महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस: लोकपाल की शक्तियों की सीमा पर विचार होगा

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महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस: लोकपाल की शक्तियों की सीमा पर विचार होगा

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा को लोकायुक्त की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस मामले में लोकपाल की शक्तियों की सीमा पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं। जानें इस प्रकरण में क्या है आगे की राह।

Key Takeaways

  • महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिला है।
  • लोकपाल की शक्तियों पर विचार किया जाएगा।
  • कोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगाई है।
  • तीन हफ्ते में जवाब मांगा गया है।
  • मामले की जांच जारी है।

नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कैश फॉर क्वेरी मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को दिल्ली उच्च न्यायालय से मिली राहत के खिलाफ दायर लोकायुक्त की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभी लोकपाल सीबीआई को उनके खिलाफ चार्जशीट दायर करने के लिए नहीं कह सकता।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की बेंच ने लोकपाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए महुआ मोइत्रा, सीबीआई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को नोटिस जारी किया है और तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस केवल इस बात को तय करने के लिए जारी किया गया है कि लोकपाल की शक्तियों की सीमा क्या है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश पर भी रोक लगाई, जिसमें लोकपाल को 60 दिनों के भीतर यह तय करने का निर्देश दिया गया था कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई को चार्जशीट दायर करने की अनुमति दी जाए या नहीं।

सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और लोकपाल की ओर से सीनियर एडवोकेट रंजीत कुमार पेश हुए।

एसजी तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय ने लोकपाल की शक्तियों के बारे में जो कहा, उससे सीबीआई सहमत है, लेकिन महुआ मोइत्रा की इस मामले में जांच होनी चाहिए।

लोकपाल की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि हम यहां उच्च न्यायालय द्वारा लोकपाल के संबंध में दिए गए आदेश पर सुनवाई चाहते हैं।

वहीं, महुआ मोइत्रा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखने की मांग की। सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या लोकपाल किसी आरोपी सरकारी कर्मचारी को नोटिस जारी कर सकता है और क्या वह दलीलें सुन सकता है।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये ऐसे कानूनी मुद्दे हैं जो पहली बार सामने आए हैं। इसलिए लोकपाल की शक्तियों, उनकी वैधानिक सीमाओं और जांच के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर विस्तार से विचार करना जरूरी है।

लोकपाल ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और वर्तमान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से जुड़े आरोपों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

Point of View

बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं की सीमाओं को भी चुनौती देता है।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

महुआ मोइत्रा के खिलाफ क्या आरोप हैं?
महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश फॉर क्वेरी मामले में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्णय लिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी है और लोकपाल की शक्तियों की सीमा पर विचार कर रहा है।
लोकपाल की शक्तियों की सीमा क्या है?
लोकपाल की शक्तियों की सीमा इस मामले में एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट विचार कर रहा है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
क्या महुआ मोइत्रा को राहत मिलेगी?
इसका निर्णय सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करेगा।
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