आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, उन्हें अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया।

इस मामले में अदालत ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 और 120बी के तहत आरोप तय किए हैं। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट) की धारा 13(1)(डी) और 13(2) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं।

यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान रेलवे में नियुक्तियों के बदले लोगों से जमीन ली गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनावी राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। हमें देखना होगा कि इस मामले का क्या परिणाम निकलता है और यह जनता की धारणा को किस प्रकार प्रभावित करता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लैंड फॉर जॉब मामला क्या है?
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे और आरोप है कि उन्होंने रेलवे में नियुक्तियों के बदले जमीन ली।
कितने आरोपियों को अदालत ने आरोपमुक्त किया?
अदालत ने 98 आरोपियों में से 52 को आरोपमुक्त कर दिया है।
अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
कौन-कौन से नेता इस मामले में शामिल हैं?
इसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और मीसा भारती जैसे नेता शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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