17 जुलाई 2026
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लखनऊ में हीट वेव से राहत: नगर निगम के 'कूलिंग पॉइंट' पर मिल रहा पेयजल और विश्राम, 150+ स्थानों पर कैनोपी

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लखनऊ में हीट वेव से राहत: नगर निगम के 'कूलिंग पॉइंट' पर मिल रहा पेयजल और विश्राम, 150+ स्थानों पर कैनोपी

सारांश

भीषण गर्मी से जूझ रहे लखनऊ में नगर निगम सड़कों पर उतर आया है — मिट्टी-जूट से बने 'कूलिंग पॉइंट', 150 से अधिक स्थानों पर पेयजल कैनोपी और 24 रैनबसेरे राहत केंद्र। महापौर सुषमा खर्कवाल ने खुद मोर्चा संभाला।

मुख्य बातें

लखनऊ नगर निगम ने 1 जून 2026 को हीट वेव राहत के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर 'कूलिंग पॉइंट' स्थापित किए।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने जीपीओ के पास कूलिंग पॉइंट का उद्घाटन किया; पॉलीटेक्निक चौराहा , 1090 चौराहा और लालबाग पर केंद्र पहले से सक्रिय।
कूलिंग पॉइंट मिट्टी और जूट से निर्मित हैं, जिससे भीतर का तापमान बाहर से कम रहता है।
जलकल विभाग के सहयोग से 150 से अधिक स्थानों पर कैनोपी लगाकर शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
शहर के 24 रैनबसेरों को हीट वेव राहत केंद्र के रूप में तैयार किया गया है।
रिक्शा चालक, दिहाड़ी श्रमिक और डिलीवरी कर्मी इन केंद्रों के प्राथमिक लाभार्थी हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1 जून 2026 को भीषण हीट वेव के बीच लखनऊ नगर निगम ने आमजन को राहत देने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर 'कूलिंग पॉइंट' स्थापित करने का विशेष अभियान तेज कर दिया है। इन केंद्रों पर राहगीरों, रिक्शा चालकों, दिहाड़ी श्रमिकों और डिलीवरी कर्मियों को प्राकृतिक शीतलता, पेयजल और विश्राम की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

महापौर ने किया उद्घाटन

महापौर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को विधानसभा के निकट जीपीओ के पास स्थापित एक कूलिंग पॉइंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में नगर निगम का एकमात्र लक्ष्य शहरवासियों को अधिकतम राहत सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि पॉलीटेक्निक चौराहा, कुर्सी रोड स्थित सृष्टि अपार्टमेंट, 1090 चौराहा और लालबाग स्थित नगर निगम मुख्यालय पर कूलिंग पॉइंट पहले से संचालित हो रहे हैं।

इसके अतिरिक्त गोमतीनगर के पत्रकारपुरम चौराहे और जीएसटी भवन सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

पर्यावरण अनुकूल निर्माण

अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि इन कूलिंग पॉइंट्स का निर्माण पर्यावरण अनुकूल अवधारणा पर आधारित है। इनकी दीवारों और छत में मिट्टी तथा जूट जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया है, जिससे भीतर का तापमान बाहरी वातावरण की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम बना रहता है।

प्रत्येक केंद्र पर बेड, सोफा, कुर्सियाँ, पंखे, कूलर, मटकों में शीतल पेयजल और गुड़ की व्यवस्था की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग ने लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की है।

24 रैनबसेरे बने राहत केंद्र

नगर निगम ने शहर के 24 रैनबसेरों को भी हीट वेव राहत केंद्र के रूप में तैयार किया है। इन केंद्रों पर पहले से उपलब्ध आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ स्वच्छ और ठंडे पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है, ताकि दोपहर की भीषण गर्मी में लोग सुरक्षित स्थान पर विश्राम कर सकें।

150 से अधिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था

महापौर खर्कवाल ने बताया कि जलकल विभाग के सहयोग से शहर के 150 से अधिक स्थानों पर कैनोपी लगाकर शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मटकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खुले में काम करने वाले श्रमिकों और राहगीरों को तत्काल राहत मिल रही है।

नगर निगम के अनुसार ये राहत केंद्र न केवल नागरिकों को तत्काल सुरक्षा प्रदान करेंगे, बल्कि लू से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और गर्मी के मामलों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आने वाले दिनों में और अधिक स्थानों पर ऐसे केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें से अधिकांश असंगठित क्षेत्र के मजदूर होते हैं — ठीक वही वर्ग जिसे ये केंद्र लक्षित करते हैं। यदि यह मॉडल व्यवस्थित रूप से लागू हो और अन्य उत्तर प्रदेश के शहर इसे अपनाएं, तो यह एक नीतिगत उदाहरण बन सकता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ के कूलिंग पॉइंट क्या हैं और ये कहाँ स्थित हैं?
लखनऊ नगर निगम द्वारा हीट वेव राहत के लिए स्थापित ये केंद्र शहर के प्रमुख चौराहों — पॉलीटेक्निक चौराहा, 1090 चौराहा, जीपीओ के पास और लालबाग मुख्यालय — पर संचालित हैं। गोमतीनगर के पत्रकारपुरम चौराहे और जीएसटी भवन पर भी ये विकसित किए जा रहे हैं।
कूलिंग पॉइंट पर क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
इन केंद्रों पर बेड, सोफा, कुर्सियाँ, पंखे, कूलर, मटकों में शीतल पेयजल और गुड़ उपलब्ध है। ये केंद्र मिट्टी और जूट से निर्मित हैं, जिससे भीतर का तापमान बाहर की तुलना में कम रहता है।
लखनऊ में हीट वेव से राहत के लिए नगर निगम ने और क्या कदम उठाए हैं?
नगर निगम ने शहर के 24 रैनबसेरों को राहत केंद्र के रूप में तैयार किया है और जलकल विभाग के सहयोग से 150 से अधिक स्थानों पर कैनोपी लगाकर शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
इन कूलिंग पॉइंट का लाभ किसे मिलेगा?
ये केंद्र विशेष रूप से रिक्शा चालकों, दिहाड़ी श्रमिकों, डिलीवरी कर्मियों और खुले में काम करने वाले राहगीरों के लिए बनाए गए हैं। भीषण दोपहर में ये वर्ग सबसे अधिक हीट वेव के जोखिम में होते हैं।
कूलिंग पॉइंट का उद्घाटन किसने किया?
महापौर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को विधानसभा के निकट जीपीओ के पास स्थापित कूलिंग पॉइंट का उद्घाटन किया। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने इन केंद्रों की तकनीकी जानकारी साझा की।
राष्ट्र प्रेस
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