कोचिंग विवाद पर राजद नेता मृत्युंजय तिवारी बोले — CBI जांच हो, शिक्षा माफिया को संरक्षण किसका?
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 16 जून को पटना में कोचिंग विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव की सीबीआई जांच की मांग का पुरज़ोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों को बचाने की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
कोचिंग विवाद और सीबीआई जांच की मांग
तिवारी ने कहा कि कोचिंग विवाद की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है — 'दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।' उनका आरोप था कि बिहार सरकार कई मामलों में दोषियों को बचाती है और निर्दोषों को फंसाती है। इसीलिए तेजस्वी यादव ने भी न्यायपूर्ण व्यवस्था की माँग की है।
उन्होंने सवाल उठाया, 'शिक्षा माफिया को कौन संरक्षित कर रहा है?' और कहा कि सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। उनके अनुसार, 'शिक्षा और संस्कार एक साथ रहने पर ही कोई आगे बढ़ सकता है।'
पेपर लीक और राहुल गांधी का पटना दौरा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पटना दौरे पर तिवारी ने कहा कि वे छात्रों से मिलने आ रहे हैं और इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है और लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी का यह दायित्व है कि वे छात्रों की परेशानियाँ सुनें। उनके अनुसार, विपक्ष सरकार को जवाबदेह बनाने का काम कर रहा है।
बंगाल में ED की कार्रवाई पर तीखी टिप्पणी
पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को तिवारी ने 'बदले की भावना से प्रेरित' बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है और सत्ता हमेशा के लिए किसी के पास नहीं रहती।
TMC के बागी सांसद और BJP पर आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों पर तिवारी ने कहा कि ये सभी ममता बनर्जी के नाम और वोट पर जीते हैं। उन्होंने चेताया कि दो-तीन वर्ष बाद इन्हें जनता के बीच जाना होगा और जनता की अदालत में सबका हिसाब होगा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के सांसदों को 'डरा-धमका कर तोड़ना' BJP का चरित्र है। उन्होंने NDA के साथी क्षेत्रीय दलों को भी सावधान रहने की सलाह दी।
लालू परिवार की सुरक्षा वापसी पर सवाल
लालू प्रसाद यादव के परिवार की सुरक्षा वापस लिए जाने पर तिवारी ने बिहार सरकार की 'दोहरी नीति और दोहरे चरित्र' की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता से बड़ा कोई सुरक्षा कवच नहीं होता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है।