दिल्ली में नाबालिग से गैंगरेप: LSR कॉलेज ने की ऑनलाइन क्लास, कांग्रेस बोली — 'महिलाएं सुरक्षित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन (LSR) ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को अपनी नियमित कक्षाएं ऑनलाइन मोड में कर दीं। इस फैसले पर कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए एक साफ संदेश है कि दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
घटनाक्रम और कॉलेज का फैसला
मंगलवार को आस्था कुंज पार्क के पास 17 साल की एक लड़की के साथ कथित रेप की सूचना मिलने के बाद LSR कॉलेज प्रशासन ने तत्काल निर्णय लेते हुए नियमित कक्षाएं रद्द कर दीं और बुधवार के लिए उन्हें ऑनलाइन कर दिया। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उल्लेखनीय है कि यह घटना दिल्ली में लगभग 10 दिनों के भीतर नाबालिगों के साथ कथित रेप या यौन उत्पीड़न के चार अलग-अलग मामलों में से एक है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा, 'जब LSR कॉलेज महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए क्लास ऑनलाइन करता है, तो इससे साफ संदेश जाता है कि दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।' दत्त ने यह भी कहा कि दत्त ने कहा, 'दुख की बात है कि नाबालिग लड़की के साथ रेप करने वालों ने पुलिस अधिकारी होने का नाटक किया। जिस तरह जंतर-मंतर पर कई निजी लोगों को पुलिस की लाठियां लिए देखा गया, उससे पता चलता है कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है।'
दत्त ने आगे आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के अधिकांश अधिकारी वीआईपी सुरक्षा में तैनात रहते हैं, जबकि आम नागरिकों की सुरक्षा को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
पुलिसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल
कांग्रेस नेता ने दिल्ली पुलिस में कथित तौर पर लगभग 12,000 सुरक्षा कर्मियों की कमी का हवाला देते हुए कहा, 'एलजी को हमें बताना चाहिए कि दिल्ली पुलिस में कितनी महिला कर्मी हैं। दिल्ली में कितने मेट्रो स्टेशन हैं और क्या वहां पर्याप्त पुलिसिंग है?' दत्त ने यह भी कहा कि उपराज्यपाल के आवास पर ही कम से कम 50 पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं।
दत्त ने माँग की कि उपराज्यपाल तत्काल दिल्ली में सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और भाजपा नेताओं को दी गई सुरक्षा की समीक्षा करें, जिनके साथ दो से लेकर 50 तक पुलिस कर्मी तैनात बताए जाते हैं।
एलजी का 'पिंक फोर्स' निर्देश
मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल संधू ने पुलिस को गोवा पुलिस की 'पिंक फोर्स' की तर्ज पर एक विशेष महिला बल बनाने का निर्देश दिया, जिसमें महिला कर्मियों को पहचाने गए हॉटस्पॉट पर, विशेषकर संवेदनशील समय के दौरान, तैनात किया जाएगा। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि केवल नीतिगत घोषणाओं से ज़मीनी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती — इसके लिए तत्काल कर्मी भर्ती और तैनाती की आवश्यकता है।
आगे क्या होगा
यह घटना ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। 10 दिनों के भीतर चार मामलों की रिपोर्ट ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। 'पिंक फोर्स' के गठन की समय-सीमा और भर्ती प्रक्रिया की घोषणा अभी बाकी है, जबकि कांग्रेस समेत विपक्षी दल जवाबदेही की माँग तेज़ कर रहे हैं।