20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र: हर खेल मैदान पर शौचालय, चेंजिंग रूम, CCTV अनिवार्य, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र: हर खेल मैदान पर शौचालय, चेंजिंग रूम, CCTV अनिवार्य, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के निर्देश

सारांश

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने राज्य के हर खेल मैदान पर शौचालय, अलग चेंजिंग रूम, लाइटिंग और CCTV अनिवार्य करने के निर्देश दिए। मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में हुई इस बैठक का मकसद महिला एथलीटों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना है — एक राज्य-स्तरीय एकीकृत खेल मैदान नीति का खाका भी तैयार होगा।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने 3 जून को मुंबई में बैठक की अध्यक्षता की।
हर खेल मैदान पर शौचालय, अलग चेंजिंग रूम, लाइटिंग और CCTV अनिवार्य करने के निर्देश।
खेल मैदानों के विकास के लिए राज्य-स्तरीय एकीकृत नीति बनेगी।
नई खेल नीति में 'खिलाड़ी-केंद्रित' दृष्टिकोण; ग्रामीण खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान।
बैठक में मंत्री माधुरी मिसाल , विधायक चित्रा वाघ , मिलिंद नार्वेकर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने 3 जून को मुंबई के 'सह्याद्री अतिथिगृह' में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में निर्देश दिए कि राज्य के हर खेल मैदान पर आदर्श शौचालय, अलग चेंजिंग रूम, पर्याप्त लाइटिंग और CCTV सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाए जाएँ। यह कदम राज्य की महिला एथलीटों को सुरक्षित और सम्मानजनक प्रशिक्षण माहौल देने की दिशा में उठाया गया बड़ा नीतिगत संकेत है।

बैठक के मुख्य निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं, ऐसे में उन्हें ‘सुरक्षित, सम्मानजनक और उत्साहवर्धक’ माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने खेल मैदानों के विकास के लिए एक राज्य-स्तरीय एकीकृत नीति तैयार करने का निर्देश भी दिया।

बैठक में कौन-कौन शामिल

बैठक में शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, विधायक मिलिंद नार्वेकर, विधायक चित्रा वाघ, सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राधा, खेल विभाग के प्रधान सचिव रणजीत सिंह देओल, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. राजेश देशमुख, कोंकण संभाग की आयुक्त रूबल अग्रवाल (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), खेल एवं युवा सेवा विभाग के आयुक्त दीपक सिंगला और बृहन्मुंबई नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकने सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्यों ज़रूरी है यह पहल

सुनेत्रा पवार ने रेखांकित किया कि खेल क्षेत्र के विकास के लिए ‘सक्षम बुनियादी ढाँचा, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, पोषण, कोचों का मार्गदर्शन, सुरक्षित माहौल और सामाजिक स्वीकृति’ — ये सभी समान रूप से ज़रूरी हैं। उन्होंने जोड़ा कि यदि महिला खिलाड़ियों को मैदान पर ज़रूरी बुनियादी सुविधाएँ मिलें, तो उनकी भागीदारी और प्रदर्शन दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा। गौरतलब है कि महिला एथलीटों के लिए मैदानों पर सुरक्षित शौचालय और चेंजिंग रूम का अभाव लंबे समय से देशभर में एक बड़ी संरचनात्मक समस्या रही है।

नई खेल नीति का खाका

राज्य सरकार ने खेल क्षेत्र में व्यापक सुधार का निर्णय लिया है और नई खेल नीति के तहत 'खिलाड़ी-केंद्रित' दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अवसर देने के लिए कई पहलें लागू की जा रही हैं।

आगे की कार्ययोजना

उपमुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से काम करते हुए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया है। बैठक में राज्य के मैदानों पर महिला खिलाड़ियों के लिए मौजूद सुविधाओं की वर्तमान स्थिति, ज़रूरी सुधारों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली महत्व उस ‘असुविधा’ को स्वीकार करने में है जिसे दशकों से नज़रअंदाज़ किया गया — महिला खिलाड़ियों के लिए मैदानों पर सुरक्षित शौचालय और चेंजिंग रूम का अभाव। असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी: क्या ज़िला स्तर पर बजट, ऑडिट और जवाबदेही तंत्र बनेगा, या यह भी अन्य ‘नीति-स्तरीय’ घोषणाओं की तरह कागज़ी रह जाएगी। ग्रामीण मैदानों, जहाँ ज़्यादातर भावी एथलीट उभरती हैं, वहीं असली कसौटी है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनेत्रा पवार ने खेल मैदानों के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने महाराष्ट्र के हर खेल मैदान पर आदर्श शौचालय, अलग चेंजिंग रूम, पर्याप्त लाइटिंग और CCTV सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम महिला एथलीटों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह बैठक कहाँ और कब हुई?
बैठक 3 जून को मुंबई स्थित 'सह्याद्री अतिथिगृह' में हुई, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने की। इसमें खेल, शहरी विकास और सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में कौन-कौन शामिल था?
बैठक में शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, विधायक मिलिंद नार्वेकर और चित्रा वाघ, अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राधा, खेल विभाग के प्रधान सचिव रणजीत सिंह देओल और कोंकण संभाग की आयुक्त रूबल अग्रवाल (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नई खेल नीति का मुख्य फोकस क्या है?
नई खेल नीति का मुख्य फोकस ‘खिलाड़ी-केंद्रित’ दृष्टिकोण है, जिसमें बुनियादी ढाँचा, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, पोषण और सुरक्षित माहौल को समान महत्व दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना इसका एक प्रमुख लक्ष्य है।
महिला एथलीटों को इससे क्या फायदा होगा?
महिला एथलीटों को मैदान पर सुरक्षित शौचालय, अलग चेंजिंग रूम और CCTV निगरानी जैसी ज़रूरी सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे उनकी सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित होगी। सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं से उनकी भागीदारी और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले