20 जुलाई 2026
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लाओस के उप-प्रधानमंत्री थोंगसावन फोमविहाने ने आगरा में ताजमहल का दौरा किया, भारत-लाओस JCM की 10वीं बैठक आज

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लाओस के उप-प्रधानमंत्री थोंगसावन फोमविहाने ने आगरा में ताजमहल का दौरा किया, भारत-लाओस JCM की 10वीं बैठक आज

सारांश

लाओस के उप-प्रधानमंत्री थोंगसावन फोमविहाने की तीन दिवसीय भारत यात्रा महज़ शिष्टाचार नहीं — यह राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के मौके पर द्विपक्षीय साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश है। ताजमहल के दीदार से शुरू हुई यह यात्रा JCM की 10वीं बैठक और राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात तक पहुँचती है।

मुख्य बातें

थोंगसावन फोमविहाने (लाओस उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री) और उनकी पत्नी वदस्ना फोमविहाने ने 2 जून को ताजमहल, आगरा का भ्रमण किया।
फोमविहाने तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर हैं; सोमवार को नई दिल्ली पहुँचे।
बुधवार को विदेश मंत्री डॉ.
जयशंकर के साथ भारत-लाओस JCM की 10वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे।
भारत-लाओस बिजनेस फोरम में भागीदारी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट भी कार्यक्रम में शामिल।
दोनों देश 1956 से स्थापित राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं।

लाओस के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने और उनकी पत्नी वदस्ना फोमविहाने ने मंगलवार, 2 जून को उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित विश्व-प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक ताजमहल का भ्रमण किया। फोमविहाने सोमवार को तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे थे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और लाओस अपने राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फोमविहाने का स्वागत करते हुए लिखा, 'लाओ पीडीआर के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने का भारत में प्रथम आगमन पर हार्दिक स्वागत है, वे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भारत-लाओस संयुक्त आयोग की 10वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे।' जायसवाल ने यह भी रेखांकित किया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को नई गति देगी।

बुधवार का कार्यक्रम

बुधवार, 3 जून को फोमविहाने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भारत-लाओस संयुक्त आयोग (JCM) की 10वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा वे भारत-लाओस बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे और तत्पश्चात राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले 9वीं JCM बैठक 2018 में वियनतियाने में आयोजित हुई थी।

भारत-लाओस संबंधों की पृष्ठभूमि

भारत और लाओस के बीच राजनयिक संबंध 1956 में स्थापित हुए थे। दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म और रामायण (रामकियेन) जैसी साझा सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से सभ्यतागत जुड़ाव सदियों पुराना है। संस्थागत परामर्श तंत्रों में विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) और संयुक्त आयोग बैठक शामिल हैं — तीसरा FOC 2023 में वियनतियाने में आयोजित हुआ था।

मोदी-सिसोलिथ मुलाकात का संदर्भ

पिछले वर्ष अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान लाओस के राष्ट्रपति थोंगलून सिसोलिथ से भेंट की थी। उस मुलाकात के बाद मोदी ने एक्स पर लिखा था, 'राष्ट्रपति सिसोलिथ से मिलकर हर्ष की अनुभूति हुई। दोनों देशों के बीच का गहरा रिश्ता हमारे लिए लाभदायी है, ये संबंध ट्रेड से लेकर कल्चर तक में परिलक्षित होता है।' फोमविहाने की यह यात्रा उसी द्विपक्षीय संवाद की अगली कड़ी मानी जा रही है।

आगे की राह

JCM की 10वीं बैठक में व्यापार, निवेश, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय संपर्क जैसे विषयों पर चर्चा अपेक्षित है। राजनयिक संबंधों की सात दशक की यात्रा को देखते हुए यह बैठक दोनों देशों के लिए सहयोग के नए क्षेत्र तय करने का अवसर प्रदान करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी अगली बैठक में आठ साल का अंतराल आया — यह दर्शाता है कि संस्थागत संवाद की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। 70 वर्षीय राजनयिक संबंधों और साझा बौद्ध-सांस्कृतिक विरासत के बावजूद व्यापार और निवेश के आँकड़े इस संभावना के अनुरूप नहीं रहे हैं। बिजनेस फोरम और JCM बैठक इस अंतर को पाटने का अवसर हैं, लेकिन ठोस परिणाम घोषणाओं पर नहीं, क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाओस के उप-प्रधानमंत्री थोंगसावन फोमविहाने की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
फोमविहाने तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर आए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भारत-लाओस संयुक्त आयोग (JCM) की 10वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करना है। इसके साथ ही वे भारत-लाओस बिजनेस फोरम में भाग लेंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे।
भारत-लाओस संयुक्त आयोग की 10वीं बैठक कब और कहाँ होगी?
यह बैठक बुधवार, 3 जून को नई दिल्ली में होगी, जिसकी सह-अध्यक्षता लाओस के उप-प्रधानमंत्री थोंगसावन फोमविहाने और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। इससे पहले 9वीं JCM बैठक 2018 में वियनतियाने में हुई थी।
भारत और लाओस के बीच राजनयिक संबंध कब से हैं?
भारत और लाओस के बीच राजनयिक संबंध 1956 में स्थापित हुए थे और इस वर्ष दोनों देश इन संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म और रामायण (रामकियेन) जैसी साझा सांस्कृतिक विरासत के कारण सभ्यतागत जुड़ाव और भी पुराना है।
PM मोदी और लाओस के राष्ट्रपति के बीच पिछली मुलाकात कब हुई थी?
पिछले वर्ष अगस्त में PM नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान लाओस के राष्ट्रपति थोंगलून सिसोलिथ से मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार से लेकर सांस्कृतिक संबंधों तक द्विपक्षीय साझेदारी के महत्व पर जोर दिया था।
फोमविहाने की यात्रा में ताजमहल भ्रमण का क्या महत्व है?
ताजमहल भ्रमण आधिकारिक कार्यक्रम का सांस्कृतिक पक्ष है, जो भारत की विरासत कूटनीति का हिस्सा माना जाता है। यह यात्रा भारत-लाओस के ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित करती है, जो राजनीतिक और व्यावसायिक संवाद से परे एक गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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