लालू-राबड़ी की सुरक्षा कटौती 'अत्यंत निंदनीय': राजद नेता मृत्युंजय तिवारी, खान सर मामले पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में की गई कटौती 'अत्यंत निंदनीय' है और सरकार को इसके लिए माफी माँगनी चाहिए। साथ ही, खान सर विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून को अपना काम करना चाहिए और दोषियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई होनी चाहिए।
लालू-राबड़ी की सुरक्षा पर तीखी प्रतिक्रिया
तिवारी ने कहा, 'लालू यादव देश के बड़े नेता, गरीबों के मसीहा और सामाजिक न्याय के पुरोधा हैं। ऐसे में उनके साथ अपमानित करने वाला व्यवहार कतई मंजूर नहीं है।' उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर सरकार को 'कठिनाई हो जाएगी।' गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं और उनकी सुरक्षा में बदलाव का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।
खान सर विवाद पर राजद का रुख
खान सर मामले पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि 'जिसने भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की है, उसके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।' उन्होंने किसी एक पक्ष का नाम लिए बिना यह स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब खान सर से जुड़े विवाद को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस जारी है।
'इंडिया' ब्लॉक की बैठक और गठबंधन की एकजुटता
8 जून को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर तिवारी ने कहा कि 'इंडिया' ब्लॉक में शामिल दलों का मुख्य मुद्दा 'तानाशाही सरकार को हटाना' है। उन्होंने कहा, 'देश की जनता परेशान है। संविधान, लोकतंत्र और देश को बचाना है।' उन्होंने भरोसा जताया कि गठबंधन में जो भी नाराजगी है, वह दूर कर ली जाएगी और सभी दल एकजुट रहेंगे।
गैस सिलेंडर की कीमतों पर सरकार पर निशाना
सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर तिवारी ने कहा कि 'एनडीए सरकार को आम लोगों की चिंता नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि 'जब-जब भाजपा आती है, कमरतोड़ महंगाई लाती है।' उनके अनुसार, गैस सिलेंडर का दाम बढ़ने से सीधे रसोई घरों पर असर पड़ेगा और आम परिवारों, विशेषकर महिलाओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
युवाओं और जेपी आंदोलन का संदर्भ
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के युवाओं संबंधी बयान पर तिवारी ने कहा कि इस देश का इतिहास गवाह है कि जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में युवाओं ने किस तरह निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, 'जेपी आंदोलन कोई नहीं भूला है।' यह टिप्पणी युवा राजनीतिक चेतना को लेकर जारी बहस के बीच आई है।